साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के सम्मान में आयोजित भोज में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण(HINDI)
राष्ट्रपति भवन : 22.05.2026
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आज राष्ट्रपति भवन में आपका और आपके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपकी इस यात्रा से हमारी साझेदारी और भी घनिष्ठ होगी।
महामहिम, 1962 में हमारे राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से ही, भारत और साइप्रस एक दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। हमारी जांची-परखी मित्रता आपसी सम्मान, साझा मूल्यों, विश्वास, और एकजुटता पर आधारित है।
भारत के business एवं financial समुदाय के साथ आपकी बातचीत, तथा आज संपन्न हुए agreements ने हमारी साझेदारी की नींव को और सुदृढ़ किया है। भारत–साइप्रस संबंधों को Strategic Partnership के स्तर तक उन्नत किया जाना, इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह वास्तव में उस भरोसे को दर्शाता है, जो दोनों देशों के बीच कई दशकों से रहा है और आपसी सहयोग को बढ़ाने के लिए नए अवसर खोलता है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, finance, समुद्री मामलों, शिक्षा, संस्कृति तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग अत्यंत मजबूत है।
अगले वर्ष हम अपने दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 65वीं वर्षगांठ मनाएंगे। यह हमारे संबंधों में नए आयामों को जोड़ने का अच्छा अवसर है। Technology और innovation हमारे सहयोग के सबसे दूरदर्शी क्षेत्रों में उभरकर सामने आए हैं। मेरा विश्वास है कि semiconductors, renewable energy, green energy, अंतरिक्ष, sustainable development, cyber- security तथा Artificial Intelligence जैसे क्षेत्रों में collaboration की व्यापक संभावनाएँ हैं।
महामहिम,
राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पहले, आपने एक वरिष्ठ और अनुभवी राजनयिक के रूप में भी अपने देश की सेवा की है। आप इस बात को भलीभांति समझते हैं कि वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में, हमें भरोसेमंद मित्रों और partners की आवश्यकता है। हमारे दोनों देश multilateralism, लोकतंत्र, rule of law, संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता साझा करते हैं। Cross-border terrorism और बहुपक्षीय संगठनों में सुधार जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर हमारे समान दृष्टिकोण हैं। EU Council अध्यक्षता साइप्रस के लिए एक महत्वपूर्ण दायित्व है। EU के भीतर साइप्रस की रचनात्मक भूमिका की हम सराहना करते हैं।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान, योग, आयुर्वेद, भारतीय cinema, और साइप्रस में बसे प्रवासी भारतीयों के योगदान से हमारे दोनों देशों के लोग एक दूसरे के करीब आए हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आपकी यात्रा इन जीवंत संबंधों को और अधिक ऊर्जा प्रदान करेगी। मुझे आशा है कि आज राष्ट्रपति भवन में साइप्रस से आए हमारे मित्र, भारतीय कला, संगीत और व्यंजनों की एक छोटी सी झलक का आनंद ले सकेंगे।
देवियो और सज्जनो,
आने वाले वर्षों में भारत, साइप्रस के साथ अपने व्यापक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके मार्गदर्शन और नेतृत्व के साथ, हमारी मित्रता निरंतर सुदृढ़ होती जाएगी।
इन्हीं शब्दों के साथ, महामहिम, देवियों और सज्जनों, आइए हम सब मिलकर:
- साइप्रस के महामहिम राष्ट्रपति जी के अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण,
- साइप्रस के लोगों की निरंतर प्रगति और समृद्धि,
- और भारत और साइप्रस के बीच मित्रता को हमेशा बनाये रखने के लिए, अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करें।
धन्यवाद।
