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भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के स्मृति पर्व (राजाजी उत्सव) में सम्बोधन (HINDI)

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के स्मृति पर्व (राजाजी उत्सव) में सम्बोधन (HINDI)

भारत माता के महान सपूत, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी जी के जीवन-वृत्त और विरासत के सम्मान में आयोजित इस उत्सव में आप सबके साथ शामिल होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। आज मुझे राष्ट्रपति भवन में स्थापित की गई उनकी प्रतिमा का अनावरण करने का ऐतिहासिक अवसर मिला। मैं उनकी स्मृति को सादर नमन करती हूं। चक्रवर्ती राजगोपालाचारी को सम्मानित करके हमने भारत के आत्म-गौ

ब्राज़ील के राष्ट्रपति महामहिम लुईस इनासियो लूला डा सिल्वा के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण (HINDI)

ब्राज़ील के राष्ट्रपति महामहिम लुईस इनासियो लूला डा सिल्वा  के सम्मान में आयोजित भोज  में  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु  का अभिभाषण (HINDI)

महामहिम, आपके इस राजकीय दौरे पर भारत में आपका स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। नई दिल्ली में एक सच्चे मित्र का पुनः स्वागत करना हमारे लिए विशेष आनंद का विषय है। मुझे ज्ञात है कि यह आपका भारत का छठा दौरा है। आपकी प्रत्येक यात्रा के साथ हमारे मैत्रीपूर्ण संबंध और भी सुदृढ़ हुए हैं।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अभियान ‘कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत’ के शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधन (HINDI)

ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अभियान ‘कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत’ का शुभारंभ करते हुए मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान को मूर्त रूप देने के लिए मैं ब्रह्माकुमारी परिवार के सभी सदस्यों को बधाई देती हूं।

हमने अपने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए राजनीतिक स्थिरता और मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ-साथ स्वस्थ, शिक्षित तथा जिम्मेदार नागरिक होना आवश्यक हैं क्योंकि देशवासियों की सक्रिय भागीदारी के बिना किसी भी राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन है।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 'बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधन(HINDI)

बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव में आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मां दंतेश्वरी के इस पुण्य क्षेत्र में आने का अवसर मिलना मैं अपना सौभाग्य मानती हूं। मैं जब भी छत्तीसगढ़ आती हूं, मुझे लगता है कि मैं अपने घर आई हूं। यहां के लोगों से जो अपनत्व और स्नेह मुझे मिलता है, वह मेरे लिए अनमोल है। यह ऐसे कई नायकों की धरती है, जिन्होंने भारत भूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। मैं ऐसे स

ADDRESS BY THE HON’BLE PRESIDENT OF INDIA, SMT. DROUPADI MURMU TO PARLIAMENT

Honourable Members,

1. It gives me immense pleasure to address both Houses of the Parliament assembled together. The previous year has been memorable for celebrating India’s rapid development and its rich heritage. This period has brought many inspirations with it. At present, India is celebrating 150 years of Vande Mataram. The people of India are paying homage to Rishi Bankim Chandra Chattopadhyay for this profound source of inspiration. I congratulate the Honourable Members that a special discussion in Parliament was organised on this auspicious occasion.

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