‘कान्टेम्पराइजिंग टैगोर एंड द वर्ल्ड’ की प्रथम प्रति स्वीकार करने के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

सबसे पहले मैं ‘कान्टेम्पराइजिंग टैगोर एंड द वर्ल्ड’ नामक पुस्तक की प्रथम प्रति स्वीकार करने के लिए मुझे आमंत्रित करने के लिए, इस समारोह के आयोजकों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।



राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2013 के समारोह में भाग लेने के लिए आपके बीच आना मेरे लिए गौरव का विषय है। यह दिवस उस महत्त्व का प्रतीक है जो सरकार देश की प्रौद्योगिकीय क्षमताओं के विकास को प्रदान करती है।
मुझे आज पूर्वोत्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के एक उत्कृष्ट केंद्र नागालैंड विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मेरा इस विश्वविद्यालय में उपस्थित होना सौभाग्य की बात है, जिसका शिलान्यास 1987 में हमारे पूर्व प
सर्वप्रथम, मैं असम विश्वविद्यालय के तेरहवें वार्षिक दीक्षांत समारोह के इस उल्लासमय अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मैं, इस अवसर पर सभी पदक, उपाधि और डिप्लोमा प्राप्तकर्ताओं को बधाई देता हूं।
मुझे आज पूर्वोत्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के एक उत्कृष्ट केंद्र नागालैंड विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मेरा इस विश्वविद्यालय में उपस्थित होना सौभाग्य की बात है, जिसका शिलान्यास 1987 में हमारे पूर्व प्रधानमंत्री, स्व.
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