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भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का दिव्यांगजन सशक्तीकरण हेतु राष्ट्रीय पुरस्कारों की प्रस्तुति के अवसर पर सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का दिव्यांगजन सशक्तीकरण हेतु राष्ट्रीय पुरस्कारों की प्रस्तुति के अवसर पर सम्बोधन

आज का यह दिन पूरे विश्व के दिव्यांग-जन के साथ-साथ समस्त विश्व समुदाय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज विश्व की कुल आबादी में लगभग 15 प्रतिशत दिव्यांग-जन हैं। उन सब का सशक्तीकरण भारत सहित पूरे विश्व समुदाय के लिए उच्च प्राथमिकता है। इस संदर्भ में यह पुरस्कार समारोह अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैं देशवासियों की ओर से आज के सभी पुर

भारत की राष्‍ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के 111वें दीक्षांत समारोह में संबोधन

भारत की राष्‍ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के 111वें दीक्षांत समारोह में संबोधन

आज आप सब को संबोधित करते हुए मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। इस विश्वविद्यालय के पूर्व दीक्षांत समारोहों की गरिमा बढ़ाने वाले व्यक्तित्व में डॉक्टर एस. राधाकृष्णन, डॉक्टर सी. वी. रमन, श्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी, श्री सच्चिदानंद सिन्हा, श्री सी.

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर के प्लेटिनम जुबली समारोह में सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति  श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर के प्लेटिनम जुबली समारोह में सम्बोधन

इस महत्वपूर्ण अवसर पर आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। यह प्रतिष्ठित संस्थान पिछले 75 वर्षों से healthcare, education और research में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहा है। इसके लिए मैं सभी पूर्व और वर्तमान शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सराहना करती हूँ। इस अवसर पर, मैं इस कॉलेज की स्थापना में योगदान

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का Armed Forces Medical College, पुणे को President’s Colour प्रदान करने के अवसर पर सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का Armed Forces Medical College, पुणे को President’s Colour प्रदान करने के अवसर पर सम्बोधन

Armed Forces Medical College को उसके 75 वर्ष पूर्ण होने पर President’s Colour प्रदान करते हुए मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। इस महाविद्यालय ने medical education के उच्चतम स्तर के संस्थान के रूप में प्रतिष्ठा अर्जित की है। राष्ट्र की निरंतर सेवा करने के लिए, मैं इस संस्थान के सभी पूर्व और वर्तमान अधिकारियों,

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 'विधिक सहायता तक पहुंच: ग्लोबल साउथ में न्याय तक पहुंच सुलभ करना' विषय पर प्रथम क्षेत्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में संबोधन

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 'विधिक सहायता तक पहुंच: ग्लोबल साउथ में न्याय तक पहुंच सुलभ करना' विषय पर प्रथम क्षेत्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में संबोधन

विधिक सहायता तक पहुंच पर पहले क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां आकर मुझे वास्तव में प्रसन्नता हो रही है। मेरा मानना ​​है कि जरूरतमंद लोगों तक कानूनी सहायता सुलभ होना किसी भी आधुनिक देश की आधारशिला है। इससे एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था बनती है जो न्यायसंगत, उचित और वि

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 145वें कोर्स के पासिंग आउट परेड के अवसर पर सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 145वें कोर्स के पासिंग आउट परेड के अवसर पर सम्बोधन

राष्ट्रीय रक्षा Academy के 145वें कोर्स के passing out parade के इस समारोह में भाग लेकर मुझे अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है। आज इन युवा cadets को देखकर मेरा हृदय गर्व से भर गया है। Cadets का उत्कृष्ट और अनुशासित drill बहुत ही सराहनीय और गौरवान्वित करने वाला है। मैं आज pass out हो रहे सभी cadets को उनके शानदार parade के लिए बहुत-बहुत बधाई देती हूं। मैं पदक प्राप्त

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का कैवल्यधाम के शताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का कैवल्यधाम के शताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में सम्बोधन

अत्यंत सम्मानित स्वामी कुवलयानन्द जी द्वारा स्थापित ‘कैवल्य धाम’, लोनावला के शताब्दी समारोहों के शुभारंभ के इस अवसर पर आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे बहुत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। Integration of Yoga in School Education System के महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन के साथ शताब्दी समारोहों की शुरुआत करने के आप के संस्थान के निर्णय की मैं

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा आयोजित संविधान दिवस समारोह के उद्घाटन के अवसर पर संबोधन

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा आयोजित संविधान दिवस समारोह के उद्घाटन के अवसर पर संबोधन

महान राष्ट्रीय महत्व के अवसर, संविधान दिवस पर आपके बीच आकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। आज, हम उस दिन को याद करते हैं, जब लगभग तीन वर्ष के विचार-मंथन के बाद 1949 में भारत की संविधान सभा द्वारा संविधान को अपनाया गया था।

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