भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का दिव्यांग-जन सशक्तीकरण के क्षेत्र में 2024 के राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में सम्बोधन (HINDI)
मैं सभी देशवासियों की ओर से, आज पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति और संस्था को हार्दिक बधाई देती हूं।
मैं सभी देशवासियों की ओर से, आज पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति और संस्था को हार्दिक बधाई देती हूं।
आज आप सभी से मिलकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। आप सबने कठिन प्रतियोगी परीक्षा में सफल होकर अपनी क्षमता और दृढ़ निश्चय का परिचय दिया है। मैं Royal Government of Bhutan के प्रशिक्षु अधिकारियों का विशेष रूप से स्वागत करती हूं।
मुझे बताया गया है कि आप सब विभिन्न शैक्षिक और प्रोफेशनल पृष्ठभूमियों से आते हैं। आप इस सेवा में देश के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व भी कर रहे हैं। हमारे विविधतापूर्ण देश में शुल्क और कर संबंधी नीतियों को लागू करने में अन्य क्षेत्रों के बारे में आपकी समझ और जानकारी, आपकी सहायता करेगी।

It is a great pleasure to be among you all at the premier tri-service joint training institution of the country. I am impressed by the beautiful campus of Defence Services Staff College placed amidst the spectacular Nilgiris and surrounded by lush green tea gardens and rich variety of flora and fauna.

I am delighted to be among you all on the auspicious occasion of ‘Samvidhan Divas’. The Constitution is the holiest book of our country. Today, we all are both participants and witnesses of a historic occasion.

‘आज तक साहित्य जागृति सम्मान’ के विजेताओं को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। जो समाज या संस्थान, साहित्य-साधना से जुड़े रचनाकारों का सम्मान करता है, उसके भविष्य के प्रति विश्वास मजबूत होता है। इस सम्मान समारोह का आयोजन करने के लिए मैं India Today Group की सराहना करती हूं।

लोक-मंथन का उद्घाटन करके मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। मैं वर्ष 2018 में रांची में आयोजित लोक-मंथन कार्यक्रम में शामिल हुई थी। भारत की समृद्ध संस्कृति, परम्पराओं और विरासत में एकता के सूत्रों को सुदृढ़ बनाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। प्रज्ञा प्रवाह के तत्त्वावधान में इस आयोजन में योगदान देने वाले सभी संगठनों की मैं प्रशंसा करती हूं।

लोक-मंथन का उद्घाटन करके मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। मैं वर्ष 2018 में रांची में आयोजित लोक-मंथन कार्यक्रम में शामिल हुई थी। भारत की समृद्ध संस्कृति, परम्पराओं और विरासत में एकता के सूत्रों को सुदृढ़ बनाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। प्रज्ञा प्रवाह के तत्त्वावधान में इस आयोजन में योगदान देने वाले सभी संगठनों की मैं प्रशंसा करती हूं।
आज इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में उपस्थित होकर मुझे आनंद का अनुभव हो रहा है। यह प्रसन्नता की बात है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस कोटि दीपोत्सवम् में भाग लेने के लिए आए हैं।
My dear fellow citizens,
Namaskar!
Johar!
I convey my greetings to the people of India on the occasion of ‘Janjatiya Gaurav Divas’. We are commencing the year-long celebration of the 150th birth anniversary of 'Dharti Aaba' Bhagwan Birsa Munda. On behalf of all the fellow citizens, I pay my respectful homage to the sacred memory of Bhagwan Birsa Munda.

मुझे इस संघ राज्यक्षेत्र में आप सभी के बीच आकर अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। यहां के लोगों द्वारा जिस गर्मजोशी के साथ मेरा स्वागत किया गया है वह मेरी स्मृति में सदैव अंकित रहेगा। मैं इस स्वागत-सत्कार के लिए यहां के प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल जी तथा सभी निवासियों को धन्यवाद देती हूं।