भारत की राष्ट्रपति ने 'एकता और विश्वास के द्वारा स्वर्णिम महाराष्ट्र' के राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ किया
प्रत्येक नागरिक समानता को बढ़ावा देकर, भेदभाव को समाप्त करके और सामुदायिक सेवा में भाग लेकर राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकता है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
राष्ट्रपति भवन : 25.02.2026
भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज 25 फरवरी, 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर स्थित विश्व शांति सरोवर में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित 'एकता और विश्वास के द्वारा स्वर्णिम महाराष्ट्र' के राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि महाराष्ट्र देश में सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास के उदाहरण प्रस्तुत करता रहा है। यह पवित्र भूमि राष्ट्र-निर्माण की उन महान विचारधाराओं और आदर्शों की जन्मभूमि रही है, जिन्होंने भारतवासियों में नवचेतना का संचार किया। छत्रपति शिवाजी महाराज से लेकर महात्मा ज्योतिबा फुले, वासुदेव बलवंत फड़के, महर्षि धोंडो कर्वे, राजर्षि शाहू महाराज, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले, विनायक दामोदर सावरकर और डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे युगपुरुषों के चिंतन, संघर्ष और योगदान ने हमारे राष्ट्र को सशक्त बनाया है। उनके जीवन मूल्यों से मिली प्रेरणा आज भी हमें सही दिशा दिखाती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि महाराष्ट्र अपने उद्योग, कृषि, उद्यमिता, नवाचार, उच्च शिक्षा और अमूल्य सांस्कृतिक परंपराओं के आधार पर भारत की विकास यात्रा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हमारा लक्ष्य ऐसे समग्र विकास की ओर बढ़ना है, जिसका लाभ हर नागरिक तक पहुँचे। इतिहास से प्रेरणा लेकर तथा आधुनिक तकनीक, कौशल-विकास और नवाचार की शक्ति का उपयोग करके एक अधिक सशक्त और समृद्ध महाराष्ट्र तथा भारत के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य करना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान 'एकता और विश्वास के द्वारा स्वर्णिम महाराष्ट्र' नामक कार्यक्रम से महाराष्ट्र के लोगों को आंतरिक शक्ति, सकारात्मक नेतृत्व और मूल्य- आधारित विकास की प्रेरणा मिलेगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि अध्यात्म के माध्यम से लोग मानवीय मूल्यों के प्रति जागरुक और कर्तव्यनिष्ठ बनते हैं। हानिकारक प्रवृत्तियों से मुक्ति, आपसी सौहार्द, नैतिक आचरण, आत्म-संयम, सकारात्मक सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व – ये सभी मिलकर समाज को सशक्त बनाते हैं। जब ऐसे मूल्य जीवन का हिस्सा बनते हैं, तब स्वाभाविक रूप से समाज में विश्वास स्थापित होता है। आपसी विश्वास से समाज में सकारात्मक कार्यों को बढ़ावा मिलता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि एकता और विश्वास वे आधारशिलाएँ हैं जिन पर एक शक्तिशाली राष्ट्र खड़ा होता है। जब समाज में आपसी भरोसा बढ़ता है, तो लोग व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर साझा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मिलजुल कर काम करते हैं। प्रत्येक नागरिक समानता को बढ़ावा देकर, भेदभाव को छोडकर और सामुदायिक सेवाओं में भाग लेकर राष्ट्र-निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत तभी सही अर्थों में विकसित कहलाएगा जब सबको आगे बढ़ने के समान अवसर मिलेंगे, प्रौद्योगिकी विकास का साधन बनेगी और प्रगति का लाभ घर-घर तक पहुँचेगा। उन्होंने इस अभियान के लिए ब्रह्माकुमारीज की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल समाज में एकता और विश्वास को सुदृढ़ करेगी।
