छठे के.एस. राजामणी स्मृति व्याख्यान के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
प्रख्यात अधिवक्ता और केरल लोकजन जांच आयोग के पूर्व सदस्य, श्री के.एस. राजामोनी के सम्मान में आयोजित छठा स्मृति व्याख्यान देने के लिए केरल आकर प्रसन्नता हुई है।

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शुभ संध्या, देवियो और सज्जनो,
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मुझे पिच@ राष्ट्रपति भवन के समापन सत्र में आपके साथ मिलकर और स्टार्ट अप प्रणाली के उद्यमियों,निवेशकों, उद्योग सदस्यों,स्टार्ट अप और अन्य सहायकों को संबोधित करते हुए प्रसन्नता हो रही है। मुझे युवा और नवान्वेषी प्रतिभाओं,जो अधिक अनुभवी नहीं होंगे परंतु जिनमें सफलता प्राप्त करने का उत्साह है,के इस समूह को देखकर हर्ष हो रहा है।
1. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आपके बीच आने में मैं सचमुच बहुत खुश हूं। हम रोजमर्रा के जीवन में भारत में महिलाओं को मान्यता देते हैं, याद करते हैं और उनकी सराहना करते हैं। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को - पूरे विश्व की महिलाओं को उनकी निःस्वार्थ सेवा के लिए विश्व के साथ आभार प्रकट करते हैं।
मैं यहां आपके बीच एक सप्ताह लंबे ‘नवोन्वेष उत्सव’ के समापन पर उपस्थित होकर खुश हूं। इस उत्सव में अलग-अलग स्टेक होल्डरों के बीच भावनात्मक आदान-प्रदान और सहयोग सम्पन्न हुए हैं। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से, सबसे प्रसन्नता की बात यह है कि हम राष्ट्रपति भवन में हमारी अर्थव्यवस्था और समाज में नवान्वेषण संस्कृति गहन करने की दिशा में एक पारितंत्र के संवाद और सृजन की सुविधा जुटा सके
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