राष्ट्र को ‘रुपे’ कार्ड समर्पित करने के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

मुझे आज अपराह्न में रुपे समर्पण समारोह में आपके बीच उपस्थित होकर वास्तव में खुशी हो रही है।

मुझे आज अपराह्न में रुपे समर्पण समारोह में आपके बीच उपस्थित होकर वास्तव में खुशी हो रही है।
मुझे, भारतीय शिक्षा के क्षेत्र की एक महान विभूति, श्रेष्ठ व्यक्तित्व, साहस तथा असाधारण प्रशासनिक योग्यता के धनी, सर आशुतोष मुकर्जी के व्यक्तित्व एवं कृतत्व के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भाग लेकर खुशी हो
माननीय सदस्यगण,
मुझे, मद्यपान तथा मादक पदार्थों के सेवन के दुरुपयोग की रोकथाम के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करने के अवसर पर आज की अपराह्
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्वर्ण जयंती वर्ष में मनाए जा रहे वार्षिक दीक्षांत समारोह के लिए आज यहां उपस्थित होना मेरे लिए प्रसन्नता की बात है। मैं उन सभी विद्यार्थियों को बधाई देता हूं जिन्होंने आज अपनी उपाधियां और पदक प्राप्त किए हैं।
1964 में इंदौर विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय हमें महान शासक देवी अहिल्याबाई होल्कर की याद दिलाता है जो मालवा की एक दयालू शासक थीं और आज भी उन्हें अत्यधिक सम्मान दिया जाता है। विश्वविद्यालय के साथ उनका नाम जुड़ने से विश्वविद्यालय पर उच्च शिक्षा को समाज सेवा के साथ मिलाने का भारी दायित्व आ गया है।

श्री संतोष कुमार गंगवार, वस्त्र राज्य मंत्री
श्रीमती जोहरा चटर्जी, सचिव, वस्त्र मंत्रालय,
पुरस्कार विजेता और विशिष्ट प्रतिभागीगण,
विशिष्ट बुनकरों तथा कारीगरों को वर्ष 2011 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार, शिल्प गुरु पुरस्कार तथा संत कबीर पुरस्कार प्रदान करने के लिए आपके बीच उपस्थित होना वास्तव में मेरे लिए प्रसन्नता का विषय है।

1. मुझे, केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के एक सौ साठवें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित वार्षिक दिवस समारोह में आपके बीच उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। मैं इस उल्लासपूर्ण अवसर पर, केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों, वास्तुकारों, तकनीकी और गैर तकनीकी कर्मचारियों और कामगारों को बधाई देता हूं।