बेल्जियम के प्रधानमंत्री के साथ शिष्टमंडल स्तर की बातचीत में अवसर अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का प्रारंभिक उद्बोधन
महामहिम प्रधानमंत्री एलियो डी. रूपो,
मैं आपके स्वागत के गर्मजोशी भरे शब्दों के लिए धन्यवाद देता हूं। ब्रुसेल्स की यात्रा करना और आपके साथ बातचीत करने का अवसर प्राप्त करना वास्तव में सुखद है।
मैं भारत बेल्जियम के संबंधों पर नजर डालने के लिए आपका धन्यवाद करता हूं। मैं अपनी राजकीय यात्रा के लिए आपके आतिथ्य और आपकी सरकार द्वारा किए गए शानदार प्रबंध की गहरी प्रशंसा करता हूं। मैं आपको अपने शिष्टमंडल के सदस्यों का परिचय करवाना चाहूंगा।
महामहिम,

इस्तांबुल विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रोफेसर डॉ. युनुस सोयलेट,
महामहिम,
मुझे आज की सुबह आप लोगों के बीच उपस्थित होकर द्वितीय भारत जल फौरम के उद्घाटन सत्र में भाग लेने पर बहुत प्रसन्नता हो रही है। सबसे पहले मैं, सही मायने में वैश्विक प्रासंगिकता वाले इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए ऊर्जा तथा 
मुझे हमारे देश के प्रमुख पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीनों की दीक्षांत परेड का अवलोकन करके अपार प्रसन्नता हो रही है।
मैं, पहली बार राष्ट्रपति भवन में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के निदेशकों के इस सम्मेलन में आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूं।
मुझे, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के 44वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर आपसे मिलकर प्रसन्नता हुई। इस मनोरम परिसर में आपके बीच उपस्थित होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।