उपसाला विश्वविद्यालय, स्वीडन में ‘‘टैगोर और गांधी : क्या विश्व शांति के लिए उनकी समसामयिक प्रासंगिकता है?’’ विषय पर भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
उपसाला विश्वविद्यालय में आकर भारत के राष्ट्रकवि और साहित्य के लिए प्रथम गैर यूरोपीय नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर तथा भारत के राष्ट्रपिता, महात्मा गांधी की समसामयिक प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रकट करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।

बेलारूस के गणराज्य के महामहिम राष्ट्रपति, एलेक्जेंडर लुकाशेन्को,
महामहिम डॉ. जकाया म्रिशो कीक्वेटे,
24वां सरस्वती सम्मान प्रदान करने के अवसर पर आज यहां उपस्थित होना मेरे लिए बहुत प्रसन्नता की बात है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को मेरे साथी सांसद तथा कई दशक पुराने मित्र माननीय डॉ. एम. वीरप्पा मोइली को प्रदान करने का सौभाग्य मिलने पर मुझे विशेष प्रसन्नता हो रही है। मैं डॉ. मोईली से सफल राजनीतिक जीवन के साथ-साथ प्रचुर लेखन के द्वारा साहित्य के योगदान के लिए बधाई देता हूं।