भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सम्बोधन
केवड़िया : 22.09.2026
डाउनलोड : भाषण
(हिन्दी, 121.38 किलोबाइट)
सभी पुरस्कार विजेताओं को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। विशेष प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर आप ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इसके लिए मैं आप सबकी सराहना करती हूं।
एक फिल्म को बनाने में बहुत से लोगों का योगदान होता है। आप सभी पुरस्कार विजेताओं से मैं यह अनुरोध करती हूं कि अपनी टीम के उन सभी सदस्यों तक भी मेरी सराहना अवश्य पहुंचाएं जिनके योगदान से आपकी पुरस्कृत फिल्म का निर्माण संभव हुआ।
श्री अनंत नाग को भारतीय फिल्म जगत के सर्वोच्च सम्मान, दादासाहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित करके मुझे बहुत प्रसन्नता हुई है। पिछले वर्ष उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित करने का अवसर मुझे मिला था। बहुत छोटी उम्र से ही वे रंगमंच के प्रख्यात लोगों के साथ जुड़ गए थे। अपने पहले नाटक में उन्होंने चैतन्य महाप्रभु की प्रमुख भूमिका निभाई और दूसरे नाटक में गौतम बुद्ध की। फिल्मों में उनका अभिनय थिएटर और सिनेमा के श्रेष्ठ आयामों का समन्वय प्रस्तुत करता है। फिल्मों का गंभीर अध्ययन करने वाले लोग मानते हैं कि उनका अभिनय सहज यानी natural, संयत यानी restrained और प्रामाणिक यानी authentic, होता है। वे कलाकारों की भावी पीढ़ियों के लिए आदर्श प्रस्तुत करते हैं।
देवियो और सज्जनो,
यहां, एकता नगर में, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन करने के लिए मैं सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी तथा उनकी पूरी टीम की सराहना करती हूं। यहां अनेक भाषाओं एवं विभिन्न क्षेत्रों में बनी फिल्मों से जुड़े लोग उपस्थित हैं। सभी भाषाओं और क्षेत्रों की फिल्मों में हमारे भारत की छवि दिखाई देती है। भारतीय फिल्मों में, हम भारत के लोगों के सपने हैं, परम्पराएं हैं, संघर्ष हैं, और भविष्य की संभावनाएं भी है। उत्कृष्ट फिल्मों को सम्मानित करने का यह समारोह Statue of Unity के प्रांगण में, Wall of Unity के समीप, आयोजित हो रहा है। ऐसा लगता है कि भारत की सांस्कृतिक एकता के इस महोत्सव को स्वाधीन भारत की एकता के शिल्पकार, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल स्वयं आशीर्वाद दे रहे हैं।
साढ़े पांच सौ से अधिक रियासतों का विलय करके, सरदार पटेल ने स्वाधीन भारत की एकता का मानचित्र सुनिश्चित किया था। एकता नगर का यह क्षेत्र भी एक रियासत का हिस्सा था। विश्व के सबसे विशाल लोकतन्त्र को आकार देने वाले सरदार पटेल की विश्व में सबसे ऊंची प्रतिमा यहां शोभायमान है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अद्भुत परिकल्पना को जाता है। आज पुरस्कृत फिल्मों में ‘Statue of Unity – एकता का प्रतीक’ भी शामिल है।
देवियो और सज्जनो,
आज पुरस्कृत फिल्मों का एक संक्षिप्त विवरण मुझे दिया गया था। इन फिल्मों के बारे में जानकर मैं आप सबके योगदान से बहुत प्रभावित हुई हूं। मैं आप सबकी सराहना करती हूं।
राष्ट्रीय एकता के एक विशेष अध्याय को उजागर करने वाली फिल्म ‘Article 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया गया है। यह फिल्म देश की एकता से जुड़ी गंभीर चुनौतियों और उनके समाधान का जीवंत विवरण प्रस्तुत करती है। इस फिल्म की पूरी टीम को मैं बधाई देती हूं। सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार प्राप्त करने के लिए सुश्री यामी गौतम धर की मैं विशेष सराहना करती हूं।
सर्वश्रेष्ठ non-feature-film ‘भंगार’, जीवन और मृत्यु, सार्थकता और निरर्थकता से जुड़े अनदेखे आयामों को अभिव्यक्त करती है। ऐसे असाधारण विषय पर हृदय-स्पर्शी फिल्म बनाने के लिए मैं निर्माता-निर्देशक सुश्री सुमीरा रॉय और उनकी पूरी टीम की सराहना करती हूं।
चौथी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले श्री मम्मूट्टी को मैं विशेष बधाई देती हूं। इसी वर्ष उन्हें पद्म भूषण से अलंकृत करने का अवसर मुझे मिला था।
देवियो और सज्जनो,
वर्ष 1970 में वीर सावरकर की जयंती के अवसर पर भारत के इस महान सपूत की स्मृति में एक डाक टिकट जारी किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में ‘अंडमान और निकोबार द्वीप-समूह’ के हवाई अड्डे को Veer Savarkar International Airport का नाम दिया गया। आज पुरस्कृत फिल्मों में शामिल ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’, उनकी असाधारण जीवनगाथा के प्रति एक कलात्मक श्रद्धांजलि है। इस फिल्म के निर्देशन के लिए पुरस्कार प्राप्त करने पर श्री रणदीप हुड्डा को मैं बधाई देती हूं।
कुछ लोगों की जीवन-गाथा बहुत प्रेरक होती है। मैं मानती हूं कि ऐसे प्रेरक व्यक्तियों पर biopic बनाना बहुत सराहनीय कार्य है। बचपन से खेल-जगत में प्रसिद्ध होने का सपना देखने वाले, भारतीय सैनिक श्री मुरलीकांत पेटकर 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान घायल हो गए। गंभीर चुनौतियों के बावजूद अपने साहस और दृढ़ संकल्प के बल पर वर्ष 1972 में वे Paralympics में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले दिव्यांग खिलाड़ी बने थे। वर्ष 2018 में, श्री पेटकर को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
उनके चरित्र को अपने अभिनय से जीवंत बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार प्राप्त करने वाले श्री कार्तिक आर्यन को मैं बधाई देती हूं।
‘भक्षक’ नामक फिल्म, महिला-सुरक्षा के अत्यंत गंभीर विषय पर समाज को जागृत करती है। बेटियों की सुरक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के प्रति समाज को कृतज्ञ रहना चाहिए। इस विषय की संवेदनशील अभिव्यक्ति के लिए फिल्म की पूरी टीम को मैं विशेष साधुवाद देती हूं।
संताली फिल्म ‘आंगेन’ के राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत होने से एक उत्कृष्ट फिल्म को तो प्रोत्साहन मिला ही है साथ-साथ, सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समावेश को बढ़ावा मिला है। इस फिल्म के निर्देशन के लिए पुरस्कृत श्री रवि राज मुर्मु को मैं बधाई देती हूं।
सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म को पुरस्कृत करना तथा बाल कलाकारों को पुरस्कार देना देश के भविष्य में कलात्मक निवेश है। इस वर्ष पुरस्कार प्राप्त करने वाले बाल कलाकारों आतिश शेट्टी, अरुणदेव पोथुला, रिद्धिमान बनर्जी, तपोमोय देब एवं गीताश्री चक्रवर्ती को मैं बहुत-बहुत बधाई और आशीर्वाद देती हूं।
आज पुरस्कृत सभी फिल्में उल्लेखनीय हैं। परंतु, समय की सीमा के कारण मैं कुछ फिल्मों का ही उल्लेख कर पाई हूं। मैं एक बार फिर सभी पुरस्कृत फिल्मों से जुड़े लोगों को बधाई देती हूं।
समाज और राष्ट्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर बनी फिल्मों का चयन करने के लिए मैं Jury के सदस्यों की सराहना करती हूं। मैं चाहूंगी कि प्रत्येक regional jury में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। किसी भी क्षेत्र में महिलाओं के दृष्टिकोण को शामिल करके ही समग्र मानवीय दृष्टि का निर्माण संभव होता है।
देवियो और सज्जनो,
आप सब creative economy के प्रमुख प्रतिनिधि हैं। आप सब यह ध्यान रखें कि इस economy को योगदान देने वाले मजदूरों, छोटे कलाकारों, सहायकों और संघर्षरत लोगों को सम्मान मिले और सामाजिक सुरक्षा मिले। मैंने पिछले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में यह अनुरोध किया था कि पूरी टीम के सभी सदस्यों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव रखना फिल्म उद्योग के work culture का हिस्सा होना चाहिए। मुझे आशा है कि आप सब मेरे इस अनुरोध पर ध्यान दे रहे होंगे।
देवियो और सज्जनो,
जो फिल्म कलाकार बहुत लोकप्रिय होते हैं उनमें देशवासियों को, विशेषकर युवाओं को, प्रभावित करने की असीम क्षमता होती है। जब सफल फिल्म कलाकार disciplined lifestyle के फायदे के बारे में बताते हैं तो करोड़ों बच्चे और युवा उनका अनुकरण करते हैं। मैं यह अनुरोध करना चाहूंगी कि लोकप्रिय कलाकार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का endorsement न करें। Star वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।
देश में बन रही अच्छी फिल्मों के बारे में जानकर मेरा यह विश्वास और दृढ़ होता है कि हमारी फिल्में गुणवत्ता यानी quality के विश्व-स्तरीय प्रतिमान बनाएंगी। मैं आप सबके और फिल्म उद्योग के स्वर्णिम भविष्य की कामना करती हूं।
धन्यवाद!
जय हिन्द!
जय भारत!
