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भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का एकीकृत जनजातीय विकास संस्थाओं और एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाओं के राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्बोधन

जनजातीय समुदायों के समग्र विकास को समर्पित संस्थाओं के इस नेशनल कॉन्क्लेव में आज आपके बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।

यह सम्मेलन tribal change agents का सम्मेलन है। आप सब पर जनजातीय समुदायों के कल्याण और विकास कार्यक्रमों को उनके गांव और घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है। ऐसा करके आप सब जनजातीय समुदायों के भाई-बहनों के जीवन में बहुत अच्छा बदलाव ला सकते हैं।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सिक्किम पुलिस को राष्ट्रपति का निशान प्रदान करने के अवसर पर संबोधन

आज, मुझे सिक्किम पुलिस को असाधारण सेवा के लिए ‘राष्ट्रपति का निशान’ प्रदान करके अत्यंत प्रसन्नता हुई है। यह सम्मान सिक्किम पुलिस के सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है। मैं इस बल से जुड़े सभी पूर्व और वर्तमान अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देती हूं। आज की parade में भाग लेने वाले सभी पुलिसकर्मियों को शानदार प्रदर्शन के लिए मैं विशेष बधाई देती हूं।

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का सिक्किम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में संबोधन

सिक्किम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मैं आज उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देती हूं।

यह सभी देशवासियों, विशेषकर सिक्किम के लोगों के लिए गर्व का विषय है कि सिक्किम अब पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तामांग, सरकार में उनके सहयोगियों और सिक्किम के सभी निवासियों को हार्दिक बधाई देती हूं।

साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण

आज राष्ट्रपति भवन में आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपकी इस यात्रा से हमारी साझेदारी और भी घनिष्ठ होगी।

महामहिम, 1962 में हमारे राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से ही, भारत और साइप्रस एक दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। हमारी जांची-परखी मित्रता आपसी सम्मान, साझा मूल्यों, विश्वास, और एकजुटता पर आधारित है।

वियतनाम समाजवादी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री तो लाम के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण

आज राष्ट्रपति भवन में आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। वियतनाम के राष्ट्रपति के रूप में आपके निर्वाचन पर, मैं आपको हार्दिक बधाई भी देती हूं।

महामहिम राष्ट्रपति जी, आपकी यह यात्रा हमारी साझेदारी के एक नए अध्याय का आरंभ करती है, जो न केवल इसकी सुदृढ़ता को दर्शाती है, बल्कि हमारी partnership के विस्तृत होते दायरे और महत्वाकांक्षा को भी प्रतिबिंबित करती है।

देवियो और सज्जनो,

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अभियान ‘कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत’ के शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधन

ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अभियान ‘कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत’ का शुभारंभ करते हुए मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान को मूर्त रूप देने के लिए मैं ब्रह्माकुमारी परिवार के सभी सदस्यों को बधाई देती हूं।

हमने अपने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए राजनीतिक स्थिरता और मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ-साथ स्वस्थ, शिक्षित तथा जिम्मेदार नागरिक होना आवश्यक हैं क्योंकि देशवासियों की सक्रिय भागीदारी के बिना किसी भी राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन है।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अक्षय पात्र फाउंडेशन के 5 billion meals पूरे होने के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में सम्बोधन

आज बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के इस कार्यक्रम में भाग लेकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। आज हम सब शिक्षा संबंधी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अक्षय पात्र संस्था द्वारा 5 billion meals परोसने की उल्लेखनीय उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस आयोजन का विषय ‘सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत’ है जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के हमारे राष्ट्रीय संकल्प के लिए एक पोषित और शिक्षित समाज के महत्व को रेखांकित करता है।

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