भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारतीय सैन्य अकादमी के ग्रेजुएट कोर्स की दीक्षांत परेड के अवसर पर संबोधन
देहरादून : 13.06.2026
डाउनलोड : भाषण
(हिन्दी, 499.95 किलोबाइट)
मुझे भारतीय सैन्य अकादमी के इस ऐतिहासिक कैंपस में आप सबके बीच उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। यह अकादमी प्रतिष्ठा, साहस और देश के लिए निस्वार्थ सेवा का शानदार प्रतीक रही है। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले और भारत की गरिमा को बनाए रखने वाले अनेक असाधारण सेनानायक इसी अकादमी से प्रशिक्षण पाकर निकले हैं। मैं इस अवसर पर, इस प्रतिष्ठित संस्थान से पूर्व में और वर्तमान में जुड़े सभी लोगों की सराहना करती हूं।
मुझे यहां अपने समक्ष ऑफिसर कैडेट्स को देखकर प्रसन्नता हो रही है जो शीघ्र ही अपने सैन्य करियर का शुभारंभ करेंगे। आपका साहस और बुद्धिमत्ता आपकी शक्ति होगी। मुझे नौ महिला कैडेट्स को देखकर विशेष रूप से प्रसन्नता हो रही है। यह भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में एक निर्णायक क्षण है। यह न केवल भारत के सशस्त्र बलों के इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि महिलाओं की अगुआई वाले विकास की दिशा में भारत के बढ़ते कदम का एक प्रेरक उदाहरण भी है। मुझे विश्वास है कि और भी कई महिला कैडेट्स इस अकादमी को ज्वाइन करेंगी।
मैं देश के इस अत्यंत कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सभी ऑफिसर कैडेट्स को बधाई देती हूं। मैं गौरव का अनुभव करते आपके परिवारजन को भी बधाई देती हूं जिन्होंने आपकी उपलब्धियों में योगदान दिया है। मैं भारतीय सैन्य अकादमी के कमांडेंट, प्रशिक्षकों और स्टाफ की भी सराहना करती हूं जिन्होंने ऑफिसर कैडेट्स का मार्गदर्शन करने में अथक परिश्रम किया है।
मैं मित्र देशों के कैडेट्स को भी भारतीय सैन्य अकादमी से प्रशिक्षण पूरा करने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। आपके देशों ने हमें आपको सैन्य पेशेवर उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने का दायित्व सौंपा था। मुझे विश्वास है कि आप अपनी सेवा और अकादमी में सीखे गए मूल्यों के जरिए अपने सशस्त्र बलों और देशों का गौरव बढ़ाएंगे।
मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि वर्तमान में भारतीय सैन्य अकादमी में 29 मित्र देशों के ऑफिसर कैडेट्स प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यहां विदेशी कैडेट्स की मौजूदगी विश्व के विभिन्न देशों के साथ मित्रता, सहयोग और शांतिपूर्ण संबंध कायम करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त होती है। यहां कैडेट्स के बीच बनने वाले आपसी विश्वास, समझ और पेशेवर संबंध अलग-अलग देशों के बीच रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुझे विश्वास है कि यहां सीखे गए मूल्यों और मिले प्रशिक्षण के बल पर आप सब क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति में योगदान देंगे।
प्रिय कैडेट्स,
भारतीय सैन्य अकादमी में आपका प्रशिक्षण अनुशासन, त्याग और दृढ़ निश्चय से भरा रहा है। आपने सीखा है कि सैन्य नेतृत्व का मतलब केवल कमांड देना नहीं है, बल्कि चरित्र, दया और प्रतिबद्धता बनाए रखना भी है। आप हमारे देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के रक्षक हैं। 140 करोड़ से अधिक देशवासी आप पर पूरा भरोसा करते हैं। आपको सदैव यह स्मरण रखना है कि सेवा ही परम धर्म है।
तेजी से बदलती सुरक्षा चुनौतियों, प्रौद्योगिकीय प्रगतियों और जटिल वैश्विक परिदृश्य के इस दौर में भारतीय सेना को परिस्थिति के अनुसार ढलने और भविष्य के लिए तैयार रहने की ज़रूरत है। मेरा आपसे आग्रह है कि आप जीवन भर सीखते रहें, साहस के साथ निर्णय लें और नैतिक मूल्यों वाले अधिकारी बनें। सेना अधिकारियों के रूप में आप सैनिकों का नेतृत्व करने, उनका मार्गदर्शन करने और उनके कल्याण का ध्यान रखने के लिए उत्तरदायी होंगे। आपको उदाहरण प्रस्तुत करके नेतृत्व करना होगा, भरोसा जगाना होगा और टीमवर्क व समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करना होगा। आप सबको परिचालनगत प्रभावशीलता तथा सैनिकों की भलाई के बीच संतुलन स्थापित करके अपने अधीन कार्य करने वाली सैन्य इकाइयों की युद्ध लड़ने की क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उनका भरोसा अर्जित करना है। मैं अपेक्षा करती हूं कि आप आगे बढ़कर नेतृत्व करेंगे, अपने सैनिकों का ख्याल रखेंगे और हमारे सशस्त्र बलों की गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखेंगे।
प्रिय कैडेट्स,
जब आप इस संस्थान से, महान भारतीय सेना के गौरवशाली अधिकारी बनकर निकलेंगे तो आपको इस अकादमी के आदर्श वाक्य 'वीरता और विवेक' को अपने दिल में बसाकर निकलना है। सफलता में विनम्र बने रहें और कठिन स्थिति में मज़बूत बने रहें। मुझे पूरा विश्वास है कि आप हर चुनौती का डटकर सामना करेंगे और भारतीय सेना और अपने महान देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।
मैं एक बार फिर इस अकादमी में शिक्षण-प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी ऑफ़िसर कैडेट्स को सेना में कमीशनिंग के लिए हार्दिक बधाई देती हूं। आप गौरव, संकल्प और देशभक्ति की भावना के साथ सदैव आगे बढ़ते रहें।
जय हिंद! जय भारत!
