भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का AIIMS राजकोट के प्रथम दीक्षांत समारोह में संबोधन (HINDI)
राजकोट : 13.04.2026
(127.52 KB)AIIMS राजकोट के प्रथम दीक्षांत समारोह में आप सब के बीच उपस्थित होकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। आज का दिन न केवल उपाधि और पदक प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों बल्कि इस संस्थान की स्थापना से जुड़े सभी लोगों के लिए गर्व का अवसर है। इस अविस्मरणीय अवसर पर उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। आप इस संस्थान से उपाधि प्राप्त करने वाले पहले बैच के विद्यार्थी हैं। इस प्रकार आप लोग AIIMS राजकोट के पहले brand-ambassadors हैं। आपके कार्य और व्यवहार इस संस्थान की प्रतिष्ठा को प्रभावित करेंगे, इस बात का आप ध्यान रखें।
देवियो और सज्जनो,
सौराष्ट्र का यह क्षेत्र द्वारकाधीश और सोमनाथ जैसे पवित्र स्थलों का घर है। यह क्षेत्र राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म और आरंभिक जीवन से भी जुड़ा है। सौराष्ट्र न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को भी संजोए हुए है। ऐसे महत्वपूर्ण केंद्र में स्थित AIIMS राजकोट के सभी भागीदारों से अपेक्षा की जाती है कि वे भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिखाये गए कर्म के मार्ग पर चलते हुए जन-कल्याण के लिए कार्य करें। श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता में कहा है:
अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्र: करुण एव च। निर्ममो निरहङ्कार: समदु:खसुख: क्षमी॥
जिसका भावार्थ है कि जो किसी प्राणी से द्वेष नहीं करते, सबके मित्र हैं, दयालु हैं, ऐसे भक्त मुझे अति प्रिय हैं क्योंकि वे स्वामित्व की भावना से रहित और मिथ्या अहंकार से मुक्त रहते हैं, दुःख और सुख में समभाव रहते हैं और सदैव क्षमावान होते हैं।
उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी आज केवल स्नातक नहीं हुए हैं। आप सब पर लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने का दायित्व भी आ गया है। अब आपको लोगों के जीवन रक्षक के रूप में करुणा का दूत बनकर आगे बढ़ना है। क्योंकि चिकित्सा केवल एक profession नहीं है। यह मानवता की सेवा के प्रति प्रतिबद्धता भी है। इस profession में केवल वैज्ञानिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, धैर्य और विनम्रता की भी आवश्यकता होती है। आपके द्वारा धारण किया गया white coat समाज के उस विश्वास का प्रतीक है जो लोग अपनी बीमारी और अनिश्चितता के क्षणों में चिकित्सक के ऊपर करते हैं। इस विश्वास को बनाए रखने की ज़िम्मेदारी आपके कंधों पर है।
देवियो और सज्जनो,
देश के विभिन्न क्षेत्रों में कम खर्च पर विश्व-स्तरीय tertiary healthcare उपलब्ध कराने के लिए अनेक AIIMS स्थापित किए गए हैं। Innovative research और patient care के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने में AIIMS की प्रतिबद्धता सराहनीय है। गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, शोध और नवाचार, जन स्वास्थ्य पहल और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में भी AIIMS संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह बहुत ही प्रसन्नता का विषय है कि AIIMS के विद्यार्थी न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी विभिन्न शीर्ष अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। यह इस प्रतिष्ठित संस्थान की गुणवत्ता को दर्शाता है।
AIIMS राजकोट एक नया संस्थान है। चिकित्सा शिक्षा, शोध और सेवा के क्षेत्र में इसे लंबी यात्रा करनी है। मेरा मानना है कि भविष्य की यात्रा की रूप-रेखा निर्धारित करके आगे बढ़ने से यात्रा सुगम हो जाती है। इस संस्थान के नीति- निर्धारकों को चाहिए कि वे AIIMS के मूल लक्ष्यों के साथ-साथ इस क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान को भी अपने लक्ष्य में शामिल करें। किसी भी संगठन के स्वस्थ विकास में good governance का महत्वपूर्ण स्थान है। अभी से good governance और transparency को सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम इस संस्थान के विकास की दिशा में दूरगामी सिद्ध होंगे। उपलब्ध संसाधनों का स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और अनुसंधान के लिए विवेकपूर्ण उपयोग जन-कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है।
सौराष्ट्र क्षेत्र का यह क्षेत्र औद्योगिक विकास, विविध भौगोलिक परिस्थितियों और ग्रामीण, तटीय तथा जनजातीय आबादी के कारण एक विशिष्ट स्वास्थ्य परिदृश्य प्रस्तुत करता है। इस क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार और सिकल सेल जैसी आनुवंशिक बीमारियों के निदान की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। AIIMS राजकोट को इन चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए प्रयास करने चाहिए। मुझे यह जानकर खुशी हुई है कि AIIMS राजकोट चिकित्सकीय सेवाओं, टेलीमेडिसिन, शैक्षणिक कार्यक्रमों और सामुदायिक सहभागिता के द्वारा इस क्षेत्र में योगदान दे रहा है।
प्यारे विद्यार्थियों,
आप ऐसे समय में चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जब इस क्षेत्र में तकनीकी प्रगति अभूतपूर्व गति से हो रही है। Artificial Intelligence, Robotics, precision medicine और digital health सेवाएं चिकित्सा-जगत के स्वरूप और संभावनाओं को तेजी से बदल रही है। आप सब को इन बदलावों को अपनाने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। Latest technologies को अपनाने से न केवल आप अपने knowledge और skill को संवर्धित कर सकेंगे बल्कि बीमारियों का भी बेहतर ढंग से उपचार कर सकेंगे। फिर भी, चिकित्सा में मानवीय संवेदना का स्थान कभी नहीं लिया जा सकता। आपके मधुर शब्द, आश्वस्त करने वाली मुस्कान और मरीज की बातों को धैर्यपूर्वक सुनना कई बार, दवाइयों सहित, बहुत प्रभावी होता है।
जब आप professional जीवन में कदम रख रहे हैं तब आपको गांधी जी के इस कथन को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने आश्रम के बच्चों को संबोधित एक पत्र में लिखा था: “.... Now that you have the opportunity to render service, pour your soul into it and learn to enjoy it thoroughly”.
देवियो और सज्जनो,
एक अच्छा चिकित्सक होना बड़ी बात है। लेकिन नैतिकता, करुणा और परोपकार की भावना जैसे मानवीय मूल्यों से युक्त चिकित्सक होना उससे भी बड़ी बात है। प्रकृति और परिस्थितियों ने, तथा आपकी कुशलता और परिश्रम ने आपको समाज में जो स्थान दिया है उसका सदुपयोग करके आप समाज निर्माण में भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं। कुशल और सामाजिक रूप से संवेदनशील चिकित्सक समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देशवासियों का उत्तम स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण कारक है। नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ कराने की दिशा में भारत सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी आ रहे हैं। लेकिन इन प्रयासों को और बल तब मिलेगा जब सभी भागीदार एक साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। इसमें AIIMS जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थाओं की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्हें चिकित्सा सेवा में शोध और अनुसंधान के नए-नए प्रतिमान स्थापित करके देश की स्वास्थ्य-सेवा को दिशा दिखानी है।
मुझे विश्वास है कि AIIMS राजकोट समान तथा सुलभ स्वास्थ्य सेवा के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में अपने महत्वपूर्ण योगदान के नए प्रतिमान स्थापित करेगा। मेरी शुभकामना है कि यह संस्थान स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता का अग्रणी केंद्र बने।
मैं, एक बार फिर, सभी स्नातकों को उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं देती हूं। आप समर्पण के साथ सेवा करें, ईमानदारी से नेतृत्व करें और चिकित्सा के महान आदर्शों को बनाए रखें।
धन्यवाद,
जय हिन्द!
जय भारत!
