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भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का संसद के समक्ष अभिभाषण

माननीय सदस्यगण, 

1. इस नए संसद भवन में यह मेरा पहला संबोधन है।

आज़ादी के अमृतकाल की शुरुआत में यह भव्य भवन बना है।

यहां एक भारत श्रेष्ठ भारत की महक भी है।

भारत की सभ्यता और संस्कृति की चेतना भी है।

इसमें, हमारी लोकतांत्रिक और संसदीय परंपराओं के सम्मान का प्रण भी है।

साथ ही, 21वीं सदी के नए भारत के लिए, नई परंपराओं के निर्माण का संकल्प भी है।

मुझे पूरा विश्वास है कि इस नए भवन में नीतियों पर सार्थक संवाद होगा।

ऐसी नीतियां जो आज़ादी के अमृतकाल में विकसित भारत का निर्माण करेंगी।

मैं आप सभी को अपनी शुभकामनाएं देती हूं।

फ्रांस के राष्ट्रपति महामहिम इमैनुएल मैक्रों के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण

फ्रांस के राष्ट्रपति महामहिम इमैनुएल मैक्रों के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण

यह कई मायनों में एक ऐतिहासिक और यादगार क्षण है। शायद ही कभी ऐसा हुआ होगा, कि दो देशों के नेता, लगातार एक-दूसरे के राष्ट्रीय दिवस परेड और समारोह में मुख्य अतिथि रहे हैं।

हमारी दोस्ती की गहराई और हमारी साझेदारी की मजबूती का, 14 जुलाई 2023 और 26 जनवरी 2024 से बेहतर कोई प्रतीक नहीं हो सकता।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 14वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर संबोधन

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 14वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर संबोधन

आज, भारत के निर्वाचन आयोग के पचहत्तरवें स्थापना दिवस तथा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देती हूं। चुनाव प्रक्रिया में सराहनीय योगदान देने के लिए चुने गए सभी पुरस्कार विजेताओं को मैं विशेष बधाई देती हूं।

भारत की राष्‍ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का प्रधानमंत्री राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार प्रदान करने के अवसर पर संबोधन

आज मुझे आप सभी के बीच उपस्थित होकर हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। खासकर यहां आए हुए बच्चों को देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह पुरस्कार समारोह young achievers की अद्भुत क्षमता और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का अवसर है। यह बच्चों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने का अवसर भी है। मैं सभी पुरस्कार विजेता बच्चों को बहुत-बहुत बधाई देती हूँ।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का MNR Educational Trust के स्वर्ण जयंती समारोह में सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का MNR Educational Trust के स्वर्ण जयंती समारोह में सम्बोधन

शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को मैं विशेष महत्व देती हूं। शिक्षा के माध्यम से ही जीवन में आगे बढ़ने के द्वार खुलते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के बल पर ही कोई भी व्यक्ति सक्रिय रह सकता है।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का मेघालय में नागरिक अभिनंदन समारोह में संबोधन

मेघालय, जैसा कि इसका नाम ही कहता है, दिव्य सुंदरता से भरी भूमि है। शिलांग की असाधारण शांति से लेखकों, संतों, स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को प्रेरणा मिली है। गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की रचनात्मकता इस क्षेत्र के परिवेश से प्रेरित हुई और उन्होंने 'शेशेर कोबिता' उपन्यास लिखा। सेंट एडमंड कॉलेज में, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने स्वतंत्रता के लिए एक प्रेरक भाषण दिया। वर्तमान में रामकृष्ण मिशन विवेकानन्द सांस्कृतिक केन्द्र के नाम से प्रसिद्ध क्विंटन मेमोरियल हॉल में स्वामी विवेकानन्द ने जीवन की तुलना तीर्थयात्रा से की थी। मैं, स्वतंत्रता सेनानी यू सिब चरण को भी याद करती हूँ, जिन्होंने असहय

भारत की माननीय राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का मावफलांग, मेघालय में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान संबोधन।

भारत की माननीय राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का मावफलांग, मेघालय में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान संबोधन

मुझे, यहां बड़ी संख्या में आए हुए मेघालय के जनजातीय भाइयों और बहनों से मिलकर प्रसन्नता हुई है। मैं, वास्तव में आपके साथ बातचीत करने की उत्सुक थी। मैं जब मेघालय पहुंची, तो मैंने अनुभव किया कि इस राज्य को वास्तव में प्रकृति का विलक्षण आशीर्वाद प्राप्त है।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ बातचीत के अवसर पर संबोधन।

मैं, आज इस कार्यक्रम में शामिल होकर और मेघालय के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ बातचीत करके प्रसन्न हूँ। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अपनी यात्राओं के दौरान, मैंने महिलाओं के कई स्वयं सहायता समूहों से मुलाकात और बातचीत की है। इन बातचीतों के दौरान, मैंने पाया कि जब से उन्होंने कमाना और अपने परिवारों के लिए आर्थिक योगदान देना शुरू किया है, तब से वे सब अपने जीवन से अधिक खुश और अधिक संतुष्ट हैं। ऐसे स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों की महिलाओं ने अपना एक नया स्वरूप पाया है।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का मेघालय खेल कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर संबोधन।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का मेघालय खेल कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर संबोधन।

मुझे मल्टीस्पोर्ट इवेंट - मेघालय गेम्स के उद्घाटन समारोह में उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। मैं, भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देती हूं। मुझे विश्वास है कि वे मेघालय खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि मेघालय खेलों का यह उद्घाटन समारोह पी ए संगमा फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है, जिसे

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