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Speeches

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का असम में कई परियोजनाओं की आधारशिला रखने और राष्ट्र को समर्पित करने के अवसर पर सम्बोधन

गुवाहाटी : 14.10.2022

राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद पहली बार आप सब के बीच यहां असम में आकर मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है।

असम के भाई-बहनो के स्नेह और उत्साहपूर्ण स्वागत के लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं।

आज इस कार्यक्रम में आने से पहले मुझे मां कामाख्या देवी के मंदिर में जाकर उनके दर्शन करने का सौभाग्य मिला। मैं मां कामाख्या देवी से असम के भाई-बहनो सहित सभी देशवासियों की प्रगति और समृद्धि की कामना करती हूं।

असम के विकास से जुड़ी केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करके मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है। इन परियोजनाओं का शुभारम्भ श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र के इस सुन्दर सभागार में होना भी एक सुखद संयोग है। मैं श्रीमंत शंकरदेव जी की स्मृति को भावपूर्ण नमन करती हूं। उनकी शिक्षाएं और आदर्श आज भी असम सहित पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है।

आज शुरू की जा रही परियोजनाएं स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे,सड़क निर्माण, पेट्रोलियम तथामहिला सशक्तिकरण से जुड़ी हैं। मैं इन सभी projects की सफलता की कामना करती हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि इन योजनाओं के सफल कार्यान्वन से असम सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में हमारे भाई-बहनों के जीवन में सुविधाएं बढ़ेंगी, व्यापार व रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, परिवहन की सुविधाएं बढ़ेंगी तथा अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

देवियो और सज्जनो,

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी राज्य के विकास का आधार होता है। पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित असम, भारत के ‘Act East Policy’ का केंद्र बिंदु है। मुझे यह जानकर ख़ुशी हुई है कि केन्द्र सरकार इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दे रही है। असम का विकास पूरेपूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विकास का इंजन हो सकता है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की 'भारत माला परियोजना' के तहत देश भर में माल-ढुलाई और लोगों की आवाजाही को और अधिक सुगम बनाने के लिए लगभग 35,000 किलोमीटर सड़क infrastructure को ज्यादा प्रभावी और मजबूत करने की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें असम तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र का हिस्सा 5,000 किलोमीटर का है। इसे मिलाकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में लगभग 10,000 किलोमीटर सडकों का निर्माण या up-gradation किये जाने का लक्ष्य है। आज मुझे कई सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने का अवसर मिला है। सड़क परियोजनाओं की सफलता और प्रगति के लिए मैं केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, श्री नितिन गडकरी जी तथा उनकी पूरी टीम को बधाई देती हूं।

असम और पूर्वोत्तर का यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। मुझे बताया गया है कि असम भारत के कुल crude oil production में 13 प्रतिशत का योगदान देता है। इसी तरह भारत के total natural gas production का 15 प्रतिशत पूर्वोत्तर क्षेत्र से ही आता है। आज मुझे Indian Oil Corporation Limited द्वारा स्थापित मोइनारबंद, सिलचर में बने आधुनिक डिपो का उद्घाटन करके विशेष प्रसन्नता हुई है। मुझे बताया गया है कि इस डिपो के द्वारा सम्पूर्ण बराक घाटी के साथ-साथ त्रिपुरा, मणिपुर और मिजोरम की पेट्रोलियम उत्पादों की आवश्यकताओं को भी पूरा करने में मदद मिलेगी। पूर्वोत्तर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना के सफल कार्यान्वन के लिए, मैं श्री रामेश्वर तेली जी तथा उनकी पूरी टीम की सराहना करती हूं।

देवियो और सज्जनो,

केंद्र सरकार का असम सहित सभी पूर्वोत्तर राज्यों में रेलवे connectivity पर विशेष ध्यान है। इसी यात्रा को आगे बढ़ाते हुए आज मुझे गुवाहाटी से Nagaland के शकोवी और मेघालय केमेन्दीपाथार तक ट्रेन को flag off करके विशेष प्रसन्नता हुई है। कल मुझे त्रिपुरा में अगरतला को गुवाहाटी और कोलकाता तक तथा मणिपुर के खोंगसांग तक जोड़ने के लिए नए रेल रुट्स की शुरुआत करने का अवसर मिला। आज आज्ञाथुरीपर एक modern cargo cum coaching terminal का शिलान्यास भी किया गया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इन projects से व्यापार और आवागमन की सुविधा के साथ-साथ इस क्षेत्र में टूरिज्म की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। मैं इन सभी projects की सफलता व कार्यान्वन के लिए केंद्रीय रेल मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव जी तथा भारतीय रेलवे की पूरी टीम को शुभकामनाएं देती हूं।

देवियो और सज्जनो,

असम के चाय के बागान और यहां के चाय की महक पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। मुझे बताया गया है कि देश के कुल चाय उत्पादन में 50 प्रतिशत से भी अधिक योगदान केवल असम के चाय बागानों का होता है। आज सुबह, चाय बागानों में काम करने वाले कुछ भाई-बहनों से मिलकर मुझे काफी प्रसन्नता हुई।चाय-बागान में काम करने वाले हमारे भाई-बहनो को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए 100 Model Secondary Schools का शिलान्यास करके मुझे विशेष प्रसन्नता हुई है। मेरा मानना है कि grassroot लेवल पर शिक्षा को मजबूत बनाकर ही हम कुशल भावी पीढ़ियों का निर्माण कर सकते हैं।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और उनका सर्वांगीण विकास ही एक सभ्य समाज की निशानी है। असम में महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए आज शुरू किए गए 3000 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र एक सराहनीय पहल है।

असम के समग्र विकास के लिए लागू की जा रही विभिन्न परियोजनाओं के लिए मैं मुख्यमंत्री डॉक्टर हिमंत बिस्वा सरमा जी तथा उनकी पूरी टीम को बधाई देती हूं।

अंत में, एक बार फिर मैं आपके स्नेह और स्वागत के लिए असम के भाई-बहनो का धन्यवाद करती हूं। मैं असम की प्रगति और आप सब निवासियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं।

धन्यवाद!

जय हिंद!

जय भारत!


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