भारतीय सिनेमा के शताब्दी समारोहों के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति,श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
भारतीय सिनेमा के शताब्दी समारोहों के अवसर पर,आप सबके बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है,जिसे तमिलनाडु सरकार और साउथ इंडियन फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया है।

मुझे एक असाधारण अतीत, एक अच्छे वर्तमान और सुनहरे भविष्य के संगम स्थल पर उपस्थित होकर खुशी हो रही है। माना जाता है कि प्राचीन पुदुच्चेरी ऋषि अगस्त का धाम रहा है जिन्होंने उत्तर से आकर दक्षिण में अपना बसेरा बनाया और इस प्रकार
मुझे आज पांडिचेरी विश्वविद्यालय के तेईसवें दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर तथा इस शुभ अवसर के लिए आज यहां आए हुए विद्यार्थियों के उल्लास और रोमांच को देखकर प्रसन्नता हुई है।
मुझे आज एशिया एवं प्रशांत के लिए एकीकृत ग्रामीण विकास केंद्र की उन्नीसवीं बैठक के उद्घाटन के लिए आपके बीच उपस्थित होकर गर्व का अनुभव हो रहा है। मैं, अपने देश की ओर से उन सभी विशिष्ट प्रतिनि
इस्तांबुल विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रोफेसर डॉ. युनुस सोयलेट,
महामहिम,