मुंबई विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी का अभिभाषण

मुझे, मुंबई विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर बहुत प्रसन्नता हो रही है। यह संस्थान वास्तव में भारत में उच्च शिक्षा का उद्गम स्थल है। इसकी स्थापना पूर्व मद्रास और कोलकाता विश्वविद्यालयों के साथ 1857 में की गई थी और इसकी ऐसे अनेक नेताओं को शिक्षित करने में प्रमुख भूमिका थी जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलवाई।






आज मकर सक्रांति के पावन दिन, सीआईआई—आईटीसी सततता पुरस्कार-2012 प्रदान करने के लिए आप सबके बीच आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। मैं आयोजकों का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे भारतीय उद्योगों के प्रमुखों की इस महती सभा में भाग लेने का अवसर दिया।