हिज मेजेस्टी स्वीडन नरेश द्वारा आयोजित राजभोज के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
योर मेजेस्टीज,
योर रॉयल हाइनेसेज,
महामहिमगण,
देवियो और सज्जनो,
1. योर मेजेस्टी, आपके सहृदयतापूर्ण शब्दों के लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं। भारत के राष्ट्रपति की स्वीडन की पहली राजकीय यात्रा पर आना वास्तव में सम्मान की बात है। मुझे और मेरे शिष्टमंडल के शानदार स्वागत तथा सम्मानजनक आतिथ्य की मैं अत्यंत सराहना करता हूं।

उपसाला विश्वविद्यालय में आकर भारत के राष्ट्रकवि और साहित्य के लिए प्रथम गैर यूरोपीय नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर तथा भारत के राष्ट्रपिता, महात्मा गांधी की समसामयिक प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रकट करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
बेलारूस के गणराज्य के महामहिम राष्ट्रपति, एलेक्जेंडर लुकाशेन्को,
महामहिम डॉ. जकाया म्रिशो कीक्वेटे,