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अभिभाषण

भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द का ताजिकिस्तान में भारतीय समुदाय और भारत मित्रों द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में संबोधन

दुशान्‍बे : 07.10.2018
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भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द का ताजिकिस्तान में भारतीय समुदाय और भार

1. सबसे पहले मैं आपकी गर्मजोशी भरे स्‍वागत के लिए, आप सब को दिल की गहराई से शुक्रिया अदा करता हूं। आज आपसे मिलकर और ताजिकिस्तान की यात्रा पर आकर मुझे बहुत खुशी हुई है। इस देश के साथ,हमारे विशेष और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। भारत के राष्ट्रपति के रूप मेंइस खूबसूरत देश की और मध्‍य एशिया की, यह मेरी पहली यात्रा है। लेकिन, मैं एक दूसरे ख़ास तरीके से, ताजिक लोगों और उनकी संस्कृति के साथ,जुड़ा रहा हूं जो मैं आपके साथ साझा करना चाहता हूं।

2. जब मैं बिहार का राज्यपाल थाउस समय मुझे महान फारसी कवि बेदिल’ के मानवतावाद को,गहराई से जानने का अवसर मिला। उनका जन्‍म बिहार राज्य की राजधानी पटना में हुआ था। ताजिकिस्‍तान के लोगउन्हें बहुत चाहते हैं और उनकी शायरी पर फ़िदा हैं।

3. कल मेरी मुलाक़ात राष्ट्रपति रहमोन के साथ होनी है, और उनके साथ मुझे, भारत-ताजिक रिश्‍तों को आगे बढ़ाने परविचार-विमर्श करना है। वे भारत के घनिष्ठ मित्र हैं, और उन्‍होंने भारत एवं ताजिकिस्तान के आपसी संबंधों को, अपना अटूट समर्थन दिया है।

4. दुशान्‍बे में मेरा स्‍वागत, बहुत गर्मजोशी और प्रेम से किया गया है। जब किसी दूसरे देश में आप अपने लोगों सेअपने भाइयों-बहनों सेमिलते हैं, तब उनके प्रति गहरा अपनत्‍व महसूस होता है। दुनिया के अनेक हिस्सों मेंजहां-जहां भी मैं गया हूं,वहां मुझे भारतीय समुदाय से मिलने, और उन्‍हें संबोधित करने का सुअवसर मिला है। मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि अपने लोगों से, इस प्रकार से मुलाक़ात करते हुए, बहुत उल्‍लास महसूस होता है और इस भावना को मैं, अपने हृदय में सहेज कर रखता हूं।

देवियो और सज्जनो,

5. मुझे बताया गया है कियहां भारतीय समुदाय, बहुत बड़ी संख्‍या में नहीं रहता,लेकिनउनकी ख़ासियत यह है कि वे न केवल आपस मेंबल्कि ताजिक लोगों के साथ भीखूब घुल-मिल गए हैं। अभी-अभी मेरे स्वागत में कुछ ताजिक और भारतीय युवाओं नेखूबसूरत भारतीय सांस्‍कृतिक कार्यक्रम पेश किया है। यह शानदार प्रस्‍तुति इस मेल-जोल का जाहिर सुबूत है और इसने मेरा मन मोह लिया है। मुझे सबसे ज्यादा खुशी यह देखकर हो रही है कि इस देश में भारतीय संस्कृति,भाषा,नृत्य और संगीत के बारे में जानने में गहरी दिलचस्‍पी है। भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड के स्टार,यहां बहुत लोकप्रिय हैं। विचार करें कि ऐसा क्यों हैशायद ऐसा इसलिए है,कि हम दोनों देशों के जीवन के तौर-तरीके मिलते-जुलते हैं,और इसके कारण,हम एक दूसरे को, आसानी से समझ लेते हैं।

6. ताजिकिस्तान और भारत के बीच सांस्कृतिक समानता बहुत है। यह समानता हमारे खानपान में,संगीत में,पहनावे में और भाषा में भी देखी जा सकती है। यहां रह रहे हमारे भारतीय भाई-बहनों को यह सब देख-सुनकर और महसूस करके सुकून होता होगा।

7. भारत और ताजिकिस्तान के बीच, सदियों से,विचार-धाराओंPhilosophy, thoughtऔर religionका आदान-प्रदान होता रहा है। दोनों देशों में सहनशील मानवतावादी परंपराएं फलती-फूलती रही हैं। महान सम्राट कनिष्क का यहां भी उतना ही सम्मान किया जाता है जितना भारत में। बौद्ध धर्म,पारसी और हिंदू मत भी इस देश में फले-फूले। सिल्‍क रूट से, और नदी-घाटियों एवं पहाड़ी दर्रों से होकर,ताजिक कला और शिल्प तथा वाणिज्य और व्यापार की पहुंच भारत तक रही है। आज दोपहर विमान से जब मैंताजिकिस्तान आ रहा था, तो यह देखकर मुझे बहुत खुशी हुई, कि केवलhistory ही नहीं, बल्कि geographyभी दोनों देशों के आपसी जुड़ाव में मददग़ार रही है। ऊपर आकाश से देखें तो लगता है जैसे विशाल पामीर पठार,बांहें पसारे,आलिंगन के लिए हिमालय की ओर,बढ़ता जा रहा हो।

देवियो और सज्जनो,

8. मुझे बताया गया है कि इस देश के भारतीय समुदाय में बड़ी संख्‍या मेडिकल studentsऔर professionals की है। मुझे खुशी है,कि अपनी मेहनत और निष्ठा से,आपने यहां अपने लिए प्रतिष्‍ठा अर्जित की है। आप में से बहुत से लोग, जल्‍दी ही यहां अपनी शिक्षा पूरी कर लेंगे, और देश वापस आकर, हमारी सेहत और स्‍वास्‍थ्‍य के लिए,अपना योगदान देने लगेंगे।

9. मुझे खुशी है कि आपने इस देश में, अपनी cultural traditions को जीवंत बनाए रखा है। मुझे बताया गया कि आपसब यहां, पूरे उल्लास और उत्साह के साथ होलीदीवालीईद और अन्य भारतीय त्योहार मनाते हैं। कभी ऐसा भी था जब खुजांदपंजकंदसमरकंद,बुखारा औरसिल्क रूट पर बसे अन्यमहाननगरों में हमारा भारतीय समुदाय खूब फल-फूल रहा थ। ये नगर यहां से बहुत ज्यादा दूर नहीं हैं।जिस प्रकार आज आप लोग यहां मेले और त्योहार मनाते हैं,वैसे ही कभी वे भी मनाते होंगे।

देवियो और सज्जनो,

10. भारत आज दुनिया की, सबसे तेजी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था हैजो 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहीहै। हमारे आर्थिक सुधारों और विकास आधारित शासन के तौर-तरीकों के अच्छे परिणाम दिखने लगे हैं।वर्षों की अवधि में ही,हमनेदूर-दराज़ में बचे हुए 18000 से अधिक गांवों का विद्युतीकरण करके भारत के प्रत्‍येक गांव तक बिजली पहुंचा दी है। इस उपलब्धि से भारत, बिजली तक पहुंच संबंधीworld Bank की सूची में,73स्थान ऊपर चढ़ कर26वें स्थान पर आ गया है।मेक इन इंडिया’,स्वछ भारतस्टार्ट अप इंडियाऔरडिजिटल इंडियासहित सरकार के प्रमुख कार्यक्रम,तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अपनेउज्ज्वलाकार्यक्रम के जरिए हमने,5 करोड़परिवारों को खाना पकाने की स्वच्छरसोईगैस,उपलब्ध करवा दी है।मुद्रायोजना के ज़रिए हमने,लाखों लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान की है इनमें महिलाओं की संख्‍या सबसे अधिक है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस के माध्‍यम से हमclimate changeका मुक़ाबला करने के लिए दुनिया को एकजुट कर रहे हैं।

11. आज भारत में एक नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप, भारत में अवसरों की तलाश करें और अपने-अपने तरीके सेआर्थिक विकासमें योगदान दें।

12. हम इस वर्ष राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती पूरे विश्‍व में मना रहे हैं।2nd Octoberको बापू के याद में दिल्ली मेंMahatma Gandhi International Sanitation Conventionका आयोजन किया गया जिसमेTajikistanने भी भाग लिया। मैं आशा करता हूं कि आप सब, पूज्‍य बापू के संदेश को, पूरे जोश के साथ, चारों दिशाओं में ले जाएंगे। मुझे भी कल की प्रतीक्षा है, जब मुझे यहां दुशान्‍बे में, उनकी प्रतिमा पर सम्‍मान अर्पित करने का सुअवसर प्राप्‍त होगा।

13. हमारी तरक्‍की में देश का नया आत्मविश्वास झलकता है। हमने अपने अंतरराष्ट्रीय संपर्कों, में उल्लेखनीय विस्‍तार किया है। युगों-युगों से हमवसुधैव कुटुंबकम्’ में विश्‍वास करते आ रहे हैं और विश्‍व भर को अपना परिवार मानते आए हैं। इसीलिए, हमने विषम परिस्‍थितियों या प्राकृतिक आपदाओं में फंसे, केवल अपने लोगों को ही नहीं बचाया है, बल्किअन्य जरूरतमंद लोगों तक भी मदद का हाथ बढ़ाया है। पिछले वर्षों में हमविदेशों में मुसीबत में फंसेनब्‍बे हजार से ज्यादा नागरिकों को, सुरक्षित बाहर लाने में सफल हुए हैं। इनमें 50 से अधिक देशों के नागरिक भी शामिल हैं।

14. पिछले कुछ वर्षों में, आपने महसूस किया होगा कि अपने प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़ने, और उस तक अपनी पहुंच बढ़ाने केहमारी सरकार के तौर-तरीकों मेंएक बड़ा बदलाव आया है। भारत और विदेश में बसे भारतीयों के बीच emotionally, culturally, economically और institutionally तौर पर संबंधइन वर्षों में ज्‍यादा गहरे हुए हैं। हमने, विदेश में बसे अपने लोगों के साथबेहतर संपर्क के लिएभारत को जानिए-क्‍विज़ की शुरुआत की है। हमने अपने मिशनों को निर्देश दिया हैकि वे जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए,चौबीसों घंटे उपलब्‍ध रहें।

15. हम यह मानते हैं कि, अपनी अंतरराष्ट्रीय पहुंच को मजबूत बनाने में, हमारा प्रवासी भारतीय समुदाय, हमारा महत्वपूर्ण साझीदार है। आप में से हर एक भारतीय की भूमिका, भारत के संदेश को फैलाने में महत्‍वपूर्ण है। हां, यह सच है कि यहां हमारे राजदूत नियुक्‍त हैंलेकिन हम आप में से हर भारतीय कोअपना सांस्कृतिक राजदूत मानते हैं। हमें भरोसा है कि आपताजिकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते को, घनिष्‍ठ बनाएंगे। अगले वर्ष हमवाराणसी में 21 से 23 जनवरी तक प्रवासी भारतीय दिवस मनारहे हैं। मैं उस आयोजन में शामिल होने के लिए, आप सभी को आमंत्रित करता हूं।

16. हमारे जो ताजिक मित्र यहां मौजूद हैं, उन के लिए मैं यही कहना चाहता हूं कि क्षमता-निर्माण और विकास के कामों में भारत, अपना सहयोग ताजिकिस्तान को देता रहेगा। मैं इस देश में, भारतीय भाषाओं और भारत-विद्या के शिक्षकोंप्रोफेसरों और विशेषज्ञों के कार्यों की, गहरी सराहना करता हूं। ताजिकिस्तान के प्रसिद्ध indologist प्रोफेसर ह‍बीबुल्‍ला रजाबोव को,इस वर्ष शिक्षा और साहित्य में उनके योगदान के लिए, पद्मश्री प्रदान करके मुझे बहुत खुशी हुई है।

17. अंत में, आप सभी से मैं आग्रह करता हूं कि आप इन दो महान देशों के बीच, गहरी साझेदारी मेंपूरा-पूरा योगदान दें।

धन्यवाद,

जय हिंद!

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