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भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में संबोधन

आज अनंतपुरमु के ऐतिहासिक शहर में आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यधिक प्रसन्नता हो रही है। इस ज़िले का आंध्र प्रदेश के इतिहास में एक विशेष स्थान है और यह अपनी समृद्ध विरासत और विजयनगर साम्राज्य की भव्य वास्तुकला के लिए जाना जाता है। मुझे आप सबको यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि यह जिला मेरे दो प्रतिष्ठित पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों से जुड़ा रहा है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने यहां के सरकारी महाविद्यालय में पढ़ाया है और डॉ.

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारतीय सैन्य अकादमी के ग्रेजुएट कोर्स की दीक्षांत परेड के अवसर पर संबोधन

मुझे भारतीय सैन्य अकादमी के इस ऐतिहासिक कैंपस में आप सबके बीच उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। यह अकादमी प्रतिष्ठा, साहस और देश के लिए निस्वार्थ सेवा का शानदार प्रतीक रही है। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले और भारत की गरिमा को बनाए रखने वाले अनेक असाधारण सेनानायक इसी अकादमी से प्रशिक्षण पाकर निकले हैं। मैं इस अवसर पर, इस प्रतिष्ठित संस्थान से पूर्व में और वर्तमान में जुड़े सभी लोगों की सराहना करती हूं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का केन्द्रीय जनजातीय विश्‍वविद्यालय आंध्र प्रदेश के प्रथम दीक्षान्त समारोह में संबोधन

आंध्र प्रदेश के इस ऐतिहासिक नगर में इस केन्द्रीय जनजातीय विश्‍वविद्यालय के प्रथम दीक्षान्त समारोह को संबोधित करते हुए मुझे प्रसन्नता हो रही है। आज उपाधियाँ प्राप्त करने वाले तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मेरी शुभकामनाएँ और बधाई। वे सभी शिक्षक गण, अभिभावक गण भी बधाई के पात्र हैं जिन्होंने विद्यार्थियों का प्रोत्साहन और मार्गदर्शन किया।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सेना इंजीनियरी सेवा के प्रोबेशनर्स से मुलाकात के अवसर पर संबोधन

प्रिय प्रशिक्षु अधिकारियो,

मैं आप सभी को सेना इंजीनियरी सेवा (एमईएस) में शामिल होने पर बधाई देती हूं। इस संगठन ने देश के डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का विश्व सिकल सेल दिवस पर संबोधन

अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चुनौती का सामना करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों की मैं सराहना करती हूं। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत मध्य प्रदेश ने जो बहुआयामी उपलब्धियां हासिल की हैं, उसके लिए मैं राज्य सरकार की सराहना करती हूं। 

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में संबोधन

आज रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर आप सबके बीच आकर मुझे प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। रानी दुर्गावती जिनके नाम पर यह विश्वविद्यालय स्थापित है वे अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति थीं। पिछले वर्ष ही गोंडवाना साम्राज्य की उस महान शासक और वीरांगना की 501वीं जन्म-जयंती देशवासियों ने मनाई थी। संयोग से आज से दो दिन बाद 24 जून को उनका 462वां बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती भारत की नारी शक्ति के शौर्य की प्रतीक हैं। वे सदैव नारी शक्ति के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगी। मैं महान रानी दुर्गावती की स्मृति में सादर नमन करती हूं।

देवियो और सज्जनो,

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ओड़िशा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में ओड़िआ मूल सम्बोधन का हिन्दी रूपान्तरण

सबसे पहले मैं मयूरभंज की माटी पर भारत के माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत करती हूँ। वे हमारे गाँव पहाड़पुर से होकर यहाँ आए हैं। वहाँ वे आदिवासियों के पवित्र स्थान गोषाणी पीठ और जाहेर थान गए थे। उन्होंने SLS Trust में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से बातचीत भी की। प्रधानमंत्री के रूप में पहाड़‌पुर और राइरंगपुर अंचल में मोदी जी का यह प्रथम शुभागमन है। इससे पहले वर्ष 2004 में वे राइरंगपुर आए थे। तब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

मोदी जी,

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तीकरण महा सम्मेलन में सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  अध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तीकरण महा सम्मेलन में  सम्बोधन (HINDI)

जनजातीय समुदाय के सशक्तीकरण के लक्ष्य पर केन्द्रित इस महा- सम्मेलन में उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मैं ब्रह्माकुमारी संस्था को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए हार्दिक बधाई देती हूँ।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का एकीकृत जनजातीय विकास संस्थाओं और एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाओं के राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्बोधन

जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को समर्पित संस्थाओं के इस नेशनल कॉन्क्लेव में आज आपके बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।

यह सम्मेलन tribal change agents का सम्मेलन है। आप सब पर जनजातीय समुदायों के कल्याण और विकास कार्यक्रमों को उनके गांव और घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है। ऐसा करके आप सब जनजातीय समुदायों के भाई-बहनों के जीवन में बहुत अच्छा बदलाव ला सकते हैं।

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