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भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का संविधान दिवस के अवसर पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में सम्बोधन

 माननीय सांसद गण,

संविधान दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर आप सब के बीच आकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। आज ही के दिन 26 नवंबर 1949 को संविधान सदन के इसी केंद्रीय कक्ष में संविधान सभा के सदस्यों ने भारत के संविधान के निर्माण का कार्य सम्पन्न किया था। आज ही के दिन उस वर्ष, हम भारत के लोगों ने अपने संविधान को अपनाया था। स्वाधीनता के बाद संविधान सभा ने भारत की अंतरिम संसद के रूप में भी कर्तव्य निर्वहन किया।

प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता के बाद माननीय राष्ट्रपति का प्रेस वक्तव्य

PRESS STATEMENT BY THE HON’BLE PRESIDENT AFTER  DELEGATION LEVEL TALKS

महामहिम, बोत्सवाना के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर इस सुंदर देश में आकर मुझे सचमुच बहुत प्रसन्नता हो रही है।

मैं राष्ट्रपति बोको, बोत्सवाना गणराज्य की सरकार और जनता को मेरे और मेरे प्रतिनिधिमंडल में मेरे साथ आए हमारे राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना और दो संसद सदस्य, श्री पी. वसावा और श्रीमती डी. के. अरुणा शामिल के गर्मजोशी से किए गए स्वागत के लिए धन्यवाद देती हूँ।

भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बोत्सवाना की नेशनल असेंबली में संबोधन

आज इस प्रतिष्ठित सदन को संबोधित करना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। मुझे इस सम्मान के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करती हूँ। बोत्सवाना गणराज्य की नेशनल असेंबली आपके गौरवशाली राष्ट्र के लोकतंत्र का मंदिर है। मैं अपने साथ आप सबके लिए भारत सरकार और 1.4 अरब लोगों की ओर से बधाई और शुभकामनाएँ लेकर आई हूँ।

आज जीवंत शहर गैबोरोन में आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। बोत्सवाना की जनता और सरकार द्वारा मेरे और मेरे साथ आए प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी से किए गए स्वागत से मैं सचमुच अभिभूत हो गई हूँ।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा के दौरान प्रेस वक्तव्य

मुझे स्लोवाकिया आकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है, यह इस खूबसूरत देश की मेरी पहली राजकीय यात्रा है। मैं राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और स्लोवाकिया के लोगों को मेरे और मेरे प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए धन्यवाद देती हूँ। मैं भारत के लोगों की ओर से ढेर सारी शुभकामनाएँ लेकर आई हूँ।

स्लोवाकिया के राष्ट्रपति द्वारा आयोजित राजकीय भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सम्बोधन

मुझे आपके खूबसूरत देश में आकर बहुत प्रसन्नता हो रही है। हम स्लोवाक गणराज्य की सरकार और यहां की जनता द्वारा दिए गए हार्दिक स्वागत और आतिथ्य से अभिभूत हैं। आपके उदार शब्दों और भावनाओं के लिए आपका बहुत- बहुत धन्यवाद। मैं भी आपके प्रति यही भावनाएं अभिव्यक्त करती हूँ। मैं भारत के साथ संबंधों के प्रति आपकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए आपकी सराहना करती हूँ।

पैराग्वे के राष्ट्रपति महामहिम सैंटियागो पेन्या पलासियोस के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण

पैराग्वे के राष्ट्रपति महामहिम सैंटियागो पेन्या पलासियोस  के सम्मान में आयोजित भोज  में  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु  का अभिभाषण (HINDI)

आज भारत की पहली राजकीय यात्रा पर पैराग्वे के महामहिम राष्ट्रपति पेन्या और उनके प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है।

यह एक ऐतिहासिक अवसर है। 1961 में हमारे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से यह भारत में पैराग्वे से राष्ट्रपति स्तर की केवल दूसरी यात्रा है।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के 11वें दीक्षांत समारोह में सम्बोधन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के 11वें दीक्षांत समारोह में  सम्बोधन (HINDI)

पशु स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े इस ऐतिहासिक संस्थान में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मैं इस संस्थान से जुड़े सभी पूर्व और वर्तमान शिक्षकों और शोधकर्ताओं की पशु चिकित्सा अनुसंधान में योगदान देने के लिए सराहना करती हूं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का एम्स गोरखपुर के दीक्षांत समारोह में संबोधन

एम्स गोरखपुर के पहले दीक्षांत समारोह के विशेष अवसर पर आप सबके बीच आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। आज उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मैं बधाई देती हूँ। स्वर्ण पदक विजेताओं को मैं विशेष बधाई देती हूँ। आज का यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, शिक्षा, सेवा और समर्पण के मूल्यों के प्रति निष्ठा व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। मैं एम्स गोरखपुर के सभी doctors, nurses, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और कर्मचारियों को इस दीक्षांत समारोह के आयोजन की बधाई देती हूँ।

भारत की राष्‍ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ‘महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्‍वविद्यालय’ के लोकार्पण समारोह के अवसर पर सम्‍बोधन

भारत की राष्‍ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  ‘महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्‍वविद्यालय’ के लोकार्पण समारोह  के अवसर पर सम्‍बोधन (HINDI)

महायोगी गुरु गोरखनाथ की इस पवित्र धरती को मैं सादर नमन करती हूं। गुरु गोरखनाथ के बारे में कहा गया है कि आदिगुरु शंकराचार्य के बाद इतना प्रभावशाली और महिमापूर्ण महापुरुष भारतवर्ष में दूसरा नहीं हुआ।

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