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जम्मू विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण का सारांश

मुझे जम्मू विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर आज आपके बीच उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। मैं सभी स्नातक विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे आने वाले वर्षों में अपनी चुनी हुई आजीविका में अत्यंत श्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।

डॉ. अम्बेडकर द्वारा परिकल्पित 21वीं सदी में भारत की संकल्पना पर डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति व्याख्यान के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति का अभिभाषण

मुझे डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन द्वारा आयोजित किए जा रहे वर्ष 2014का पांचवां डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्मृति व्याख्यान देकर प्रसन्नता हो रही है। मुझे यह सम्मान प्रदान करने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावर चंद गहलोत तथा आयोजकों के प्रति आभारी हूं।

शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाने के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाने के अवसर पर आज आपके बीच उपस्थित होने पर मुझे खुशी हुई है। मैं उन सभी शिक्षकों को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं जो अपने सराहनीय कार्य तथा राष्ट्र की सेवा के लिए पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं। आज 05 सितम्बर का दिन देश के एक महान दार्शनिक, विचारक, विद्वान और शिक्षाविद भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जन्म जयंति है। बहुत वर्ष पहले उन्होंने बोधगम्य विचार व्यक्त किए थे:

किंग्स कॉलज, लंदन और यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड के विद्यार्थियों से भेंट के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

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मुझे किंग्स कॉलेज,लंदन और यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग,स्कॉटलैंड के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों से मिलने के लिए इस शाम आपके बीच उपस्थित होकर वास्तव में प्रसन्नता हो रही है। भारत और यूनाइटेड किंग्डम,एक दीर्घ परम्परा और इतिहास तथा बहुआयामी संबंधों से जुड़े हुए हैं। आज शाम आपकी यहां उपस्थिति दोनों देशों के बीच सद्भावना और विश्वास की महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है।

देवियो और सज्जनो,

चीन जनवादी गणराज्य के महामहिम राष्ट्रपति श्री शी चिन्पिंग के सम्मान में आयोजित राज-भोज के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति का अभिभाषण

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महामहिम, श्री शी चिन्पिंग,

चीन जनवादी गणराज्य के राष्ट्रपति,

महामहिमगण,

देवियो और सज्जनो,

मुझे आपका, श्रीमती पँग लियुआन और आपके शिष्टमंडल के विशिष्ट सदस्यों का आज की शाम राष्ट्रपति भवन में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है।

आपकी, भारत की सरकारी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और चीन अपने द्विपक्षीय संबंधों के नए युग में प्रवेश के लिए उत्सुक हैं।

जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोहों के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

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1. मुझे आज की दोपहर यहां अपने देश के एक सर्वोच्च चिकित्सा संस्थान,जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोहों के लिए उपस्थित होकर बहुत प्रसन्नता हो रही है। मैं आपको इस ऐतिहासिक समारोह में भाग लेने के लिए मुझे आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद देता हूं।

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