भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का न्यूजीलैंड के गवर्नर- जनरल द्वारा आयोजित भोज में संबोधन

वेलिंगटन : 08.08.2024

डाउनलोड : भाषण भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का न्यूजीलैंड के गवर्नर-  जनरल द्वारा आयोजित भोज में संबोधन(हिन्दी, 112.58 किलोबाइट)

मुझे और मेरे प्रतिनिधिमंडल का, महामहिम गवर्नर जनरल डेम सिंडी किरो द्वारा व्यक्तिगत तौर पर ध्यान रखने और हम लोगों का गर्मजोशी से स्वागत करने को लेकर मैं अभिभूत हूं। मुझे आपके सुंदर देश में आकर सचमुच बहुत प्रसन्नता हुई है। मैं, न्यूजीलैंड के मिलनसार लोगों के लिए भारत के 1.4 अरब से अधिक लोगों की ओर से हार्दिक स्नेह और शुभकामनाएं व्यक्त करती हूं।

महामहिम डेम किरो, जैसा कि मैंने आज सुबह आपको बताया था, यह न्यूजीलैंड की मेरी पहली यात्रा है। मैंने आपके सुंदर देश के बारे में सुना था; और लेकिन यहां सिर्फ एक दिन के प्रवास में, मैं देख सकती हूं कि यह देश, यहां के लोगों की गर्मजोशी और जीवंतता और अपनी धरा के प्राकृतिक वैभव के लिए क्यों प्रसिद्ध है।

यहां की सुंदर माओरी परंपराओं और समारोहों ने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी है। आपने जिस प्रकार इस बहुमूल्य विरासत को संरक्षित और सुरक्षित रखा है, उसकी मैं हार्दिक प्रशंसा करती हूं।

आज का दिन उपयोगी और सार्थक सिद्ध हुआ। महामहिम और प्रधान मंत्री से रचनात्मक बातचीत हुई। मैंने तकीना प्रदर्शनी केंद्र में शिक्षा सम्मेलन और पुकेहू राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में रोचक सत्र में भाग लिया।

भारत और न्यूजीलैंड ने, कालांतर में, लोकतंत्र और विधि के शासन में निहित साझा मूल्यों पर आधारित आत्मीय और मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित किए हैं। हम दोनों देश विविधता और समावेशिता को महत्व देते हैं जो हमारे समाज के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने में साफ दिखता है। सांस्कृतिक क्षेत्र में हमारे समृद्ध आदान-प्रदान और लोगों के बीच मजबूत संबंधों ने दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सद्भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हमारे द्विपक्षीय संबंधों में तेजी से विस्तार हुआ है और यह तेजी उच्च-स्तरीय संपर्कों और व्यापार, रक्षा और कृषि के साथ-साथ भांति-भांति के क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी से आई है। हमारे शैक्षणिक संस्थानों ने ज्ञान के आदान-प्रदान और नवाचार को बढ़ावा देते हुए सार्थक संबंध स्थापित किए हैं। मुझे खुशी है कि पर्यटन फल-फूल रहा है और दोनों देशों के अधिक से अधिक लोग हमारे विशिष्ट प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृतियों से परिचित हो रहे हैं।

दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीमा शुल्क सहयोग समझौता पर हस्ताक्षर होना एक सकारात्मक कदम है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। मैं, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को मिले न्यूजीलैंड के समर्थन का स्वागत करती हूं, इससे हमें सौर ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और विकास में सहयोग करने के और अवसर मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, हम जल्दी ही ऑकलैंड में अपना वाणिज्य दूतावास खोलेंगे, जो हमारे राजनयिक संबंधों को प्रगाढ़ करने की दिशा में उठाया गया एक और कदम है।

देवियो और सज्जनो,

अब भारत परिवर्तनकारी विकास यात्रा पर अग्रसर है। हम विज्ञान से लेकर खेल और अंतरिक्ष तक, जीवन के सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहे हैं। आज, हम वैश्विक विकास, शांति और स्थिरता में पहले से कहीं अधिक योगदान दे रहे हैं। भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपना झंडा फहराने वाला पहला देश बन गया है। हमने सूर्य का अध्ययन करने के लिए "आदित्य" मिशन भी चलाया है। भारत दुनिया में सबसे तेज 5G सेवा शुरू करने वाला देश बन गया है। भारत में अब एक लाख से अधिक स्टार्टअप चलाए जा रहे हैं, और हम डिजिटल वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

न्यूजीलैंड ने कृषि प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी विकास, स्वच्छ ऊर्जा और आपदा प्रबंधन में असाधारण प्रगति की है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि दोनों देशों की कंपनियां भारत सरकार की "मेक इन इंडिया" पहल के अंतर्गत मिलकर कार्य कर रही हैं। हमारे "चंद्रयान" अंतरिक्ष मिशन में न्यूजीलैंड की कंपनी द्वारा निर्मित चिप्स का उपयोग किया जाना, दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और संभावित सहयोग को दर्शाता है। जब हम भविष्य को देखते हैं तो पाते हैं कि न्यूजीलैंड के साथ हमारे जुड़ाव को गहरा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने की अपार संभावनाएं हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित प्रौद्योगिकी, कृषि प्रौद्योगिकी, वाणिज्यिक अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में सहयोग के उत्साहजनक अवसर उपलब्ध हैं।

हमें गहन सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, शैक्षिक भागीदारी, और खेल-कूद और युवा सहभागिता के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच के संबंधों को और सशक्त करना है।

वैश्विक क्षेत्र में, भारत और न्यूजीलैंड ने जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर मिलकर कार्य किया है। नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और बहुध्रुवीय विश्व के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता से स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के हमारे सामूहिक प्रयासों का पता चलता है। हम क्षेत्रीय और वैश्विक संदर्भ में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।

देवियो और सज्जनो,

हमारे भारतीय भाई-बहन और उनके वंशज पिछले 150 वर्षों से न्यूजीलैंड में रह रहे हैं। भारतीय, न्यूजीलैंड के समाज में पूरी तरह घुल-मिल गए हैं और अब विभिन्न क्षेत्रों में अपना सार्थक योगदान दे रहे हैं। वे दोनों देशों के बीच एक मजबूत जीवंत सेतु का कार्य करते हैं। यह गर्व की बात है कि योग तथा भारतीय संगीत और नृत्य न्यूजीलैंड में लोकप्रिय हो रहे हैं और यहां होली, दीपावली, बैसाखी जैसे भारतीय त्योहार पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं।

मुझे विश्वास है कि आज किए गए विचार-विमर्श से विभिन्न क्षेत्रों में हमारी बढ़ती साझेदारी को और गति मिलेगी। आइए, हम ऐसे भविष्य के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करें जो दोनों देशों और हमारे लोगों के लिए समावेशी, संधारणीय, शांतिपूर्ण और समृद्धिशाली हो।

धन्यवाद! नगा मिही नुई!

इन शब्दों के साथ, देवियो और सज्जनो, आइए हम सब मिलकर:

विनीत मेजबान गवर्नर जनरल डेम सिंडी किरो, महामहिम किंग चार्ल्स तृतीय के अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण,

- न्यूजीलैंड के लोगों की निरंतर प्रगति और समृद्धि, 
- और भारत और न्यूजीलैंड के बीच सदैव मित्रतापूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए,

अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करें।

धन्यवाद।

समाचार पत्रिका के लिए सदस्यता लें

सदस्यता का प्रकार
वह न्यूज़लेटर चुनें जिसकी आप सदस्यता लेना चाहते हैं।
सब्सक्राइबर का ईमेल पता