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Speeches

भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द का पुखरायां में जन अभिनंदन समारोह में सम्बोधन

पुखरायां : 27.06.2021

यद्यपि मेरी जन्मस्थली, मेरा गांव परौंख है लेकिन पुखरायां का यह क्षेत्र मेरी कर्मस्थली रहा है। मेरे सार्वजनिक जीवन का आरंभ यहीं से हुआ। इसीलिए यह क्षेत्र मेरे जीवन में और मेरे हृदय में विशेष स्थान रखता है। इससे भी बढ़कर मेरे लिए पुखरायां का इसलिए और भी विशेष महत्व है कि आप सबका अपार स्नेह मुझे सदैव मिलता रहा है। मुझे यहां के लोगों के हर काम में,सुख-दुःख में शामिल होना अच्छा लगता रहा। मैं हमेशा यहां आता रहता था। बिहार में राज्यपाल के अपने कार्यकाल के दौरान भी मुझे आप सबसे यहां आकर मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।

मेरे लोकसभा व विधानसभा के चुनाव अभियानों में मेरा मुख्य चुनाव कार्यालय पुखरायां से ही संचालित होता था। अपने शुभचिंतकों और मित्रों के निवास-स्थान पर रुकना और भोजन करना मुझे अच्छी तरह याद है। यहां के लोगों से मुझे बेहद प्रेम, सम्मान और अपनत्व मिलता रहा है।

अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत में यहां के लोगों ने जो स्नेह और शक्ति मुझे प्रदान की उस के बल पर अपनी जीवन यात्रा में आत्म-विश्वास के साथ आगे बढ़ते रहने का उत्साह मुझ में बना रहा। आप सबके प्रेम और शुभकामनाओं की बदौलत मैं न केवल उच्चतम न्यायालय तक पहुंचा बल्कि वहां से राज्यसभा और राज्यसभा से राजभवन तथा राजभवन से राष्ट्रपति भवन तक पहुंच पाया हूं। इस सबका श्रेय पुखरायां व कानपुर देहात की धरती व आप सब लोगों के आशीर्वाद को जाता है।

देश के सर्वोच्च पद की ज़िम्मेदारी को निभाने का अवसर मिलना मेरी कल्पना से परे था। जो संभावना कल्पनातीत थी उसे आप सबके स्नेह और हमारे लोकतन्त्र की आदर्श व्यवस्था ने यथार्थ रूप दे दिया। हमारे जनतंत्र में अवसर की समानता को सुनिश्चित करके हमारे स्वाधीनता सेनानियों तथा संविधान निर्माताओं ने एक क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। मैं भारतीय गणतन्त्र के उन सभी निर्माताओं को सादर नमन करता हूं।

बहनो और भाइयो,

आज मुझे अपने कुछ प्रिय मित्रों और विशिष्ट जनों का स्मरण होता है जो अब हमारे बीच नहीं हैं। ऐसी दिवंगत विभूतियों में सत्यनारायण सचान, राजाराम तिवारी, उदयनारायण अग्रवाल, डॉक्टर विश्वम्भर सचान,डॉक्टर धर्मनारायण अग्रवाल, केदार द्विवेदी, सीताराम गोयल, अरविंद सचान और कमल रानी वरुण शामिल हैं जिनकी पुण्य स्मृतियां मेरे हृदय में सदा बनी रहेंगी।

मुझे प्रसन्नता है कि इस क्षेत्र के लोग आज भी निरंतर मेरे संपर्क में रहते हैं। श्री सतीश मिश्रा, डॉक्टर जय गोयल, बंशलाल कटियार और मोहम्मद शेख जैसे बहुत से शुभचिंतक मेरे साथ जुड़े रहते हैं। इनके माध्यम से मुझे इस क्षेत्र तथा यहां के लोगों के बारे में जानकारी मिलती रहती है।

सन 2016में, डॉक्टर अवध दुबे ने इस क्षेत्र में एक आधुनिक नेत्र चिकित्सालय के उद्घाटन के अवसर पर मुझे आमंत्रित किया था। उस समय मैं बिहार का राज्यपाल था। उस कल्याणकारी पहल से जुड़े समारोह में शामिल होकर मुझे बहुत संतोष का अनुभव हुआ था। आज मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि उस नेत्र चिकित्सालय द्वारा इस क्षेत्र के लोगों की सराहनीय सेवा की जा रही है।

बहनो और भाइयो,

आज पूरी मानवता एक अदृश्य वायरस द्वारा फैलाई गई वैश्विक महामारी के प्रकोप से जूझ रही है। कई पीढ़ियों बाद आई ऐसी आकस्मिक आपदा ने सभी देशों को झकझोर कर रख दिया। बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने अपने परिवार-जन,प्रिय-जन और मित्रों को खोया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें तथा कोरोना योद्धा इस महामारी का सामना करने के हर संभव प्रयास करते रहे हैं और इन प्रयासों के बल पर स्थितियों में बहुत सुधार भी हुआ है। परंतु इस महामारी से मुक्ति प्राप्त करने के लिए सबसे अधिक आवश्यक है सावधानी बरतना और सुझावों को अमल में लाना। यह सावधानी ही सबसे प्रभावी कवच सिद्ध होगी।

उत्तर प्रदेश देश में सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है। राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बहुत घनी आबादी बसती है। इसलिए महामारी की समस्या से उत्पन्न चुनौतियां उत्तर प्रदेश में और भी व्यापक और विशाल स्वरूप ले सकती हैं। परंतु राज्य सरकार द्वारा किए गए समग्र प्रयासों के कारण इस महामारी पर अंकुश लगाना संभव हुआ है। साथ ही जरूरतमंदों की सहायता के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाएं लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा रही हैं। इन सभी प्रयासों के लिए राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की मैं प्रशंसा करता हूं।

हाल ही में, 21 जून को हम सबने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया है। उस अवसर पर, योग पर आधारित जीवनशैली के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष आयोजन किए गए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने योग से सहयोग तक का संदेश जन-जन तक प्रेषित किया। हम सभी को प्राणायाम तथा योग को अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य अंग बनाना चाहिए तथा मिलजुलकर समाज में इसका प्रचार-प्रसार करना चाहिए। इससे न केवल हम इस महामारी की आपदा का सामना करने अधिक सक्षम हो पाएंगे बल्कि एक स्वस्थ समाज एवं राष्ट्र का निर्माण करने में भी सफल होंगे।

इस महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए टीकाकरण के अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। टीकाकरण के विस्तार और रफ्तार में निरंतर वृद्धि हो रही है। इस प्रयास में आप सब भी अपनी उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं। आप सबकी ज़िम्मेदारी है कि न केवल आप स्वयं जल्दी से जल्दी टीका लगवाएं बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करें और उनका टीकाकरण सुनिश्चित करें। ऐसा करके आप एक जागरूक नागरिक के कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।

पुखरायां क्षेत्र के मेरे प्यारे निवासियो,

इसी वर्ष मार्च और अप्रैल में कुछ दिनों के लिए मुझे अपनी चिकित्सा के लिए अस्पताल में रहना पड़ा था। उस दौरान बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने देश और विदेश से मुझे शुभकामना संदेश भेजे थे। पुखरायां के लोगों ने बहुत अपनेपन से भरे हुए संदेश भेजे। मुझे यह भी बताया गया कि यहां कुछ लोगों ने मेरे बेहतर स्वास्थ्य के लिए विशेष अनुष्ठान भी आयोजित किए। आप सबकी मंगल-कामनाओं व प्रार्थनाओं के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

आप सबके स्नेह व आत्मीयता भरे अभिनंदन के लिए मैं आप सबको पुनः धन्यवाद देता हूं।

जय हिन्द!


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