केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा और भारतीय आर्थिक सेवा के अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

राष्ट्रपति भवन : 27.03.2026

केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (सीपीईएस) और भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों ने आज 27 मार्च, 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी भारत के विकास में अग्रणी भूमिका रहती है, इसलिए उनके द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों से एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायता मिलेगी। उनकी, समावेशी और संधारणीय विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों को स्वरूप प्रदान करने और सुधारों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने उनसे समर्पण और उत्साह के साथ कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हालांकि, उन्हें अपनी सेवा के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन चुनौतियां राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के अपार अवसर प्रदान करती हैं। उन्हें सदा आगे बढ़कर, नवीन सोच और निरंतर सीखने की लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करना है।

केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा (सीपीईएस) के अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि औद्योगिक विकास, नवाचार, जीवन स्तर में सुधार और देश की समग्र सामाजिक-आर्थिक प्रगति में विद्युत का बहुत बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी सेवा के अधिकारी विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण के क्षेत्रों में नियोजन और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं, साथ ही विद्युत प्रणालियों में गुणवत्ता, विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुविचारित अभियांत्रिकी पद्धतियों और नवीन समाधानों के माध्यम से राष्ट्र के विद्युत ढांचे को मजबूती प्रदान करने में सीपीईएस अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक और घरेलू परिवेश को देखते हुए सार्वजनिक सेवा के लिए आर्थिक योजना बनाने और उसे लागू करने का कार्य पहले की अपेक्षा कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि संधारणीय विकास सुनिश्चित करने, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, असमानताओं को समाप्त करने और मुश्किल वक्त में अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में आईईएस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने उन्हें यह स्मरण रखने के लिए कहा कि प्रत्येक आंकड़े के पीछे मनुष्य के जीवन की कहानी रहती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक नीति की सफलता का असली मापदंड केवल आंकड़ें नहीं होते हैं वरन् उसके द्वारा सामने आने वाले परिणाम होते हैं। नीति से लोगों, विशेषकर सबसे कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन में सुधार होना चाहिए।

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