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भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ‘पर्पल फेस्ट’ के अवसर पर सम्बोधन

 दिव्यांगजनों की क्षमताओं और उपलब्धियों के उत्सव, ‘पर्पल फेस्ट’, में आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। आप सब ने अमृत उद्यान के प्राकृतिक सौन्दर्य का आनंद उठाने के साथ-साथ आज यहां आयोजित अनेक गतिविधियों में भाग लिया। मुझे विश्वास है कि इससे न केवल आपका मनोरंजन हुआ होगा बल्कि आपको बहुत कुछ सीखने को भी मिला होगा।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना समारोह में संबोधन

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना समारोह में संबोधन (HINDI)

प्रभु श्रीराम ने जिस अयोध्या नगरी में जन्म लिया उसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करना ही मैं अपना परम सौभाग्य मानती हूं। स्वयं प्रभु श्रीराम ने अपनी इस जन्मभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था:

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का डॉक्टर श्री श्री शिवकुमार स्वामीजी के 119वें जन्मदिवस समारोह के अवसर पर सम्बोधन

श्री शिवकुमार स्वामीजी की जयंती और गुरुवंदना के शुभ अवसर पर यहां उपस्थित होकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है।

मैं मानती हूं कि श्री शिवकुमार स्वामीजी जैसे संत, हमारे समाज और राष्ट्र की आत्मा को स्वरूप प्रदान करते हैं। उनका भौतिक शरीर वर्ष 2019 में परम तत्व में विलीन हो गया परंतु उनकी अध्यात्म धारा, समाज का और देश का सदैव सिंचन-पोषण करती रहेगी। हमारी परंपरा में प्रार्थना है:

जीवेम शरद: शतम्, ... भूयश्च शरद: शतात् ।

अर्थात,

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के 79वें बैच के अधिकारी प्रशिक्षुओं द्वारा मुलाकात किए जाने के अवसर पर संबोधन

प्रिय भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के प्रशिक्षु अधिकारियो,

इस प्रतिष्ठित सेवा में चयनित होने पर मैं आप सबको हार्दिक बधाई देती हूं। मैं रॉयल भूटान सेवा के दो अधिकारियों को भी बधाई देती हूं। आप सब ने सिविल सेवा परीक्षा में अपने दृढ़ संकल्प, लगन और योग्यता के बल पर सफलता प्राप्त की है। अब आप एक ऐसी अग्रणी सेवा में आ चुके हैं जिसका मूलभूत कार्य देश के विकास, लोक कल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों को जुटाकर राष्ट्र निर्माण करना है।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में आयोजित 128वां प्रवेश प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे राज्य सिविल सेवा अधिकारियों से मुलाकात के अवसर पर संबोधन

भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रिय अधिकारियो,

भारतीय प्रशासनिक सेवा में आपका प्रवेश आपके करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह पदोन्नति पदनाम में परिवर्तन मात्र नहीं है। इस पदोन्नति के साथ, आप सबने शासन के कहीं अधिक व्यापक क्षेत्र में कदम रखा है, एक ऐसा क्षेत्र जिसके लिए राष्ट्रीय दृष्टिकोण, गहन दूरदर्शिता और हमारे देश में लोक सेवा को कायम रखने वाले मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की आवश्यकता है।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अंतर्राष्ट्रीय नौसेना फ्लीट कार्यक्रम– 2026 में संबोधन

युद्धपोतों के सुदृढ़ बेड़े और भारत तथा मित्र नौसेनाओं के नौसैनिकों द्वारा किया गया प्रदर्शन देखकर मुझे अत्यधिक प्रसन्नता हुई है।

इस अंतर्राष्ट्रीय नौसेना प्रदर्शन में आप सभी द्वारा किए गए पेशेवर प्रदर्शन के लिए मैं आप सब को हार्दिक बधाई देती हूँ।

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