11वें प्रवासी भारतीय दिवस के समापन समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

मुझे 11वें प्रवासी भारतीय दिवस के समापन व्याख्यान के लिए आपके बीच उपस्थित होकर बहुत प्रसन्नता हो रही है। आज का दिन हमारे देश के इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण दिन है क्योंकि इसी दिन 98 वर्ष पहले, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे।


आज मकर सक्रांति के पावन दिन, सीआईआई—आईटीसी सततता पुरस्कार-2012 प्रदान करने के लिए आप सबके बीच आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। मैं आयोजकों का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे भारतीय उद्योगों के प्रमुखों की इस महती सभा में भाग लेने का अवसर दिया।