भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीन अधिकारियों और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के अधिकारियों से मुलाकात के अवसर पर संबोधन
राष्ट्रपति भवन : 20.04.2026
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(हिन्दी, 73.92 किलोबाइट)

भारतीय रेलवे के प्रिय परिवीक्षाधीन अधिकारियो और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के प्रिय सहायक कार्यकारी अभियंताओ,
आप सब भारत के विकास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर लोक सेवा में आए हैं। आज देश विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। भारतीय रेलवे और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के युवा अधिकारी ऐसी सेवाओं में प्रवेश कर रहे हैं जो लाखों देशवासियों के जीवन पर सीधा प्रभाव डालती हैं। आप जो निर्णय लेंगे और जो कार्य करेंगे उनका नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता पर सीधा और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।
भारतीय रेलवे के प्रिय युवा अधिकारियो,
अवसंरचना के आधार पर आधुनिक राष्ट्रों का निर्माण होता है। रेलवे और राजमार्ग केवल परिवहन व्यवस्था नहीं हैं बल्कि ये आर्थिक विस्तार, सामाजिक समावेश और राष्ट्रीय एकता के उपाय हैं। जब कोई ट्रेन किसी दूरस्थ गांव तक पहुंचती है या जब दूरदराज का क्षेत्र किसी राजमार्ग से जुड़ता है, तब उन क्षेत्रों को सामाजिक- आर्थिक विकास के अनेक अवसर मिलते हैं।
भारतीय रेलवे विश्व का सबसे बड़ा और सबसे जटिल नेटवर्क है, जो न केवल यात्रियों और माल का आवागमन करता है, बल्कि लाखों लोगों की आकांक्षाओं को भी संबल देता है। इस प्रणाली के प्रबंधन के लिए आप सबको न केवल तकनीकी कौशल की बल्कि ईमानदारी, करुणा और जवाबदेही की गहरी भावना के साथ कार्य करना होगा। आप जो भी निर्णय लें, सदैव यात्रियों की सुरक्षा, आराम और गरिमा को ध्यान में रखें।
आप ऐसे समय में सेवा में शामिल हो रहे हैं जब भारतीय रेलवे में तीव्र गति से बदलाव हो रहा है। अवसंरचना के आधुनिकीकरण और विद्युतीकरण के विस्तार से लेकर उन्नत सुरक्षा प्रणालियों को अपनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तक, रेलवे संगठन को भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। आप सबको इस परिवर्तन में अपना पूरा योगदान देना है। आप दक्षता बढ़ाने, सुरक्षा में सुधार लाने और यात्रियों और माल की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए नए विचारों को अपनाते हुए कार्य करना है और प्रौद्योगिकी से लाभ उठाना है।
अपनी सेवा के आरम्भ से ही, आपको स्मरण रखना है कि दक्षता के साथ-साथ सहानुभूति को भी अपनाएं। वही प्रणाली एक प्रभावी प्रणाली है जो समावेशी और सभी के लिए सुलभ हो, विशेषकर हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए। वही वास्तविक विकास है जिसमें एक भी व्यक्ति पीछे न छूटे।
केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के प्रिय सहायक कार्यकारी अभियंताओ, हाल के वर्षों में भारत के सड़क अवसंरचना क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और आर्थिक गलियारे (इकोनोमिक कॉरिडोर) से आवागमन और रसद व्यवस्था को नया आयाम मिला है। ये विकसित भारत की हमारी यात्रा की महत्वपूर्ण कारक हैं, और आप सब युवा अधिकारियों को इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।
आपका कार्य केवल इंजीनियरिंग डिजाइन और नीति लागू करने तक सीमित नहीं है। आपको ऐसी अवसंरचना के निर्माण के लिए प्रयासरत रहना होगा जो सुदृढ़ और कारगर तो हो ही साथ ही संधारणीय और नागरिक-केंद्रित भी हो। सड़कें केवल दो-स्थानों को ही न जोड़ें, बल्कि इनसे विकास के अवसरों में बढ़ोतरी हो और ये विकसित भारत की नींव को मजबूत करें।
प्रिय अधिकारियो,
मजबूत बुनियादी-ढांचे से रसद लागत में कमी आती है, व्यापार को बढ़ावा मिलता है, निवेश बढ़ता है और उत्पादकता भी बढ़ती है। इससे अलग-अलग क्षेत्र और लोग करीब आते हैं जिससे राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है। लेकिन, आपको यह याद रखना होगा कि केवल संख्याओं से ही सफलता का निर्धारण नहीं होता। आपके कार्य का सच्चा मापदंड इस बात में निहित है कि आपके कार्यों से लोगों का जीवन-स्तर बेहतर बने।
मेरा आपसे आग्रह है कि जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते जाएं, लोक सेवा के लिए जरूरी मूल्य जैसे कि सत्यनिष्ठा, जवाबदेही बनाए रखें और उत्कृष्टता के साथ कार्य करें। चुनौतियां भी आएंगी और ऐसे क्षण भी आएंगे जब कठिन निर्णय लेने होंगे। ऐसे क्षणों में, महत्वपूर्ण मूल्यों को बनाए रखें। आपको सदा जिज्ञासु बने रहना है, सीखते रहना है और नवाचार को बढ़ावा देना है। आप जो निर्णय लेंगे, जो मानक निर्धारित करेंगे तथा आपके द्वारा समर्पण से की गई सेवा के दूरगामी परिणाम होंगे। आप केवल प्रशासक नहीं हैं, बल्कि आप प्रगति के सूत्रधार हैं और जनविश्वास के संरक्षक हैं। मुझे विश्वास है कि आप राष्ट्र की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे और अपने परिवार, अपनी सेवा और देश को गौरवान्वित करेंगे। आप सभी के सफल और प्रभावशाली करियर के लिए मेरी शुभकामनाएं।
धन्यवाद!
जय हिंद!
जय भारत!
