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अभिभाषण

आंध्र विश्वविद्यालय की विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन/शिलान्यास के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविन्द का संबोधन

विशाखापत्तनम, आन्ध्र प्रदेश : 07.12.2017
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आंध्र विश्वविद्यालय की विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन/शिलान्यास के अवसर पर भारत क

1. भारत के राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करने के उपरांत यह विशाखापत्तनम की मेरी पहली यात्रा है। मुझे खुशी है कि मैं इस सुविख्यात और सुसम्मानित उच्च शिक्षा संस्थान आया हूं। हमारे देश में आंध्र विश्वविद्यालय की एक गौरवपूर्ण विरासत है। हमारे दूसरे राष्ट्रपति और मेरे विशिष्ट पूर्ववर्ती,विद्वान और शिक्षाविद डॉ.एस. राधाकृष्णन इस विश्वविद्यालय के दूसरे कुलपति थे। मुझे यह जानकर भी प्रसन्नता हुई है कि आंध्र विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थिंयों में हमारे देश के वर्तमान उपराष्ट्रपति,श्री एम. वैंकेया नायडू तथा वरिष्ठ न्यायाधीश प्रौद्यागिकीविद और कारपोरेट प्रमुख शामिल है

2. इसलिए यहां आने पर,मैं इस विश्वविद्यालय की समृद्ध बौद्धिक विरासत और आंध्र प्रदेश राज्य के प्रति सम्मान प्रकट करता हूं।

3. यहां की मेरी यात्रा में तीन उपलब्धियां शामिल हैं:

I. रक्षा अध्ययन केन्द्र,आंध्र विश्वविद्यालय का उद्घाटन।

II. कम्प्यूटर विज्ञान और प्रणाली इंजीनियरी विभाग,आंध्र विश्वविद्यालय इंजीनियरी कॉलेज के ई-क्लासरूम कॉम्पलैक्स एवं इन्क्यूबेशन सेंटर का शिलान्यास।

III. आंध्र विश्वविद्यालय महिला इंजीनियरी कॉलेज में कक्षा और प्रयोगशाला परिसर का उद्घाटन।

4. ये तीन उपलब्धियों और संस्थान अलग-अलग है परन्तु इनमें एक सामान्य सूत्र शामिल है। यह सूत्र अग्रणी प्रौद्योगिकियों,उनकी समावेशी उपलब्धता तथा सार्वजनिक और कार्यनीतिक महत्व के क्षेत्र में उनके अनुप्रयोग के प्रति आंध्र विश्विद्यालय की निष्ठा है।

5. मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि आंध्र विश्विद्यालय-रक्षा संयुक्त शिक्षा और अनुसंधान कार्यक्रम हमारे देश के किसी भी राज्य विश्वविद्यालय का एक विशिष्ट प्रयास है। मुझे बताया गया है कि हमारी वायुसेना के प्रमुख ने हाल ही में इस विश्वविद्यालय की यात्रा की है और उनकी इस यात्रा ने आंध्र विश्विद्यालय-रक्षा संयुक्त शिक्षा और अनुसंधान कार्यक्रम को एक महत्वपूर्ण गति प्रदान की है।

6. यह अत्यंत संतोष की बात है कि आंध्र विश्वविद्यालय,विशेषकर इसका इंजीनियरी कॉलेज,रक्षा संस्थानों के साथ अनुसंधान और विकास परियोजनाओं से जुड़ा हुआ है।रक्षा अध्ययन केंद्र साइबर सुरक्षा,नैनोटेक्नोलॉजी,राडार और संचार,संक्षारण प्रौद्योगिकी और कार्यनीतिक आयाम वाली अन्य प्रौद्योगिकियों पर ध्यान देगा।

7. इस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और अनुसंधानकर्ता डीआरडीओ और नौसेना अनुसंधान बोर्ड व अन्य संस्थानों के साथ विशेष परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। आंध्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ब्रह्मोस मिसाइल के विकास सहित मिसाइल परियोजनाओं के लिए अनुसंधान और विकास से जुड़े रहे हैं। इसके अतिरिक्त,इस विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता को सिविल इंजीनियरी ढांचागत अनुप्रयोगों और संक्षारण संबंधी मुद्दों के लिए पूर्वी नौसेना कमान के विशाखापत्तनम मुख्यालय द्वारा प्राप्त किया गया।

8. यह वास्तव में उत्कृष्ट कार्य संस्था है। रक्षा और सेना अनुप्रयोगों और प्रौद्योगिकियों सें संबंधित अनुसंधान का हमारे देश को बहुत लाभ होगा। यह मेक इन इंडिया के प्रयासों को तेज करेगा। जैसा कि अन्य देशों के अनुभवों ने दर्शाया हे, रक्षा प्रौद्योगिकियों में ऐसे अनुसंधान से नवान्वेषण हो सकते हैं,जिनके विविध असैन्य अनुप्रयोग होते हैं।

9. उदाहरण के लिए इंटरनेट,सूचना प्रौद्योगिकी में उन्नति तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के विकास ने मानव समाज को बदल दिया है। ये सभी रक्षा प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान से उत्पन्न हुए हैं या उससे तेज हुए हैं। मुझे विश्वास है कि यह भारत का यात्रा पथ होगा और यह विश्वविद्यालय इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण बनेगा।

10. कम्प्यूटर विज्ञान और प्रणाली इंजीनियरी विभाग की भी इस प्रयास में प्रमुख भूमिका होगी। मैं जानता हूं कि यह विश्वविद्यालय का1200 विद्यार्थियों वाला एक विशालतम विभाग होगा। ई-क्लासरूम कॉम्पलैक्स एवं इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन सामाजिक-आर्थिक विकास और रक्षा दोनों में नवान्वेषण करना तथा हमारे देश की आवश्यकताओं के लिए समाधान प्रदान करना है।

11. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जो प्रयास किए गए हैं मैं उनकी सराहना करता हूं। यह शहरी नियोजन और कृषि जैसे बिल्कुल अलग क्षेत्रों में जन सामान्य के लाभ के लिए प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दे रहा है और उसका प्रयोग कर रहा है।

देवियो और सज्जनो

12. हमारे वैज्ञानिक और प्रौद्योगिक संस्थानों में समग्र लैंगिक असंतुलन चिंता का विषय बना हुआ है। इस संदर्भ में मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आंध्र विश्वविद्यालय में 40 प्रतिशत छात्राएं हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि आंध्र विश्वविद्यालय महिला इंजीनियरी कॉलेज के कक्षा तथा प्रयोगशाला कॉम्पलैक्स से उत्कृष्ट महिला इंजीनियरों और प्रौद्योगिकीविदों को तैयार करने की हमारे देश की क्षमता बढ़ेगी।

13. मैं ध्यान दिलाना चाहूंगा कि भारत की प्रगति की सच्ची परीक्षा हमारी बेटियों की शिक्षा तक पहुंच और अवसर है। हमारे कुछ अग्रणी रक्षा और अंतरिक्ष वैज्ञानिक जिन्होंने हमारे मिसाइल कार्यक्रमों और हमारे रॉकेट प्रक्षेपणों को सशक्त बनाया है,महिलएं हैं। मुझे इस सप्ताह की शुरुआत में आगरा में भारत की मिसाइल महिला के रूप में प्रसिद्ध वरिष्ठ डीआडीओ वैज्ञानिक डॉ. टेसी थॉमस को सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनकी जैसी सफल महिला,हमारे युवाओं विशेषकर हमारी छात्राओं के लिए आदर्श हैं।

14. इन शब्दों के साथ,मैं आंध्र विश्वविद्यालय को शुभकामनाएं देता हूं और आप सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। यह विश्वविद्यालय हमारे देश के लिए प्रौद्योगिकी केन्द्र बना रहे। इसके पुरुष और महिला प्रौद्योगिकविद हमारी रक्षा अनुसंधान क्षमताओं के निर्माण में मदद करते रहें।

धन्यवाद ।

जय हिन्द ।

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