भारतीय और रूसी विश्वविद्यालयों की बैठक में भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
1.भारत और रूस के कुछ सर्वोत्तम शिक्षा संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले शिक्षाविदों के समूह के बीच उपस्थित होकर मुझे खुशी हो रही है। वर्तमान ज्ञान संपन्न समाजों में जहां नवान्वेषण विकास, प्रगति और समृद्धि का आधार है, शिक्षा और अनुसंधान संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आपका प्रत्येक संस्थान भारत और रूस के राष्ट्रीय विकास में प्रमुख सहभागी है।

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आप सभी को शुभकामनाएं देते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।
उत्तराखंड विधान सभा के इस विशेष सत्र में, इस सुंदर राजधानी नगरी देहरादून में उपस्थित होकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। मुझे आज आपके बीच यहां आने के लिए आमंत्रित करने हेतु मैं उत्तराखण्ड विधान सभा के माननीय अध्यक्ष,श्री गोविंद कुंजवाल को धन्यवाद देता हूं।
उपसाला विश्वविद्यालय में आकर भारत के राष्ट्रकवि और साहित्य के लिए प्रथम गैर यूरोपीय नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर तथा भारत के राष्ट्रपिता, महात्मा गांधी की समसामयिक प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रकट करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
बेलारूस के गणराज्य के महामहिम राष्ट्रपति, एलेक्जेंडर लुकाशेन्को,
महामहिम डॉ. जकाया म्रिशो कीक्वेटे,