आर्मर्ड कार्प्स सेंटर एंड स्कूल अहमदनगर में समारोहिक परेड में स्टैंडर्ड प्रदान करते हुए भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
देवियो और सज्जनो,
2.सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर के रूप में अहमदनगर में आज इस शुभ और अविस्मरणीय दिवस पर उपस्थित होना मेरे लिए सचमुच एक आनंददायक अवसर है।

विश्व सेवा प्रदर्शनी के तृतीय आयोजन के उद्घाटन सत्र में उपस्थित होना वास्तव में मेरे लिए प्रसन्नतादायक है। मैं इस सशक्त कारोबार मंच के निर्माण के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ और सेवा निर्यात संवर्धन परिषद सहित वाणिज्य विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय को बधाई देता हूं जिसका लक्ष्य विश्व सेवा निर्यात क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के संपर्क को घनिष्ठ बनाना है।
महामहिम राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी
सर्वप्रथम, मैं मानद डी.लिट. की उपाधि प्रदान करने के लिए आभार और गहरा सम्मान प्रकट करता हूं। मेरे प्रति प्रदर्शित इस सद्भावना की मैं गहरी सराहना करता हूं और इस सम्मान को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं। मैं इस अवसर पर, उपाधिधारकों और पुरस्कार विजेताओं को,वर्षों के उनके परिश्रम व प्रयासों के लिए बधाई देता हूं।
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मुझे बंगाली भाषा के छठे पुरस्कार प्राप्तकर्ता प्रोफेसर शंखघोष को52वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करके अपार प्रसन्नता हुई है।
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टर्की गणराज्य के महामहिम राष्ट्रपति,
2015-17 के बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के दीक्षांत समारोह के अवसर पर, आपके बीच उपस्थित होना वास्तव में अत्यंत प्रसन्नतादायक है। दीक्षांत समारोह निःसंदेह आपके जीवन का एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आप औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त करके राष्ट्र की सेवा के लिए अपनी मातृ संस्था के बाहर कदम रखेंगे। यह आपके अध्यापक, अभिभावकों और मित्रों के लिए भी एक ऐतिहासिक घटना है। 1951 के अखिल