आजीविका सुरक्षा संबंधी एसोचैम शिखर सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति का अभिभाषण
1. मुझे आज ‘आजीविका सुरक्षा : 1.3बिलियन भारतीयों के लिए परिकल्पना को साकार करना’ विषय पर शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करने तथा कुछ समय पूर्व इस विषय पर प्रतिवेदन की प्रथम प्रति प्राप्त करने के लिए यहां उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। आरंभ में मैं हमारे समाज को व्यापक दायरे को छूने वाले इस मुद्दे पर इस सम्मेलन के आयोजन के लिए देश के एक अग्रणी उद्योग संघ एसोचैम की सराहना करता हूं।

महामहिम,ल्योन्छेन सेरिंग तोबगे, भूटान के प्रधानमंत्री,
प्रख्यात हिंदी कवि डॉ. केदारनाथ सिंह को भारतीय साहित्य में असाधारण योगदान के लिए 49वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किए जाने के शुभ अवसर पर आज आपके बीच उपस्थित होना वास्तव में मेरे लिए प्रसन्नता की बात है। मैं इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को जीतने के लिए उन्हें बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि वह आने वाले वर्षों में हिंदी साहित्य को समृद्ध करते रहेंगे।
1.सबसे पहले, मैं राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के54वें एनडीसी पाठ्यक्रम, जिसमें सिविल सेवाओं,सशस्त्र सेनाओं के अधिकारी तथा विदेशी मित्र देशों के अधिकारी शामिल हैं,में भाग ले रहे प्रतिभागियों के साथ अपने कुछ विचार बांटने का अवसर देने के लिए राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के प्रति गहरा आभार प्रकट करता हूं। मैं राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आप सभी का स्वागत करता हूं।
मुझे इस संध्या 20वें न्यायमूर्ति सुनंदा भण्डारे स्मृति व्याख्यान देने के लिए यहां उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। स्वर्गीय न्यायमूर्ति भण्डारे महिला अधिकारों की संरक्षक थीं। उन्होंने अपने पेशे और पिछड़ों के प्रति चिंता के संबंध में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया। 52 वर्ष की आयु में उनकी असमय मृत्यु से एक महान और समृद्ध जीवनवृत्त का दुखद अंत हो गया।
मुझे जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जन्म-जयंती के अवसर पर आयोजित46वां जवाहरलाल नेहरू स्मृति व्याख्यान देते हुए सम्मान का अनुभव हो रहा है। मैं इस निमंत्रण के लिए जवाहरलाल नेहरू स्मृति फंड की अध्यक्षा,श्रीमती सोनिया गांधी तथा इसके न्यासियों के प्रति आशा व्यक्त करता हूं।
मुझे आज वृंदावन में आपके बीच उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। मैं ऐसी अद्वितीय परियोजना की संकल्पना के लिए इस्कॉन को बधाई देता हूं। मैं समझता हूं कि वृंदावन चंद्रोदय मंदिर,जिसकी आधारशिला इस वर्ष 16 मार्च को रखी गई थी,भगवान श्रीकृष्ण की महिमा और काल को पुनसर्जित करने वाली स्थापत्यकला की एक भव्य रचना है। इससे प्रत्येक वर्ष वृंदावन में एकत्र होने वाले हजारों श्रद्धालुओं को आध्
1. देश के उच्च शिक्षण के उत्कृष्ट केंद्रों में से एक जामिया मिलिया इस्लामिया के वार्षिक दीक्षांत समारोह में आज यहां उपस्थित होना मेरे लिए खुशी का अवसर है। सबसे पहले मैं इस सम्माननीय अवसर का हिस्सा बनने के लिए निमंत्रण देने हेतु विश्वविद्यालय को धन्यवाद देता हूं।
मुझे भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी तथा सेंट जॉन एम्बुलेंस (भारत) की वार्षिक बैठक में आपके बीच उपस्थित होकर वास्तव में बहुत खुशी हो रही है। सबसे पहले मैं, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी तथा सेंट जॉन एंम्बुलेंस (भारत) का हार्दिक अभिनंदन करना चाहूंगा। मैं उनकी नि:स्वार्थ सेवा तथा भारतीय समाज के सभी हिस्सों में मानवतावादी कार्य के लिए उनको बधाई देता हूं। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी तथा सेंट ज