भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में संबोधन(HINDI)

गांधीनगर : 14.04.2026

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राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मैं आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं। दीक्षांत समारोह, शिक्षा के एक चरण के सम्‍पन्‍न होने के साथ-साथ वह महत्‍वपूर्ण अवसर भी होता है, जब शिक्षण संस्‍थान, प्रशिक्षित और समर्पित विद्यार्थियों के एक समूह को देश हित में कार्य करने के लिए समाज को सौंपते हैं।

इस समारोह में Doctorate की उपाधि प्राप्त करने वाले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जी को मैं विशेष बधाई देती हूं।

मैं सभी सशस्त्र बलों, पुलिस संगठनों और सुरक्षा समुदाय से जुड़े उपाधि प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को बधाई देती हूं। सेवारत होते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त करने का आपका प्रयास सराहनीय है। कार्यक्षेत्र और क्‍लासरूम को जोड़ने वाला अनुभव — शिक्षण संस्थाओं और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी संस्‍थाओं — दोनों को सशक्त बनाएगा।

देवियो और सज्‍जनो,

देश की प्रगति और विकास के लिए आंतरिक सुरक्षा अनिवार्य है। हम जैसे-जैसे वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ेंगे, वैसे-वैसे देश के आंतरिक सुरक्षा तंत्र के सुचारू संचालन के लिए दक्ष एवं कुशल professionals की आवश्‍यकता बढ़ेगी। यह प्रसन्नता का विषय है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय इस दिशा में आवश्‍यक कदम उठा रहा है।

आने वाले समय में सुरक्षा परिदृश्‍य और जटिल होता जाएगा। कुछ वर्ष पहले तक हम Digital Arrest, Cyber Crime, Phishing Attacks जैसे शब्‍दों से परिचित नहीं थे। लेकिन ये आज बहुत बड़े खतरे के रूप में हमारे सामने हैं। ऐसी परिस्थिति में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों का महत्‍व और उत्‍तरदायित्‍व बढ़ जाता है। देश को वर्तमान में और भविष्‍य में ऐसे पुलिस अधिकारियों की आवश्‍यकता है जो Cyber Fraud करने वाले अपराधियों को पकड़ने और सजा दिलाने में तकनीकी रूप से सक्षम एवं दक्ष हों। ऐसे Forensic Experts की आवश्‍यकता है जो न्‍यायालयों की कसौटी पर खरा उतरने वाले साक्ष्‍य उपलब्‍ध करा सकें। ऐसे Competent Professionals की आवश्‍यकता है जो Geo-politics की बारीकियों को समझ सकें और भारत की बात को विश्‍व-पटल पर आत्‍म-विश्‍वास एवं स्‍पष्‍टता से रख सकें।

प्रिय विद्यार्थियों,

आप ऐसे समय में उपाधि प्राप्‍त कर रहे हैं जब राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा में बहुत अधिक परिवर्तन हो गया है। कुछ समय पहले तक, सुरक्षा का अकसर केवल भू-भाग, सैनिकों और पारंपरिक हथियारों के संदर्भ में आकलन किया जाता था। लेकिन, अब सुरक्षा में प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, डेटा, तटीय सुरक्षा, कूटनीति आदि भी समान रूप से महत्वपूर्ण हो गए हैं। मुझे पूरा विश्‍वास है कि आप सभी ने जो भी क्षेत्र चुना है उसके आप सुविज्ञ एवं प्रवीण professional माने जाएंगे।

देवियो और सज्‍जनो,

राष्ट्रीय शक्ति, सैन्‍य कर्मियों और सुरक्षा बलों के साहस एवं पराक्रम पर तो निर्भर है ही, यह सुरक्षा के लिए आवश्‍यक अस्‍त्रों एवं शस्‍त्रों की गुणवत्ता, उत्पादन, प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकीय आत्मनिर्भरता पर भी निर्भर है। यह प्रसन्नता की बात है कि सरकार निरंतर इस दिशा में प्रयत्नशील है। स्वदेशी क्षमता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर रक्षा के क्षेत्र में आयात पर निर्भरता को कम किया जा रहा है।

सामरिक अध्ययन अब केवल युद्ध और शांति के सिद्धांतों तक सीमित नहीं है। इसमें रक्षा विनिर्माण, उभरती प्रौद्योगिकियां, आपूर्ति-श्रृंखला और आत्मनिर्भर औद्योगिक क्षमता भी शामिल है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय द्वारा Defence एवं Security से जुड़ी Industries के साथ Interface रखना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इस विश्वविद्यालय के नीति-निर्माताओं को मेरा सुझाव है कि वे अपने पाठ्यक्रमों में Defence एवं Security Industries की अपेक्षाओं के अनुरूप समय-समय पर बदलाव करते रहें।

समुद्री क्षेत्र में नौवहन, बंदरगाह, आपूर्ति-श्रृंखला, ब्लू इकोनॉमी और सुरक्षा के विविध आयाम शामिल हैं। इसलिए समुद्री और तटीय सुरक्षा को भारत की भावी सामरिक नीति का एक प्रमुख स्तंभ माना जाना चाहिए। व्‍यवसाय सुरक्षित परिवेश में ही फलता-फूलता है, इसलिए देश का सुरक्षित रहना देशवासियों की आर्थिक विकास एवं समृद्धि से भी जुड़ा हुआ है।

देवियो और सज्‍जनो,

Information Technology, Artificial Intelligence, Cyber Security जैसे क्षेत्र आज विश्व की दिशा और दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार इनकी महत्ता को समझते हुए गंभीर प्रयास कर रही है। ‘India AI Mission’ और ‘AI Impact Summit 2026’ के माध्यम से भारत वैश्विक AI governance में एक महत्वपूर्ण आवाज बनकर उभरा है। AI Impact Summit 2026 में ‘नई दिल्ली घोषणा’ को व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलना केवल technological achievement नहीं है, बल्कि भारत की नेतृत्व क्षमता का भी प्रमाण है। AI के क्षेत्र में हमारी अग्रणी भूमिका देश की सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

Cyber Security, आंतरिक सुरक्षा, वित्तीय स्थिरता और डिजिटल विश्वास का अभिन्न हिस्सा है। Cyber Security के क्षेत्र में भारत ने Indian Cyber Crime Coordination Centre और National Cyber Crime Reporting Portal जैसे मजबूत संस्थागत तंत्र विकसित किए हैं। ये नागरिकों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।

मुझे प्रसन्नता है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय खेल और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय है। इस विश्वविद्यालय की एक विद्यार्थी, एन. रोशीबिना देवी ने वुशु खेल में एशियाई खेलों सहित कई अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीते हैं। मैं उनको बहुत-बहुत बधाई देती हूं। यहां का Bharat Centre for Olympic Research and Education भी इस दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास है।

देवियो और सज्‍जनो,

पिछले दिनों, देश ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक विजय पाई है। इस उपलब्धि के लिए मैं सभी संबंधित राज्‍यों के पुलिस बलों और केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों की सराहना करती हूं। देश के जिन भागों में पहले नक्‍सलवाद के नाम पर लाल झंडा फहराया जाता था, वहां अब देश का राष्‍ट्रीय ध्‍वज शान से लहरा रहा है। इस उपलब्धि के लिए, देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े सभी सुरक्षा बलों को एक बार फिर से बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं।

मेरी कामना है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय सुरक्षा शिक्षा का एक उत्कृष्ट वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ता रहे। यहां से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। ऐसे प्रयासों के बल पर हमारा देश सुरक्षित, सशक्त और विकसित राष्ट्र बनेगा। मैं इस पद पर रहते हुए देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में जाती हूं। आज छात्र और छात्रा में कोई भिन्नता नहीं है। छात्राएं हर क्षेत्र में आगे हैं -

चाहे medical हो, engineering हो, या कोई भी क्षेत्र हो। यहां medal प्राप्त करने में भी छात्राएं आगे हैं। रक्षा के क्षेत्र में भी छात्राएं पीछे नहीं हैं। वे आगे बढ़ रही हैं, इसके लिए मैं उनको बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं। मैं पुनः उपाधि प्राप्‍त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देती हूं और सभी के उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की कामना करती हूं।

धन्‍यवाद,
जय हिंद!
जय भारत!

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