भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का ओड़िशा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में ओड़िआ मूल सम्बोधन का हिन्दी रूपान्तरण

राइरंगपुर : 20.06.2026

डाउनलोड : भाषण भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का  ओड़िशा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में  ओड़िआ मूल सम्बोधन का हिन्दी रूपान्तरण(हिन्दी, 143.63 किलोबाइट)

सबसे पहले मैं मयूरभंज की माटी पर भारत के माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत करती हूँ। वे हमारे गाँव पहाड़पुर से होकर यहाँ आए हैं। वहाँ वे आदिवासियों के पवित्र स्थान गोषाणी पीठ और जाहेर थान गए थे। उन्होंने SLS Trust में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से बातचीत भी की। प्रधानमंत्री के रूप में पहाड़‌पुर और राइरंगपुर अंचल में मोदी जी का यह प्रथम शुभागमन है। इससे पहले वर्ष 2004 में वे राइरंगपुर आए थे। तब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

मोदी जी

ओड़िशा के प्रति आप में एक अलग ही स्नेह और श्रद्धा है। अनेक व्यस्तताओं के बावजूद आप यहाँ आए। राइरंगपुर के इस अंचल में अनेक आदिवासी भाई-बहन रहते हैं। अतः आपके यहाँ आने से आज समस्त अंचलवासी, खासकर आदिवासी भाई-बहनों के आनंद की कोई सीमा नहीं है। आज यहाँ अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया है। इनमें मयूरभंज की भी कई महत्वपूर्ण योजनाएँ शामिल हैं। समस्त ओड़िशा के लिए जिन बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास किए गए हैं, उनमें – झारसुगुड़ा में BCGCL Coal Gasification Project, इब थर्मल पावर स्टेशन के stage-2 का Expansion Project, कटक में काठजोड़ी नदी पर High Level सेतु निर्माण, कालाहांडी में Upper Indravati pumped Storage Project इत्यादि शामिल हैं। आज यहाँ जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है, उनमें रेल मार्ग, सड़क मार्ग और सिंचाई से जुड़ी अनेक परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें जखपुरा-जाजपुर-केंदूझरगढ़ रोड-बैतरणी रोड Multi-tracking, हिंदोल रोड-मेरामंडली Multi-tracking, नयागढ़ शहर का Bypass सड़क निर्माण, नयागढ़ जिले के कुसुमी Smart Irrigation Project के अंतर्गत Under Ground Pipe Line निर्माण, कोरापुट जिले के विभिन्न ब्लॉक में पाइप से पानी पहुंचाना इत्यादि परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं। मयूरभंज जिले में जिन दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया है, वे हैं – Rairangpur Sports Complex और Rairangpur जनजातीय गवेषणा व विकास केंद्र। इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र एवं Indoor Badminton Stadium का शिलान्यास भी किया गया है। ये सभी योजनाएँ केवल विकास के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ये सामाजिक न्याय, अवसर की समानता एवं समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। जब प्रगति का सु-फल प्रत्येक गाँव, प्रत्येक परिवार एवं प्रत्येक नागरिक तक पहुंचता है, तब प्रगति सार्थक होती है। आदिवासी अंचलों, दुर्गम क्षेत्रों एवं आकांक्षी जिलों के Human Development मानकों में व्यापक परिवर्तन लाना हमारी प्राथमिकता है। उस दिशा में हमने काफी प्रगति की है। मुझे विश्वास है कि आज जिन परियोजनाओं का उद्‌घाटन हुआ है वे मयूरभंज के साथ-साथ समस्त ओड़िशा के विकास को एक नई दिशा प्रदान करेंगी। जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उनके सम्पन्न होने के बाद इस अंचल व ओड़िशा में विकास का एक नया अध्याय जुड़ जाएगा।

देवियो और सज्जनो,

खेलकूद, आदिवासी जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मयूरभंज के युवक फुटबॉल, हॉकी, तीरंदाजी, कबड्‌डी, खो-खो इत्यादि खेलों में गहरी रुचि रखते हैं। आज Sports Complex का उद्‌घाटन होने से इस अंचल की खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए अधिक अवसर मिलेंगे। इससे उनकी सहज प्रतिभा विकसित होगी और वे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शामिल होकर अपना तथा अपने देश का गौरव बढ़ाएंगे। आज यहाँ जनजातीय गवेषणा और विकास केंद्र का लोकार्पण अत्यंत प्रसन्नता की बात है। यह केंद्र मुख्यतः मयूरभंज, बालेश्वर और केंदूझर जिलों में रहने वाले जनजाति समुदाय की संस्कृति पर गवेषणा करने के साथ ही उसके परिरक्षण, प्रचार-प्रसार और भावी पीढ़ी के लिए संरक्षण की दिशा में भी कार्य करेगा। यह केंद्र जनजाति समाज के नृत्य, गीत, वाद्य, अस्त्र-शस्त्र, कला और जीवनशैली को सुंदर ढंग से प्रदर्शित करके जनजातीय परम्पराओं से विश्व समुदाय को और भी अधिक परिचित कराने के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करेगा।

कोई समाज यदि अपनी संस्कृति की मौलिकता को भूल जाता है तो वह अपना अस्तित्व खो देता है। आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक मौलिकता बचाकर रखने वाला समुदाय वास्तव में समृद्ध रहता है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से जनजातीय समुदायों की भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण का प्रयास किया जा रहा है।

जनजाति संप्रदाय के गौरव और गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए भारत सरकार द्वारा किए गए कार्य प्रशंसनीय हैं। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाती है। देश के विभिन्न स्थानों में जनजातीय संग्रहालय बनाए जा रहे हैं। लंबे समय तक जनसामान्य के स्मृति-पटल से बाहर रखे गए आदिवासी वीरों और वीरांगनाओं के अविस्मरणीय अवदान से लोगों का परिचय कराया जा रहा है। यह केंद्र सरकार का एक अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है।

यहाँ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के Regional Centre एवं Indoor Badminton Stadium का शिलान्यास होना बहुत प्रसन्नता की बात है। इंदिरा गांधी Open University के Regional Centre से सुदूर अंचलों में रहने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त अवसर मिलेंगे। इन अंचलों के युवा, विशेषकर आदिवासी युवक-युवतियाँ इससे लाभान्वित होंगे। Indoor Badminton Stadium के शुभारंभ से इस अंचल के Badminton खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में विशेष सहायता मिलेगी।

देवियो और सज्जनो,

मैं कहीं भी रहूँ, अपने गाँव और अपनी माटी को मैं कभी नहीं भूलती। इस क्षेत्र में कुछ करने के लिए मैं हमेशा तत्पर रहती हूँ। इसी वर्ष मैंने राइरंगपुर में AYUSH Hospital cum Ayurvedic College, Odisha University of Agriculture and Technology Campus, Archery Centre, City Beautification एवं Drainage Upgradation परियोजना इत्यादि का शिलान्यास किया था और राइरंगपुर Holiday Home का उद्‌घाटन भी किया था। उससे पहले मैंने बादामपहाड़-केंदूझरगढ़, बांगिरीपोषी-गोरुमहिषाणी एवं बूढ़ामरा-चाकुलिया रेलपथ का शिलान्यास करने के साथ ही दांडबोष एयरस्ट्रिप, राइरंगपुर सब-डिवीजन अस्पताल में 100 (एक सौ) बेड वाली बिल्डिंग का शिलान्यास किया था। उसी तरह, राइरंगपुर महुलडिआ में NH- 220 के दो-लेन वाले बाइपास रोड का निर्माण, राइरंगपुर-जशीपुर सेक्शन की सड़क के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण का शिलान्यास किया था। टाटानगर- बादामपहाड़ मेमू ट्रेन, बादामपहाड़-राउरकेला एक्सप्रेस ट्रेन और शालीमार- बादामपहाड़ एक्सप्रेस ट्रेन के शुभारंभ तथा राइरंगपुर पोस्टल डिवीज़न के उद्‌घाटन करने का अवसर भी मुझे मिला था। इन सभी कार्यों का उद्देश्य आपके जीवन को बेहतर बनाना है।

देवियो और सज्जनो,

देश के प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व ग्रहण करने के दिन से ही मोदी जी राष्ट्रहित में अनेक कदम उठाते आए हैं। इसी महीने आपने निरंतर निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने का कीर्तिमान स्थापित किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मैं सभी देशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी जी को हार्दिक बधाई देती हूँ। मेरी शुभकामना है कि आप बहुत लंबे समय तक देशवासियों को अपने vision और कार्यों से लाभान्वित करते रहें तथा भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में आगे ले जाएँ।

प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी प्रयास से पूरे देश में 'स्वच्छ भारत मिशन'की शुरुआत हुई थी। देशवासियों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ 'प्रधानमंत्री- आयुष्मान योजना’ , घर-घर में नल से पानी पहुँचाने के लिए 'हर घर नल से जल' योजना, किसान भाई-बहनों को सशक्त बनाने के लिए' प्रधानमंत्री किसान योजना,’ अस्सी करोड़ से अधिक देशवासियों की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' इत्यादि अनेक योजनाएँ देशवासियों के जीवन का संबल बनी हैं।

प्रधानमंत्री जी के प्रभावशाली नेतृत्व से विश्व पटल पर भारत का मान बढ़ा है। कोविड महामारी के समय भारत के सामर्थ्य को पूरे विश्व ने देखा है। उस वैश्विक महामारी के समय भारत ने न केवल देशवासि‌यों के टीकाकरण में सफलता पाई थी, बल्कि दुनिया के अनेक देशों को भी टीका उपलब्ध कराया था। दुनिया में जब भी कहीं कोई आपदा आती है, भारत सबसे पहले वहाँ पहुँचने वाले देश के रूप में सहायता प्रदान करने में सक्षम हुआ है। आज विश्व जब युद्ध से उपजी अशांति और अस्थिरता से होकर गुजर रहा है, ऐसे में भारत ने निरंतर समझौता और शांति का पक्षधर बनकर विश्व समुदाय को यह संदेश दिया है कि युद्ध से नहीं, आपसी बातचीत से ही समस्या का समाधान संभव है।

इस बीच ओड़िशा में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में परिचालित सरकार के दो वर्ष पूरे हुए हैं। इसके लिए मैं श्री माझी को बधाई देती हूँ। माझी जी के नेतृत्व में ओड़िशा में आधारभूत समग्र विकास की धारा बह रही है। मुझे बताया गया है कि विगत दो वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र में ओड़िशा ने विशेष गति प्राप्त की है। राज्य में बंदरगाहों का तेजी से विकास हो रहा है। ओड़िशा को Industrial-Hub के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री माझी की तत्परता प्रशंसनीय है। केंद्र सरकार के सक्रिय सहयोग से राज्य सरकार रेल मार्ग, सड़क मार्ग और जल मार्ग के विकास के लिए अनेक कदम उठा रही है। राज्य में नारी सशक्तीकरण पर ओड़िशा सरकार समुचित ध्यान दे रही है। 'सुभद्रा योजना' इसका एक उत्तम उदाहरण है। ओड़िशा की वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष सम्पन्न होने के अवसर पर आज यहां अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मुझे विश्वास है कि इनसे राज्य के विकास में नए अध्याय की शुरुआत होगी।

केंद्र और राज्य सरकार के सम्मिलित प्रयास से ओड़िशा के आदिवासी वर्ग के कल्याण और उत्थान का नया दौर शुरू हुआ है। इसी क्रम में राज्य के दो और समुदायों को जनजातीय समुदायों की सूची में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री वन-धन योजना के जरिए नब्बे से अधिक लघु वन उत्पादों पर M.S.P. प्रदान करना, माइक्रो क्रेडिट स्कीम के अंतर्गत स्वयं सहायक समूह की आदिवासी बहनों को ऋण देना तथा आदिवासी महिला सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को कम ब्याज पर ऋण प्रदान करना, इन सभी प्रयासों के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी तरह, आदिवासी भाई-बहनों को सिकल सेल एनिमिया रोग से मुक्त कराने के लिए राष्ट्रीय मिशन लागू किया गया है। आदिवासी बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए बड़ी संख्या में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं तथा अनेक विद्यालय निर्माणाधीन हैं।

PVTG भाई-बहनों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री-जनमन योजना एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। आदिवासी बहुल अंचलों में बिजली पहुँचाने के साथ ही दुर्गम इलाकों में इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। आदिवासी ग्रामांचलों में सामाजिक आधारभूत संरचना के विकास के लिए 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' जारी है। जनजाति अंचलों के समग्र विकास, विशेष कर आदिवासी वर्ग के विकास द्वारा अंत्योदय का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों को मैं धन्यवाद देती हूँ।

प्रकृति अनुकूल जीवनशैली ही भारतीय संस्कृति की विशेषता है। हमारी संस्कृति में माटी, पानी, पवन, समुद्र, आकाश, सूर्य, चंद्रमा और ग्रह-नक्षत्रों को देवता माना गया है। जनजाति समुदाय के लोग प्रकृति को सम्मान की भावना से प्राकृतिक संसाधनों का कम से कम उपयोग करके प्रकृति, पर्यावरण और वन-संपदा की सुरक्षा का संदेश देते आए हैं। हमें आदिवासी भाई-बहनों की जीवनशैली से सीख लेते हुए प्राकृतिक संपदा का यथासंभव कम से कम उपयोग करना चाहिए। ऐसा करके हम आनेवाली पीढ़ियों के लिए अपनी सुंदर धरा को सुरक्षित रख पाएंगे।

राइरंगपुर पधारने के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को पुनः धन्यवाद देती हूँ। आप सबको धन्यवाद देते हुए मैं अपना वक्तव्य समाप्त करती हूँ।

जय हिन्द, जय भारत, बंदे उत्कल जननी।

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