प्रवासी भारतीय दिवस के चौदहवें आयोजन में समापन संबोधन और प्रवासी भारतीय सम्मान प्रदान करने के अवसर पर प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
1. प्रवासी भारतीय सम्मेलन के समापन सत्र के अवसर पर आपके बीच उपस्थित होना वास्तव में मेरे लिए प्रसन्नतादायक है। 102 वर्ष पूर्व इसी ऐतिहासिक दिन अब तक के महानतम प्रवासी भारतीय महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे।

केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपतियो,
महामहिम राष्ट्रपति उहुरू केन्यत्ता,
महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान
प्यारे देशवासियो,
1. कोच्चि मुजीरिस द्विवार्षिक के अद्यतन कार्यक्रम पर आज कोच्चि में आने पर मुझे प्रसन्नता हो रही है।
प्रख्यात अधिवक्ता और केरल लोकजन जांच आयोग के पूर्व सदस्य, श्री के.एस. राजामोनी के सम्मान में आयोजित छठा स्मृति व्याख्यान देने के लिए केरल आकर प्रसन्नता हुई है।
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