भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय कार्य मंत्रालय के flagship scholarship योजनाओं के लाभार्थियों के एक समूह को संबोधन

देश के विभिन्न क्षेत्रों से यहां आए प्रतिभावान युवाओं के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।

देश के विभिन्न क्षेत्रों से यहां आए प्रतिभावान युवाओं के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।
आज, मुझे सिक्किम पुलिस को असाधारण सेवा के लिए ‘राष्ट्रपति का निशान’ प्रदान करके अत्यंत प्रसन्नता हुई है। यह सम्मान सिक्किम पुलिस के सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है। मैं इस बल से जुड़े सभी पूर्व और वर्तमान अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देती हूं। आज की parade में भाग लेने वाले सभी पुलिसकर्मियों को शानदार प्रदर्शन के लिए मैं विशेष बधाई देती हूं।
सिक्किम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मैं आज उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देती हूं।
यह सभी देशवासियों, विशेषकर सिक्किम के लोगों के लिए गर्व का विषय है कि सिक्किम अब पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तामांग, सरकार में उनके सहयोगियों और सिक्किम के सभी निवासियों को हार्दिक बधाई देती हूं।

Dear officer trainees,
I congratulate each one of you for your joining the most aspired for service in the country. I am specially pleased to note that the share of women officers in this batch is forty-one percent. This has immense significance as an indicator and a driver of social change in our country.

आज राष्ट्रपति भवन में आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपकी इस यात्रा से हमारी साझेदारी और भी घनिष्ठ होगी।
महामहिम, 1962 में हमारे राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से ही, भारत और साइप्रस एक दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। हमारी जांची-परखी मित्रता आपसी सम्मान, साझा मूल्यों, विश्वास, और एकजुटता पर आधारित है।

आज राष्ट्रपति भवन में आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। वियतनाम के राष्ट्रपति के रूप में आपके निर्वाचन पर, मैं आपको हार्दिक बधाई भी देती हूं।
महामहिम राष्ट्रपति जी, आपकी यह यात्रा हमारी साझेदारी के एक नए अध्याय का आरंभ करती है, जो न केवल इसकी सुदृढ़ता को दर्शाती है, बल्कि हमारी partnership के विस्तृत होते दायरे और महत्वाकांक्षा को भी प्रतिबिंबित करती है।
देवियो और सज्जनो,
ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अभियान ‘कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत’ का शुभारंभ करते हुए मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान को मूर्त रूप देने के लिए मैं ब्रह्माकुमारी परिवार के सभी सदस्यों को बधाई देती हूं।
हमने अपने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए राजनीतिक स्थिरता और मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ-साथ स्वस्थ, शिक्षित तथा जिम्मेदार नागरिक होना आवश्यक हैं क्योंकि देशवासियों की सक्रिय भागीदारी के बिना किसी भी राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन है।

इस आयोजन के लिए ‘भारतीय विद्वत् परिषद’ तथा ‘राष्ट्र सेविका समिति’ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मैं सराहना करती हूं।
आज बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के इस कार्यक्रम में भाग लेकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। आज हम सब शिक्षा संबंधी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अक्षय पात्र संस्था द्वारा 5 billion meals परोसने की उल्लेखनीय उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस आयोजन का विषय ‘सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत’ है जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के हमारे राष्ट्रीय संकल्प के लिए एक पोषित और शिक्षित समाज के महत्व को रेखांकित करता है।