कला क्षेत्र फाऊंडेशन में प्रथम रुकमिणी देवी स्मृति व्याख्यान में भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
मुझे, इस शाम प्रथम रुकमिणी देवी स्मृति व्याख्यान देने के लिए चेन्नै आकर प्रसन्नता हो रही है। कला क्षेत्र एक प्रभामय भूमि है। यह श्रीमती रुकमिणी देवी की संकल्पना के कारण पवित्र हो गई है। हमारी विरासत के सभी महान विषयों के दशकों के दौरान पालन करने के का



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मुझे आज केन्द्रीय सूचना आयोग के आठवें अधिवेशन के अवसर पर आपके बीच उपस्थित होकर वास्तव में बहुत प्रसन्नता हो रही है। यह इस बात पर विचार करने का तथा आत्मचिंतन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है कि सूचना के अधिकार ने किस प्रकार सरकार तथा इसके नागरिकों
शिक्षक दिवस के अवसर पर आपको संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। भारत के शिक्षक समुदाय के समर्पण के प्रति सम्मान व्यक्त करने तथा यह समारोह मनाने के अवसर पर मुझे आपके बीच आकर खुशी हो रही है। इस दिन, हम इन राष्ट्रीय पुरस्कारों से आप में से उन लोगों को सम्मानित करते हैं, जिन्हो
आज द्वितीय टैगोर सांस्कृतिक सद्भावना पुरस्कार, 2013 संगीत-विभूति जुबिन मेहता को प्रदान करने के लिए यहां उपस्थित होकर आज अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मैं प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल को उनके सर्वसम्मत चुनाव के लिए बधाई देता हूं।