भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (सीपीईएस) और भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों द्वारा मुलाकात के अवसर पर संबोधन
राष्ट्रपति भवन : 27.03.2026
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केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा और भारतीय आर्थिक सेवा के प्रिय अधिकारियो,
आप सभी को इन प्रतिष्ठित सेवाओं में आपके चयन के लिए हार्दिक बधाई। यह सार्वजनिक सेवा में आप सबके प्रभावशाली करियर का शुभारंभ है। आप सबकी भारत के विकास में अग्रणी भूमिका रहती है, और आपके द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों से सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायता मिलेगी। समावेशी और संधारणीय विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों को स्वरूप प्रदान करने और सुधारों को लागू करने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा के प्रिय अधिकारियो,
विद्युत किसी भी राष्ट्र की अवसंरचनाओं में एक महत्वपूर्ण स्तंभ होता है। आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प विद्युत क्षेत्र को मजबूत और विश्वसनीय बनाने से गहराई से जुड़ा हुआ है। बिजली ऊर्जा का एक स्रोत मात्र नहीं है; वरन् यह देश के औद्योगिक विकास, नवाचार, लोगों के जीवन स्तर में सुधार और समग्र सामाजिक-आर्थिक प्रगति का मुख्य स्तंभ है।
केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा के अधिकारी विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण के क्षेत्रों में नियोजन और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं, साथ ही विद्युत प्रणालियों में गुणवत्ता, विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करते रहे हैं। सुविचारित अभियांत्रिकी पद्धतियों और नवीन समाधानों के माध्यम से राष्ट्र के विद्युत ढांचे को मजबूती प्रदान करने में आपकी भूमिका सभी देशवासियों के लिए विश्वसनीय, वहनीय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
तकनीकी विशेषज्ञता, पेशेवर ईमानदारी और सदा उत्कृष्टता से कार्य करते हुए आप सबको उद्योगों, संस्थानों और आवश्यक सेवाओं को कुशलता से चलाना है और लाखों नागरिकों के जीवन स्तर में प्रत्यक्ष सुधार करते जाना है। ऐसा करके आप सब आर्थिक विकास, तकनीकी उन्नति और हमारे राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे पाएंगे।
केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा के अधिकारियों का, विद्युत क्षेत्र में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
प्रिय अधिकारियो,
भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और संधारणीय विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संकल्प लिए हैं। विद्युत ग्रिड क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाना इन संकल्पों को पूरा करने की दिशा में उठाया एक महत्वपूर्ण कदम है। नवीकरणीय ऊर्जा को और अधिक एकीकृत करने से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम हो जाएगी और इससे एक स्वच्छ एवं पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार विद्युत क्षेत्र तैयार होगा। जब नवीकरणीय ऊर्जा इकोसिस्टम को अपनाया जाएगा तब तकनीकी एवं परिचालन संबंधी चुनौतियां आएंगी ही, लेकिन इनका समाधान नवीन सोच, तकनीकी प्रगति और प्रभावी योजना बनाकर किया जा सकता है।
भारतीय आर्थिक सेवा के प्रिय अधिकारियो,
देश की आर्थिक दिशा तय करने में भारतीय आर्थिक सेवा के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। आप सब सार्वजनिक नीतियां तैयार करेंगे, संसाधनों का सुविचारित बंटवारा करेंगे और ऐसे निर्णय लेंगे जो लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करेंगे। ऐसा करते समय आपका विश्लेषण और अंतर्दृष्टि, सशक्त और साक्ष्य-आधारित शासन के लिए बहुत महत्व रखेगा।
तेजी से बदलते वैश्विक और घरेलू परिवेश को देखते हुए सार्वजनिक सेवा के लिए आर्थिक योजना बनाने और उसे लागू करने का कार्य पहले की अपेक्षा कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। संधारणीय विकास सुनिश्चित करने, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, असमानताओं को समाप्त करने और मुश्किल वक्त में अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
साथ ही, आपको हमेशा यह स्मरण रखना है कि प्रत्येक आंकड़े के पीछे मनुष्य के जीवन की कहानी रहती है। आर्थिक नीति की सफलता का असली मापदंड केवल आंकड़ें नहीं होते हैं वरन् उसके द्वारा सामने आने वाले परिणाम होते हैं। नीति से लोगों, विशेषकर सबसे कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन में सुधार होना चाहिए। आपके विचार और कार्य गहरी समानुभूति और समावेशी एवं न्यायसंगत विकास के प्रति प्रतिबद्धता से निर्देशित होने चाहिए।
प्रिय युवा अधिकारियो,
आप सब अपनी जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हैं। मैं आपसे कहूंगी कि आप सत्यनिष्ठा और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखें। जन सेवा के क्षेत्र में, विश्वास आपकी सबसे मूल्यवान संपत्ति होती है, इसे आप अपने निर्णयों और कार्यों के माध्यम से अर्जित करें और इसे बनाए रखें।
आपको समर्पण और उत्साह की भावना के साथ अपना कार्य करना है। आपको अपनी अपनी सेवा के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन चुनौतियां राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के अपार अवसर प्रदान करती हैं। आपको सदा आगे बढ़ते हुए, नवीन सोच और निरंतर सीखने की लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करना है। आपको नए विचारों के प्रति खुला रहना है, प्रौद्योगिकी को अपनाना है और अपने ज्ञान और कौशल में निरंतर वृद्धि करते जाना है।
साथ ही, मैं आप सबको यह भी कहना चाहूंगी कि अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर भी ध्यान देते रहें। एक संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आप अधिक सामंजस्य और प्रभावशीलता के साथ सेवा कर पाएंगे।
मैं आप सभी को सोद्देश्य जीवन जीने, उपलब्धियां अर्जित करते रहने और सार्थक योगदान देने के लिए शुभकामनाएं देती हूं। मुझे विश्वास है कि आप राष्ट्र की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।
धन्यवाद,
जय हिंद!
जय भारत!
