राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क प्रयोग करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘‘युवा और राष्ट्रनिर्माण’’ विषय पर उच्चतम शिक्षण संस्थानों तथा सिविल सेवा अकादमियों को भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियो,
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानो,राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानो,भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थानो तथा उच्च शिक्षा संस्थानो और सिविल सेवा अकादमियो के निदेशको,
संकाय सदस्यो,
मेरे प्रिय विद्यार्थियो,

आज आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण ने करदाताओं को न्याय प्रदान करके राष्ट्र सेवा के75वर्ष पूरे किए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर,मैं आप सभी को बधाई तथा आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण परिवार को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और यह कामना करता हूं कि आने वाले वर्षों में और अधिक सार्थक व उपयोगी राष्ट्रसेवा करते रहें। आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के स्थापित मॉडल को अप्रत्यक्ष कर, प्रशासन,रेल और विदेशी
मेरे प्यारे देशवासियो,
महामहिम, राष्ट्रपति फ्रांस्वां ओलांद,
1.
1. मैं भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान जो हमारे देश में कृषि अनुसंधान,शिक्षा और विस्तार की एक अग्रणी संस्था है,के 54वें दीक्षांत समारोह पर आज आपके बीच उपस्थित होकर बहुत प्रसन्न हूं। मैं उन छात्रों को बधाई देता हूं जिन्हें आज डिग्री प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर मैं इन छात्रों की समझ और कौशल को आकार देने के लिए संकाय के सदस्यों को भी बधाई देता हूं।
बंगाल की खाड़ी के समुद्र में खड़े शानदार युद्धपोतों के सुंदर दृश्य को देखना वास्तव में मेरा सौभाग्य है। ड्रेसिंग लाइनों पर फहराती पताकाएं और ध्वज अपने पोतों का संचालन कर रहे प्रसन्नचित और गर्वित श्वेत वर्दीधारी पुरुषों का देखना वास्तव में सुखद है। आज यहां आप सभी के बीच उपस्थित होना तथा पोतों की इस आकर्षक अंतरराष्ट्रीय परेड का अवलोकन करना मेरा सौभाग्य है। विशाखपत्तनम के पूर्व
1. मुझे वर्ष 2015के अशोक फैलो के इस युवा, उद्यमशील समूह से मिलकर प्रसन्नता हुई है। सर्वप्रथम,मैं आपको और ‘अशोक जन नवान्वेषक’के प्रतिनिधियों का राष्ट्रपति भवन में हार्दिक स्वागत करता हूं।
1. मैं प्रतिभाशाली लोगों के इस समूह के बीच उपस्थित होने में प्रसन्न हूं। मैं इन्फोसिस पुरस्कार के विजेताओं को मुबारकबाद देकर अपनी बात आरंभ करना चाहूंगा। उनका अनुसंधान एक विकसित,समर्थ और संधारणीय विश्व की नींव रख रहा है।