ADDRESS TO THE NATION BY THE HON’BLE PRESIDENT OF INDIA SMT. DROUPADI MURMU ON THE EVE OF THE 80TH INDEPENDENCE DAY

My dear fellow citizens,
Namaskar!

My dear fellow citizens,
Namaskar!

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित कलाकारों की इस सभा में उपस्थित होकर मुझे विशेष प्रसन्नता हो रही है। मैं सभी पुरस्कृत कलाकारों को हार्दिक बधाई देती हूँ। आज मेरे सामने आधुनिक भारत की प्रतिभा और साधना एक साथ उपस्थित हैं। भारतीय परंपरा के वाहक आप सब कलाकार हमारी सामूहिक स्मृति के संरक्षक हैं, और भविष्य की कल्पना के सर्जक भी।
आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मैं देश के प्रतिभाशाली बुनकरों, डिजाइनरों, उद्यमियों, विद्यार्थियों और भारत के हथकरघा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देती हूँ।
इस विश्वविद्यालय के उद्घाटन एवं प्रथम शिक्षण सत्र के शुभारंभ के अवसर पर आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। आज इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन कृपालु महाराज जी की जन-कल्याण की सोच को कार्यरूप देने का प्रयास है। मैं इस सत्कार्य में योगदान देने वाले सभी लोगों की सराहना करती हूं।
Grassroots innovators को मान्यता देने के लिए आयोजित इस समारोह में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। इस मंच पर आने से पहले मैंने यहाँ grassroots innovation exhibition को देखा। मुझे यह देखकर बहुत प्रसन्नता हुई है कि हमारे grassroots innovators अपने आस-पास मौजूद चुनौतियों का अभिनव प्रयोगों और आविष्कारों द्वारा समाधान निकालते हैं। ऐसे innovators को प्रोत्साहित और सम्मानित करने की दिशा में अटल नवाचार मिशन एक सराहनीय प्रयास है।
देवियो और सज्जनो,
बस्तर संभाग से आए हुए बस्तर पंडुम 2026 के विजेता दल, निर्णायक मंडल में शामिल परगना मांझी, चालकी, समाज प्रमुख तथा अन्य सम्मानित अतिथियों का मैं हार्दिक स्वागत करती हूं। बस्तर के लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के इस प्रयास के लिए और उनके प्रोत्साहन के लिए मैं केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी और उनकी पूरी टीम की सराहना करती हूँ।

आज भारत के राष्ट्रपति के रूप में मेरे चार वर्षों के कार्यकाल की प्रमुख गतिविधियों के चार संकलनों की प्रथम प्रतियां उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन जी से प्राप्त करके मुझे प्रसन्नता हुई है। इन पुस्तकों का विमोचन करने के लिए मैं आपको धन्यवाद देती हूं। इन पुस्तकों पर कार्य करने वाले प्रकाशन विभाग और राष्ट्रपति भवन के सभी लोगों की मैं सराहना करती हूं।

बुखारेस्ट में आप सभी से मिलकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। रोमानिया की यह मेरी पहली यात्रा है। जब भी मैं विदेश यात्रा पर जाती हूँ, वहाँ रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों से मिलने के लिए सदैव उत्सुक रहती हूँ। भारत से दूर रहने के बावजूद, आप मातृभूमि से जुड़े हुए हैं। आपकी उपलब्धियां और भारत के प्रति आपका प्रेम हर भारतीय को गौरवान्वित करता है।
I am deeply honoured to be here today at the Bucharest University of Economic Studies, and to receive this prestigious Honorary Doctorate. I extend my sincere gratitude to the Rector, the Senate and the entire university community for this recognition, which I accept with humility on behalf of 1.4 billion Indians, as a reflection of the enduring friendship between the peoples of India and Romania.
Dear friends,
I am delighted to attend the India–Romania Business Forum today. I extend my appreciation to the Government of Romania, the business associations for their hard work in organizing this gathering and also to the members of leading companies from the countries present here today. The participation of large Indian business delegation reflects the growing confidence of Indian industries in the opportunities that Romania offers and their desire to build enduring partnerships with Romanian businesses. India and Romania have enjoyed warm and friendly relations for over seven decades.