भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में सम्बोधन(HINDI)
बिलासपुर: : 06.10.2026
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मां नैना देवी जी के इस पावन क्षेत्र में स्थापित, एम्स बिलासपुर में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है।
बिलासपुर का यह क्षेत्र वीरों की धरती है। यहां के वीर सपूतों ने भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में अपना योगदान दिया है। उनके साहस, समर्पण और देश-सेवा की भावना को मैं नमन करती हूं। देश की रक्षा में अपना बलिदान देने वाले सभी वीर सपूतों को मैं श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।
देवियो और सज्जनो,
एम्स बिलासपुर अपना पहला दीक्षांत समारोह मना रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, मैं इस संस्थान के निर्माण में योगदान देने वाले सभी लोगों की सराहना करती हूं। मैं आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देती हूं। स्वर्ण-पदक प्राप्त करने वाले बेटे-बेटियों की मैं विशेष सराहना करती हूं। मैं उन माता-पिता, अभिभावकों और शिक्षकों को भी बहुत- बहुत बधाई देती हूं जिनके सहयोग और मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों को यहां तक पहुंचाया है।
प्रिय विद्यार्थियो,
आप इस संस्थान से उपाधि प्राप्त करने वाले प्रथम बैच के विद्यार्थी हैं। आपके लिए यह गर्व का विषय है। इसके साथ एक ज़िम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। इस संस्थान की पहचान और विरासत के निर्माण का शुभारंभ करने का कर्तव्य आपको निभाना है। भविष्य में आपके व्यवहार और कार्य से इस संस्थान की प्रतिष्ठा निर्मित होगी। आपका यह सदैव प्रयास होना चाहिए कि आपके आचरण और कार्यों से इस संस्थान का मान बढ़े। आप यहां के भावी विद्यार्थियों के लिए आदर्श बनें।
आपलोगों ने medical profession को career के रूप में चुना है। इस profession का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए – मानवता की सेवा करना। जब एक बीमार व्यक्ति चिकित्सक के पास आता है तब वह बीमारी से जुड़े डर और अनिश्चितता के साथ-साथ उम्मीद लेकर भी आता है। आपका ज्ञान, बीमारी की पहचान करता है। आपका कौशल, उस बीमारी का इलाज करता है। लेकिन आपकी संवेदनशीलता और करुणापूर्ण व्यवहार बीमार व्यक्ति को हिम्मत देता है। इसलिए, आप अपने profession में श्रेष्ठ बनने के साथ-साथ, संवेदनशीलता और करुणा को भी अपनाएं।
देवियो और सज्जनो,
न्यूनतम लागत में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा एम्स की पहचान है। देशवासियों के लिए एम्स का मतलब होता है देश के सबसे योग्य चिकित्सकों द्वारा चिकित्सा। एम्स पर इस भरोसे का लाभ अधिक से अधिक लोग उठा सकें और अधिक संख्या में मेधावी विद्यार्थी उच्च कोटि की चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करके देश की सेवा कर सकें, इन उद्देश्यों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक एम्स की स्थापना की गई है। मुझे बताया गया है कि एम्स बिलासपुर में पिछले 3 वर्षों में करीब 12 लाख outpatients ने और एक लाख से अधिक inpatients ने चिकित्सा सेवा का लाभ उठाया है।
एम्स बिलासपुर की भौगोलिक स्थिति के कारण आपकी विशेष जिम्मेदारी बनती है। हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में बसी आबादी तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना एक बहुआयामी चुनौती है। इन चुनौतियों पर विजय पाने के लिए एम्स बिलासपुर को advanced tertiary healthcare का प्रमुख केंद्र बनना है। इसके साथ ही, इसे टेलीमेडिसिन, दूर के क्षेत्रों में विशेषज्ञ परामर्श, चिकित्सा कर्मियों के प्रशिक्षण और latest technologies के प्रयोग से दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है। मुझे विश्वास है कि इस संस्थान के नीति-निर्माता इस दिशा में निरंतर प्रयत्नशील रहेंगे।
देवियो और सज्जनो,
सामान्य लोगों के लिए किसी बड़ी बीमारी की स्थिति में चिकित्सा का खर्च उठाना बहुत भारी पड़ता है। इलाज़ कराने में लोगों के घर-जमीन तक बिक जाते हैं। भारत सरकार द्वारा कमजोर वर्गों की इस पीड़ा को दूर करने के लिए ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है। मुझे बताया गया है कि इस योजना के तहत अब तक 13 करोड़ से अधिक hospitalizations में लोगों को 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हुई है। देशवासियों को कम खर्च पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराना सभी की ज़िम्मेदारी है। चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की बढ़ती कीमत मरीजों और उनके परिवारों के लिए एक गंभीर चुनौती है। Affordable, accessible और cost-effective healthcare solutions का विकास, एम्स जैसे अग्रणी संस्थानों के लिए चुनौती भी है और अवसर भी। आपके प्रयास से हमारे देशवासी स्वस्थ बने रहेंगे और पूरी क्षमता से देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकेंगे।
प्रिय विद्यार्थियो,
वर्तमान समय में चिकित्सा पद्धतियों, तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं के स्वरूप में तेज गति से परिवर्तन आ रहा है। भविष्य में इस परिवर्तन की गति के और भी तीव्र होने की संभावना है। ऐसी परिस्थिति में अपने आप को सक्षम बनाए रखने के लिए आपको lifelong learner बने रहना होगा। आप अपनी knowledge को research का रूप दीजिए, research को innovation में बदलिए, और उस innovation से लोगों के जीवन को बेहतर बनाइए। ज्ञान की सार्थकता तभी है जब उसे साझा किया जाए, समाज के कल्याण के लिए उसका उपयोग किया जाए।
आपका career चाहे आपको जिस ऊंचाई पर ले जाए, आप उन लोगों को याद रखिए जिनके पास संसाधनों की कमी है। दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले उन समुदायों को याद रखिए, जिनके लिए विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचना मुश्किल होता है।
आपने एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा ग्रहण की है। देश को आपसे बहुत उम्मीदें हैं। एम्स के ब्रांड को मजबूत बनाइए, देश और समाज की सेवा करिए, मां नैना देवी जी का आशीर्वाद और मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
धन्यवाद,
जय हिंद!
जय भारत!
