कर्नाटक विधानमंडल में भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

कर्नाटक विधानमंडल के इस प्रतिष्ठित निकाय को संबोधित करना मेरे लिए एक सम्मान और सौभाग्य है।

कर्नाटक विधानमंडल के इस प्रतिष्ठित निकाय को संबोधित करना मेरे लिए एक सम्मान और सौभाग्य है।

देवियो और सज्जनो,
मुझे, डॉ. चंद्रशेखर काम्बर को, जो कि कन्नड़ भाषा में इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार के प्राप्त करने वाले आठवें व्यक्ति हैं, 46वां भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करने के लिए यहां उपस्थित होकर बहुत प्रसन्नता हो रही है।

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, श्री बी.एल. जोशी और मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने जिस गर्मजोशी से मेरा स्वागत किया है, इसके लिए मैं उनको धन्यवाद देता हूं। उत्तर प्रदेश मेरे लिए कोई नई जगह नहीं है परंतु वर्तमान दायित्व ग्रहण करने के बाद यह उत्तर प्रदेश की मेरी पहली यात्रा है।

श्री एस. जयपाल रेड्डी, माननीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री,
श्री आर.पी.एन. सिंह, माननीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री,
श्री जी.सी. चतुर्वेदी, सचिव, पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय,
श्री आर.एस. बुटोला, अध्यक्ष, इंडियन ऑयल,
His Majesty, King Juan Carlos I of Spain,
महामहिम स्पेन नरेश हुअन कर्लोस I,
श्री मनमोहन सिंह, भारत के प्रधानमंत्री,
स्पेन से पधारे विशिष्ठ अतिथिगण,
देवियो और सज्जनो,
मुझे, महामहिम नरेश हुअन कर्लोस का भारत की इस दूसरी यात्रा पर, हार्दिक स्वागत करते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है।

कार्टूनिस्ट स्व. श्री पी.के.एस. कुट्टी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित इस विशेष बैठक में भाग लेकर मुझे प्रसन्नता हो रही है।

मुझे मलयालम के महापर्व विश्व मलयाला महोत्सवम् के लिए ‘ईश्वर के अपने देश’ केरल में आकर वास्तव में प्रसन्नता हो रही है।

आज आप सबके बीच आकर केरल के विधान मंडलों के 125वर्षीय समारोहों में भाग लेकर मुझे बहुत सम्मान का अनुभव हो रहा है।

केरल विधान सभा के सदस्यों को संबोधित करते हुए भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण
आज आप सबके बीच आकर केरल के विधान मंडलों के 125वर्षीय समारोहों में भाग लेकर मुझे बहुत सम्मान का अनुभव हो रहा है।