भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का भारत-उत्तर मैसिडोनिया व्यापार मंच में संबोधन

स्कोप्ये : 21.07.2026

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स्कोप्ये के ऐतिहासिक और जीवंत शहर में इस सभा को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। मैं आप सब के प्रति भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से शुभकामनाएं और सद्भावना व्यक्त करती हूँ। मैं इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए उत्तर मैसिडोनिया सरकार और दोनों देशों के व्यापार संगठनों को धन्यवाद देती हूँ।

यह उत्तर मैसिडोनिया में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। यह दोनों देशों के साझा हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के प्रति भारत की गहरी रुचि को दर्शाता है। मेरे प्रतिनिधिमंडल में हमारे देश के राज्य मंत्री और दो प्रतिष्ठित भारतीय संसद सदस्य भी आए हैं।

देवियो और सज्जनो,

हमारे आर्थिक और वाणिज्‍यिक संबंध एक ऐसा नया क्षेत्र है जिसमें आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। हमारा द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसकी मौजूदा मात्रा उन संभावनाओं का केवल एक छोटा-सा हिस्सा है, जिन्हें अभी हासिल किया जा सकता है। भारत पहले से ही ऑर्गेनिक केमिकल, उच्च-गुणवत्ता वाले लोहे और स्टील, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और टेक्सटाइल के क्षेत्र में निर्यात कर रहा है। उत्तर मैसिडोनिया उच्च-गुणवत्ता वाला मार्बल निर्यात कर रहा है और हमारे बढ़ते बाज़ार में इसकी बहुत मांग है। हमें विविध क्षेत्रों में अपने व्यापार को बढ़ाना चाहिए और इस दशक के अंत तक व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।

व्यापार से आगे बढ़कर सच्ची आर्थिक साझेदारी की ओर बढ़ने के लिए हमें एक-दूसरे के यहां निवेश अवश्‍य बढ़ाना चाहिए। नए निवेश के लिए कई क्षेत्रों में गुंजाइश है, जिनमें डिजिटल नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मास्युटिकल्स और स्वास्थ्य सेवा, कृषि- प्रसंस्करण, और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिसन शामिल हैं। मुझे खुशी है कि इन क्षेत्रों के प्रतिनिधि आज यहां मौजूद हैं।

भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर अपनाया है, इससे गवर्नेंस में क्रांति आई है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) जैसे टूल्स को अपनाने से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है और लाखों लोग अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं। हम उत्तर मैसिडोनिया को आपके अत्यधिक शिक्षित और अनेक भाषाएं जानने वाले और तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को इस डिजिटल क्रांति से जोड़ने और इस प्रकार एक नया अध्याय लिखने के लिए आमंत्रित करते हैं।

भारत की पूरी दुनिया में "फ़ार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड" के रूप में पहचान है। हमारा औषध- निर्माण क्षेत्र उत्तर मैसिडोनिया में निवेश करने के लिए उत्सुक है। यहां संयुक्त विनिर्माण केंद्र स्थापित करके, हम पूरे बाल्कन क्षेत्र और यूरोपीय बाज़ारों के लिए सस्ती और अच्छी, एडवांस्ड जीवन-रक्षक दवाएं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित कर सकते हैं। उत्तर मैसिडोनिया अपनी उर्वर भूमि और अनुकूल भौगोलिक स्थिति के कारण भारतीय एग्रो- कंपनियों के लिए एक बेहतर अवसर प्रदान करता है। हमारे बिजनेस, आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में सहयोग प्रदान कर सकते हैं, और एक सशक्त फ़ूड सप्लाई चेन बना सकते हैं जो बड़े यूरोपीय संघ के बाज़ारों को भी सहयोग दे सके।

इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसे मंच के जरिए, भारत बड़े पैमाने पर आगे बढ़कर नवीकरणीय ऊर्जा समाधान प्रदान कर रहा है। सोलर क्षेत्र, विंड इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संयुक्त रूप से निवेश की बहुत संभावनाएं उपलब्ध हैं, साथ ही हम उत्तर मैसिडोनिया को अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं।

इसी प्रकार, अगर उत्तर मैसिडोनिया 'कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर' में भागीदारी करे तो उसे जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते खतरों का सामना करने के लिए अपने पारिस्थितिक और सामाजिक अवसंरचना को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। 'ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस' से जुड़ने पर संधारणीय जैव-ऊर्जा मानकों तक पहुंच हो पाएगी और खाना पकाने की साफ-स्वच्छ प्रौद्योगिकी भी मिलेगी। मैं उत्तर मैसिडोनिया को अगले वर्ष भारत में होने वाले 'विश्व ऑडियो-विजुअल एंड एंटरटेनमेंट शिखर सम्मेलन' (वेव्स) में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित करती हूं। यह भारत सरकार द्वारा आरंभ किया गया एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसका उद्धेश्य क्रिएटिव इंडस्ट्री, मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में सीमा-पार देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।

हमें स्टार्ट-अप्स, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और टेक्नोलॉजी कंपनियों के बीच साझेदारियों को भी बढ़ावा देना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए। दोनों देशों के उद्योग जगत को आगे आकर लाभकारी परियोजनाओं की पहचान करने और लंबे समय तक चलने वाले व्यापारिक संबंध बनाने में पहल करनी चाहिए। मैं दोनों देशों के वाणिज्य एवं उद्योग मंडलों, निवेश एजेंसियों और व्यापारिक संगठनों से आग्रह करती हूँ कि वे आपस में संपर्क बनाएं और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आपसी दौरों को प्रोत्‍साहित करें।

मैं कंपनियों से यह भी आग्रह करती हूँ कि केवल तत्काल होने वाले व्यापारिक सौदों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रौद्योगिकी अंतरण, संयुक्त उद्यम, स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन पर आधारित दीर्घकालिक भागीदारियों में निवेश करें।

देवियो और सज्जनो,

मुझे पूरा विश्वास है कि आज की बातचीत और विमर्श से नए विचार सामने आएंगे और सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। आइए, हम सब मिलकर विश्वास, नवाचार और साझा समृद्धि पर आधारित भारत-उत्तर मैसिडोनिया आर्थिक साझेदारी बनाने की दिशा में कार्य करें।

धन्यवाद।

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