चिली गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम गेब्रियल बोरिक फॉन्ट के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण (HINDI)

राष्ट्रपति भवन : 01.04.2025
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चिली गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम गेब्रियल बोरिक फॉन्ट की भारत की पहली राजकीय यात्रा पर, आज राष्ट्रपति भवन में उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।

महामहिम, आप पहली बार भारत आए हैं, लेकिन आपसे मिलकर मुझे एहसास हुआ कि आपको भारत के बारे में गहरी समझ और रुचि है। मुझे आशा है कि भारत में अब तक आपका समय सुखद रहा होगा।

महामहिम, मुझे याद है कि कुछ साल पहले जब आप चिली के राष्ट्रपति चुने गए थे, भारत में हमने इस बात की सराहना की, कि इतने युवा नेता ने अपने देश की बागडोर संभाली है। छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रपति पद तक मुझे आपके राजनीतिक जीवन के बारे में जानकर खुशी हुई। मेरा मानना ​​है कि अधिक से अधिक युवाओं को सक्रिय राजनीति में रुचि लेनी चाहिए। आप सभी युवा नेताओं के लिए प्रेरणा हैं।

यद्यपि भारत और चिली भौगोलिक दृष्टि से काफी दूर हैं, हम पारस्परिक सम्मान और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों से एक दूसरे के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं। इस साल हमारे राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, इससे आपकी यात्रा का महत्व और भी बढ़ जाता है।

महामहिम, चिली Latin America क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। हमारी राजनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताएं समरूप हैं, और हम दोनों स्वतंत्र सोच वाले देश हैं। जब भारत को स्वतंत्रता मिली तो चिली Latin America क्षेत्र का एकमात्र देश था जिसने 1947 में भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक विशेष दूत भेजा था।

हमारे पास व्यापार और निवेश, तकनीकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से लेकर लोगों के बीच संबंधों तक अपनी साझेदारी का विस्तार करने के कई अवसर हैं। हाल के वर्षों में हमने इन सभी क्षेत्रों में बढ़ती हुई सहभागिता देखी है। मुझे बताया गया है कि आज प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ आपकी इन सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई है। मुझे यकीन है कि आपकी यात्रा इस रिश्ते को और मजबूत करेगी।

हमारी साहित्यिक परंपराएँ भी बहुत पुरानी हैं। श्री अरबिंदो और रवींद्रनाथ टैगोर के दर्शन का प्रभाव, चिली की प्रसिद्ध Nobel-पुरस्कार विजेता लेखिका, गैब्रिएला मिस्ट्रल के लेखन में परिलक्षित होता है। चिली के विख्यात लेखक पाब्लो नरुदा भारत में आज भी लोकप्रिय हैं। भारत की तरह चिली में भी विविध सांस्कृतिक विरासत है, जिसमें आदिवासी कला की समृद्ध परंपरा शामिल है।

शायद इसी बात ने लगभग 4000 भारतीय मूल के लोगों को आकर्षित किया जिन्होंने चिली को अपना घर बनाया है। मुझे बताया गया है कि चिली में भारतीयों का इतिहास 1902 से शुरू हुआ, जब सिंधी समुदाय के कुछ लोगों ने महासागरों को पार करने का साहस किया, कड़ी मेहनत की और अपने नए देश के विकास में बहुमूल्य योगदान दिया। आज चिली में भारतीय, business से लेकर technology तक, सभी क्षेत्रों से जुड़े हैं। चिली में भारतीय समुदाय भारतीय व्यंजन, Yoga और Ayurveda को लोकप्रिय बना रहा है और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत कर रहा है। मुझे आशा है कि आज के रात्रि भोज के दौरान चिली से आए हमारे मित्रों को भारतीय कला, व्यंजन और संगीत की समृद्ध विरासत की एक झलक देखने को मिलेगी।

महामहिम, मुझे बताया गया है कि आपकी यात्रा के दौरान, आप Mumbai और Bengaluru की भी यात्रा कर रहे हैं। मैंने देखा है कि आपकी team ने इन दो शहरों में आपके लिए बहुत व्यस्त कार्यक्रम रखा है और मुझे आशा है कि आपकी यात्रा उपयोगी होगी।

महामहिम, इस बार आप भारत अकेले आए हैं और इसका सुखद कारण यह है कि आप कुछ ही दिनों में पहली बार पिता बनने वाले हैं। मुझे आशा है कि आप मुझे शीघ्र ही राष्ट्रपति भवन में, नवीनतम सदस्य सहित, अपने पूरे परिवार का स्वागत करने का अवसर प्रदान करेंगे।

महामहिम, मुझे विश्वास है कि भारत की आपकी राजकीय यात्रा हमारे दीर्घकालिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगी, जिससे हमारे दोनों देशों के लोगों को लाभ होगा।

इन शब्दों के साथ, महामहिम, देवियो एवं सज्जनो, आइए हम सब मिल कर:

- चिली के राष्ट्रपति महामहिम गेब्रियल बोरिक फॉन्ट और उनके परिवार के अच्छे स्वास्थ्य,

 - चिली के लोगों की निरंतर प्रगति एवं समृद्धि, तथा 

- भारत और चिली के बीच मजबूत संबंधों के लिए, अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करें।

धन्यवाद।

 

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