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भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का एकीकृत क्रायोजेनिक इंजन निर्माण केंद्र (आईसीएमएफ), एचएएल के उद्घाटन समारोह के अवसर पर संबोधन

मुझे, इस महत्वपूर्ण अवसर पर आप सभी के बीच आकर बहुत खुशी हो रही है। वास्तव में न केवल हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए क्रायोजेनिक और सेमी-क्रायोजेनिक इंजन बनाने के लिए एक अत्याधुनिक इकाई का होना एक ऐतिहासिक क्षण है। मुझे बताया गया है कि इससे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जरूरतें पूरी होंगी, और हमारे देश की कई उपलब्धियां बढ़ेंगी। मैं इस प्रतिष्ठित परियोजना से जुड़े सभी लोगों को बधाई देती हूं।

भारत की माननीया राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 62वें एनडीसी संकाय और पाठ्यक्रम सदस्यों द्वारा मुलाकात के अवसर पर संबोधन

मैं, 62वें नेशनल डिफेंस कॉलेज कोर्स के सभी प्रतिभागियों का राष्ट्रपति भवन में स्वागत करती हूं। मैं इस प्रतिष्ठित पाठ्यक्रम के कमांडेंट और संकाय सदस्यों का भी हार्दिक स्वागत करती हूं।

नेशनल डिफेंस कॉलेज की, सामरिक सुरक्षा के क्षेत्र में सैन्य और सिविल सेवा पृष्ठभूमि के वरिष्ठ पेशेवरों को प्रशिक्षण देने की एक समृद्ध परंपरा रही है। मैं एनडीसी को इस परंपरा को बनाए रखने के लिए बधाई देती हूं। मुझे बताया गया है कि पाठ्यक्रम का यह 62वां वर्ष चल रहा है। इस पाठ्यक्रम की प्रतिष्ठा पिछली आधी सदी से लगातार बनी हुई है, जिसके लिए यह प्रशंसा का पात्र है।

देवियो और सज्जनों,

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2020 बैच के अधिकारियों से भेंट के अवसर पर संबोधन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2020 बैच के अधिकारियों से भेंट के अवसर पर संबोधन

युवा साथियों,

2020 बैच के IAS अधिकारियों के आपके समूह से मिलकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।

मैं राष्ट्रपति भवन में आप सभी का हार्दिक स्वागत करती हूं। मैं आप में से प्रत्येक को अपने जीवन में उस मुकाम पर पहुंचने के लिए भी बधाई देती हूं जहां से आप अपनी भावी मंजिल की ओर बढ़ेंगे।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का आईआईटी दिल्ली के हीरक जयंती समारोह के समापन समारोह के अवसर पर संबोधन

मुझे, इस ऐतिहासिक अवसर पर आज यहां आपके बीच आकर प्रसन्नता हो रही है। यह दिन सिर्फ आईआईटी दिल्ली के लिए ही नहीं,बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है। अतीत और वर्तमान के सभी शिक्षक, छात्र और प्रशासक, शैक्षिक उत्कृष्टता के मानक को बढ़ाने के लिए प्रशंसा के पात्र हैं। वास्तव में, उनके योगदान को 2018 में मान्यता दी गई थी जब सरकार ने इसे Institution of Eminence घोषित किया था।

भारत के राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के अवसर पर श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सम्बोधन

·आदरणीय श्री राम नाथ कोविन्द जी  
·उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू जी 
·प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी  
·लोकसभा के स्पीकर श्री ओम बिरला जी  
·चीफ जस्टिस एन. वी. रमणा जी  
·सम्मानित सांसद-गण  
·अन्य महानुभाव  
·देवियो और सज्जनो

तथा

मेरे प्यारे देशवासियो

जोहार !नमस्कार !

श्री के आर नारायणन

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कोचेरिल रमन नारायणन (27 अक्टूबर 1920 - 9 नवंबर 2005) एक भारतीय राजनेता, राजनयिक, अकादमिक और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने 1992 से 1997 तक भारत के नौवें उपराष्ट्रपति और 1997 से 2002 तक भारत के दसवें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।

डॉ शंकर दयाल शर्मा

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शंकर दयाल शर्मा (उच्चारण 19 अगस्त 1918 - 26 दिसंबर 1999) मध्य प्रदेश राज्य के एक भारतीय वकील और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने 1992 से 1997 तक भारत के नौवें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।

श्री आर वेंकटरमन

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रामास्वामी वेंकटरमन 4 दिसंबर 1910 - 27 जनवरी 2009) एक भारतीय वकील, भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री और भारत के आठवें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। वेंकटरमन का जन्म मद्रास प्रेसीडेंसी के तंजौर जिले के राजामदम गांव में हुआ था।

ज्ञानी जैल सिंह

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ज्ञानी जैल सिंह का जन्म जरनैल सिंह; (5 मई 1916 - 25 दिसंबर 1994) पंजाब के एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने 1982 से 1987 तक भारत के सातवें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। वे पहले सिख थे और राष्ट्रपति बनने वाले पिछड़ी जाति के पहले व्यक्ति थे।

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