भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारत स्काउट्स और गाइड्स के हीरक जयंती समारोह और 19वीं जंबूरी में सम्बोधन (HINDI)

लखनऊ : 28.11.2025

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आज Bharat Scouts and Guides के हीरक जयंती समारोह और 19वीं जम्बूरी में भाग लेकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। युवाओं की इतनी बड़ी संख्या में यहां पर उपस्थिति देखकर मेरे अंदर भी नयी ऊर्जा का संचार हो रहा है। मैं इस कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए Bharat Scouts and Guides की पूरी टीम को बधाई देती हूँ। लखनऊ में इस हीरक जयंती इस आयोजन के लिए, मैं राज्यपाल, श्रीमती आनंदी बेन पटेल जी और मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ जी तथा उनकी पूरी टीम की सराहना करती हूँ।

मुझे बताया गया है कि इस जम्बूरी में देश भर के 35000 से अधिक युवा भाग ले रहे हैं। साथ ही 25 देशों के लगभग 2000 Scouts and Guides भी यहां उपस्थित हैं। मैं यहां उपस्थित सभी युवाओं से अपील करना चाहूंगी कि आप इस अवसर का उपयोग एक-दूसरे को जानने के लिए करें। अपने अनुभव और सपने एक-दूसरे के साथ साझा करें।

मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि जम्बूरी के दौरान कई प्रतिस्पर्धायें आयोजित की जा रही है। हर प्रतिस्पर्धा से हमें कुछ नया सीखने को मिलता है, टीम भावना मजबूत होती है और ज्यादा मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है। लेकिन प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ-साथ सहयोग की भावना भी राष्ट्र और समाज की मजबूती के लिए अनिवार्य है।

आज भारत में 63 लाख से अधिक Scouts and Guides हैं। Bharat Scouts and Guides, विश्व के सबसे बड़े Scouts and Guides संगठनों में से एक है। इस संगठन में गाइड, यानी लड़कियों की संख्या 24 लाख से अधिक है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। मैं उन सभी बेटियों को हार्दिक बधाई देती हूँ, जिन्होंने समाज और मानवता के कल्याण के लिए अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रगति के इस मार्ग को चुना है।

यह बड़ी ही प्रसन्नता का विषय है कि Bharat Scouts and Guides, पिछले 75 वर्षों से हमारे देश के युवाओं को सही दिशा देने, उन्हें अनुशासित बनाने और उनको राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित करता रहा है। Scouts and Guides की सबसे बड़ी विशेषता है — सेवा का भाव। चाहे बाढ़ आई हो, भूकंप आया हो या कोई महामारी फैली हो, Scouts and Guides हमेशा सहायता के लिए सबसे आगे खड़े दिखाई देते हैं। इस संगठन की एक और विशेषता है — राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना। अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से आने वाले युवा जब एक साथ प्रशिक्षण लेते हैं, साथ कार्य करते हैं, तो उनमें आपसी सम्मान, भाईचारा और टीम-वर्क की भावना मजबूत होती है। यह खुशी की बात है कि समय के साथ Bharat Scouts and Guides ने जीवन-कौशल, नेतृत्व, पर्यावरण-जागरूकता और व्यक्तित्व-विकास जैसे कार्यक्रम शुरू करके संगठन को आधुनिक बनाया है। यह संगठन ऐसे युवा तैयार कर रहा है जो सशक्त हैं, संवेदनशील हैं और देश के भविष्य को बेहतर बनाने का संकल्प रखते हैं और उसके लिए कार्य भी करते हैं।

देवियो और सज्जनो,

युवाओं के सपने, उनकी आकांक्षाएं और उन सपनों तथा आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता देश की प्रगति का आधार है। आज भारत अपनी विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर खड़ा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हमारे सामने है। यह तभी संभव है जब हमारी 65 प्रतिशत जनसंख्या जो 35 वर्ष से कम उम्र की है, दृढ़ता से इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयास करे। युवाओं को उचित मंच प्रदान करने के लिए सरकार अनेक प्रयास कर रही है जिसमें मेरा युवा जैसी पहल महत्वपूर्ण है। यह पहल युवाओं को सशक्त बनाने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र-निर्माण के सार्थक कार्यों में दिशा देने के लिए समर्पित है।

प्यारे युवा साथियो,

Scouts and Guides का आदर्श वाक्य है – तैयार रहो। इसका अर्थ है कि आपको भविष्य में आने वाली सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना है। आपको अपने अंदर वह क्षमता विकसित करनी है जिससे समय आने पर किसी भी चुनौती का बिना घबराए, दृढ़ता तथा आत्मविश्वास के साथ सामना किया जा सके। मेरा मानना है कि हर तरह का कौशल विकसित करने आप ऐसी क्षमता विकसित कर सकते हैं। चाहे वो तकनीकी कौशल हो, संवाद कौशल हो, टीम के सदस्यों के साथ समन्वय का कौशल हो, समस्या समाधान का कौशल हो या नेतृत्व की क्षमता हो, सभी आपके जीवन में मददगार होंगे।

आज पूरा विश्व पर्यावरण असंतुलन की समस्या से जूझ रहा है। पर्यावरण अनुकूल आदतों को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाकर, हम इस समस्या से निजात पा सकते हैं। यह प्रसन्नता की बात है कि यह जम्बूरी एक हरित जम्बूरी है। यहां पर Composting, waste segregation और प्लास्टिक मुक्त परिसर जैसे कदम उठाए गए हैं। अगर सभी युवा ‘प्रकृति का साथी’ होने के Scouts and Guides के सिद्धान्त को अपनाते हुए जीवन में आगे बढ़ेंगे तो हमारी धरती हरी-भरी और खुशहाल बनेगी।

प्यारे युवा साथियो,

आप इस देश के भविष्य के निर्माता भी हैं और इसकी सभ्यता-संस्कृति की महान परंपरा के संरक्षक भी। जिस तरह से एक दिये से अनेक दिये जलाए जा सकते हैं उसी तरह एक सशक्त और संवेदनशील व्यक्ति अनेक व्यक्तियों को सशक्त और संवेदनशील बना सकता है। मुझे विश्वास है कि आप अपनी प्रतिभा और ऊर्जा को देश के विकास में लगाएंगे। इसी विश्वास के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देती हूँ।

धन्यवाद,
जय हिन्द! 
जय भारत!

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