घाना गणराज्य के राष्ट्रपति जॉन ड्रमानी महामा द्वारा राष्ट्रपति के सम्मान में दिए गए रात्रि भोज के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
1. भारत के किसी भी राष्ट्रपति की घाना गणराज्य की प्रथम राजकीय यात्रा करना वास्तव में मेरा सौभाग्य है। मेरे साथ सांसदों का एक शिष्टमंडल आया है जो हमारे देश के विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

1. मुझे यहां आकर प्रसन्नता हुई है। घाना भारत का एक विश्वसनीय मित्र है। हमारे दोनों देशों का एक जैसा राजनीतिक इतिहास रहा है और आज विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के रूप में हमारी अपनी जनता के प्रति साझी संकल्पना है। भारत घाना की मैत्री को महत्वपूर्ण मानता है तथा घाना के सतत विकास और प्रगति के लक्ष्य प्राप्त करने में साझीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध है।
1. आईसीटी में कोफी अन्नान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में व्याख्या करना मेरे लिए एक आनंददायक अनुभूति है। मेरे साथ यहां भारतीय प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री माननीय डॉ.
1. मेरे लिए आपके सुंदर देश में भारत के किसी प्रमुख द्वारा पहली राजकीय यात्रा करना सचमुच बड़ा सम्मानजनक है। मुझे और मेरे प्रतिनिधिमंडल को आपके द्वारा दिए गए हार्दिक स्वागत और हमारे पहुंचने के बाद दिए गए आतिथ्य कौशल से मैं बहुत प्रसन्न हुआ हूं।
1. भारत के किसी राष्ट्रपति की पहली राजकीय यात्रा पर इस सुंदर देश अबिदजान, पर्ल ऑफ वेस्ट अफ्रीका में आकर मैं बहुत प्रसन्न हूं।
मैं नामिबिया की यात्रा करके बहुत प्रसन्न हूं जो एक ऐसा देश है प्राकृतिक संपदा से भरपूर हैं,संसाधनों से युक्त है,जिसे समुद्र का मर्मस्पर्श प्राप्त है और जहां बहादुर निवास करते हैं। इस अवसर को पाकर मैं नामिबिया की जनता के नेताओं और प्रतिनिधियों के इस भव्य सदन को संबोधित करके सचमुच बड़ा सम्मानित महसूस कर रहा हूं।
1. मेरे लिए कथक केंद्र में ‘विवेकानंद समभागार’के उद्घाटन में भाग लेना सचमुच सौभाग्यशाली है। मैं इस अवसर पर श्री महेश शर्मा,संस्कृतिक मंत्रालय, श्री एन.पी.
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