भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का इजराइल के राष्ट्रपति द्वारा आयोजित राजभोज में अभिभाषण
इजराइल राष्ट्र के महामहिम राष्ट्रपति,श्री रियुवेन रिवलिन,श्रीमती रिवलिन
विशिष्ट देवियो और सज्जनो,
1. किसी भारतीय राष्ट्रपति द्वारा इजराइल की प्रथम राजकीय यात्रा करना वास्तव में मेरा सौभाग्य है। नोबेल विजेता शाय एग्नोन ने एक बार कहा था, ‘यदि हम हरी-भरी दूब की सुगंध,मसालों की महक,स्वादिष्ट फलों की सुवास सांसों में भरे तो हमें मधुर अनुभूति होती है।’मैं अपनी बात आपके शानदार स्वागत,हार्दिक आतिथ्य सत्कार तथा आपकी जनता की मित्रता का धन्यवाद करते हुए आरंभ करना चाहता हूं।

1. अफ्रीका के राष्ट्र और सरकार के अध्यक्षों आप सभी का भारतीय गणराज्य के केन्द्र में आज यहां स्वागत करना मेरे लिए विशिष्ट सम्मान है। मैं आपका स्वागत न केवल गौरवपूर्ण राष्ट्रों के नेताओं के रूप में बल्कि मित्रों और भाइयों के रूप में करता हूं। भारत आपका स्वागत न केवल मुक्त भुजाओं से बल्कि मुक्त हृदय से करता है।
Good Morning!
1. मुझे 35वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) के उद्घाटन समारोह में आज यहां उपस्थित होकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है,जो कि भारत व्यापार संवर्धन संगठन का प्रमुख कार्यक्रम है।
1. मुझे भारतीय प्रेस परिषद द्वारा आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय प्रेस दिवस समारोह में भाग लेकर प्रसन्नता हुई है। मैं इस विशेष अवसर पर प्रेस परिषद के सभी सदस्यों तथा सम्पूर्ण मीडिया समुदाय को बधाई देता हूं।
1. मुझे इस संध्या कैवलरी आफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित कैवलरी स्मृति व्याख्यान देने के लिए यहां उपस्थित होने पर प्रसन्नता हुई है। भारतीय सशस्त्र कोर के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों का यह संगठन,कोर के अलंकार विभूषित सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए वार्षिक रूप से इस व्याख्यान का आयोजन करता है।
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