भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारत-रोमानिया व्यापार मंच में संबोधन

बुखारेस्ट : 24.07.2026

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मुझे आज भारत-रोमानिया व्यापार मंच की बैठक में उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। मैं यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए रोमानिया सरकार और व्यापार संघों और दोनों देशों की यहां उपस्थित प्रमुख कंपनियों के सदस्यों का आभार व्यक्त करती हूं। इस मंच में बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी, रोमानिया में विद्यमान अवसरों के प्रति भारतीय उद्योगों के बढ़ते विश्‍वास और रोमानियाई व्यवसायों के साथ स्थायी साझेदारी बनाने की उनकी इच्छा को व्‍यक्‍त करती है। भारत और रोमानिया के बीच सात दशकों से अधिक समय से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। हमारी मैत्री परस्पर विश्वास, सम्मान और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है। आज जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था गंभीर बदलाव से गुजर रही है, हमारी साझेदारी का कार्यनीतिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

यूरोप के प्रमुख संपर्क बिंदु पर स्थित रोमानिया, अपनी रणनीतिक स्थिति, अत्‍यन्‍त कुशल मानव संसाधन, उन्नत औद्योगिक क्षमता और यूरोपीय संघ के साथ सुदृढ़ एकीकरण के कारण भारत का एक स्वाभाविक और महत्त्वपूर्ण साझेदार बना हुआ है। रोमानिया न केवल निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण स्‍थान है, बल्कि यह वृहत्‍तर यूरोपीय बाजार का प्रवेश द्वार भी है।

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का संपन्न होना भारत- यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। व्यापार और आर्थिक सहयोग समकालीन साझेदारी का  प्रमुख आधार है। लगभग दो अरब लोगों के संयुक्त बाजार और लगभग 25 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त अर्थव्यवस्था के साथ, भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दुनिया की सबसे महत्त्वपूर्ण आर्थिक साझेदारियों में से एक है। इसका उद्देश्य व्यापारिक एकीकरण को और गहरा करना, निवेश के प्रवाह में तेजी लाना तथा सशक्‍त एवं विविधतापूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं का निर्माण करना है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच 'भारत-यूरोपीय संघ निवेश संरक्षण समझौते' (आईपीए) और 'भौगोलिक संकेतक' (जीआई) समझौता करने के लिए भी बातचीत चल रही है। ये समझौते संपन्न हो जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी और गहरी हो जाएगी।

एफटीए का शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत महत्त्वपूर्ण होगा। इससे कारोबार के लिए विश्‍वसनीय परिवेश तैयार होगा, मूल्य शृंखलाओं का एकीकरण और सुदृढ़ होगा तथा दोनों पक्षों के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप्स और नवाचारकर्ताओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

हमारी आर्थिक साझेदारी में अभी भी काफी ऐसी संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ उठाया जाना शेष है। पिछले कुछ वर्षों से द्विपक्षीय व्यापार में निरंतर विस्तार हुआ है, लेकिन इसमें और विस्तार की गुंजाइश है। भारतीय कंपनियां यूरोपीय बाजार में प्रवेश के लिए रोमानिया को एक रणनीतिक प्रवेश बिंदु के रूप में देखती हैं, रोमानियाई व्यापार जगत को भी भारत में नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के अलावा, भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, टेलीकम्युनिकेशन, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल नवाचार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक प्रमुख मंच बना है।

हमने भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी भी की है, इससे रक्षा उद्योग में सहयोग सुदृढ़ होगा और रोमानिया सहित यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ भारत के मजबूत द्विपक्षीय रक्षा संबंध और बेहतर होंगे। रक्षा उद्योग सहयोग हमारी साझेदारी का एक अहम हिस्सा है और दोनों पक्ष संयुक्त परियोजनाओं के माध्यम से अपनी रक्षा क्षमताओं को सशक्त बना सकते हैं। भारत ने 'आत्मनिर्भर भारत' की संकल्पना के अनुरूप रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम में तेजी से विस्तार किया है और यह संयुक्त उत्पादन - सह-विकास, प्रौद्योगिकी साझेदारी, रखरखाव, सुधार और प्यापक परिवर्तन (एमआरओ) तथा रक्षा अनुसंधान और नवाचार में सहयोग के अवसर प्रदान करता है।

मित्रो,

आज भारत विश्‍व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हमारा आर्थिक विकास सुदृढ़ समष्टिगत आर्थिक आधार, एक जीवंत उद्यमी इकोसिस्टम, बड़े और कुशल कार्यबल और सुधारों को अपनाने की प्रतिबद्धता पर आधारित है। भारत में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं और भारत प्रौद्योगिकी, नवाचार और संधारणीय विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। साथ ही, यह नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, ऑटो और ऑटो-कंपोनेंट्स, फार्मा और बायोटेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय सफलताएं हासिल कर रहा है। ‘विकसित भारत 2047’ का हमारा संकल्प, हमारी स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का है। इस यात्रा से अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। भारत, कर व्यवस्था को सरल बनाकर और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन जैसी पहलों के माध्यम से पारदर्शी, विश्‍वसनीय और निवेशकों के अनुकूल कारोबारी वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है।

भारत और रोमानिया के बीच ऊर्जा सुरक्षा और ग्रीन ट्रांजिशन के क्षेत्र में सहयोग की बहुत गुंजाइश है। भारत नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और संधारणीय जैव-ईंधन के क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर है। रोमानिया का महत्वाकांक्षी क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और परमाणु ऊर्जा, जल-विद्युत और अपतटीय पवन ऊर्जा में विशेषज्ञता इस क्षेत्र में स्वत: ही संभावनाएं सृजन करती हैं।

रसायन और उर्वरक उद्योग में रोमानिया की क्षमताओं को देखते हुए इस क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं। हमारी कंपनियां उर्वरक उद्योग, आपूर्ति श्रृंखला और संधारणीय कृषि का समर्थन करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संयुक्त निवेश में स्थायी साझेदारी कर सकती हैं।

भारत का विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तेजी से बढ़ता स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और सूचना प्रौद्योगिकी में नेतृत्व, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, साइबर-सिक्योरिटी, रिसर्च और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में रोमानिया की खूबियों के साथ मिलकर काम कर सकता है। हमारी कंपनियों के लिए ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी सहयोग के अवसर हैं, जिनमें पोर्ट, रेलवे, हाईवे, लॉजिस्टिक्स पार्क और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट शामिल हैं। हम फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्रों में भी सहयोग को और मजबूत कर सकते हैं।

भारत में वाणिज्यिक और संबंधित क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त आर्थिक आयोग, ऊर्जा पर संयुक्त कार्यदल और संयुक्त रक्षा सहयोग समिति जैसे संस्थागत तंत्र मौजूद हैं।

सामाजिक सुरक्षा समझौता और माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट सम्पन्न होने से दोनों देशों के बीच कुशल कामगारों की आवाजाही और सुविधाजनक हो जाएगी।

मुझे विश्वास है कि हमारा कारोबारी समुदाय इन नए अवसरों का फायदा उठाएंगे और उन्हें सफल वाणिज्‍यिक साझेदारियों में बदलेंगे। मैं रोमानियाई कंपनियों को भी भारत की विकास यात्रा में सक्रिय रूप से शामिल होने का आग्रह करती हूं। हमारे कारोबार सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाएं बना सकते हैं, रोजगार पैदा कर सकते हैं, नवाचार को बढ़ावा दे सकते हैं और हमारे लोगों के लिए दीर्घस्‍थायी समृद्धि ला सकते हैं।

मुझे विश्वास है कि आज की चर्चा एवं बातचीत से नई भागीदारियां होंगी, निवेश बढ़ेगा और दीर्घस्थायी कारोबारी संबंध स्थापित होंगे जो भारत-रोमानिया आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। मैं भारत-रोमानिया व्यापार मंच कार्यक्रम की सफलता की कामना करती हूं!

धन्यवाद!

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