भारत की राष्ट्रपति अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा पांच बिलियन भोजन परोसने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं

यह अत्यंत आवश्यक है कि हमारे बच्चों के पास पौष्टिक भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहज रूप से उपलब्ध हो : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति भवन : 17.03.2026

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज 17 मार्च, 2026 को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा पांच बिलियन भोजन परोसने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं।

इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शैक्षणिक उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए पांच बिलियन भोजन परोसना अक्षय पात्र फाउंडेशन की उल्लेखनीय उपलब्धि है। इस कार्यक्रम का विषय, ‘सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत’ है जो वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के हमारे राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दृष्टि से स्वस्थ एवं शिक्षित समाज के महत्व को रेखांकित करता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल हो, यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। शिक्षक, अभिभावक, सामाजिक संस्थाएं, कार्पोरेट जगत और समाज का हर वर्ग मिलकर ही आने वाली पीढ़ी के लिए सुदृढ़ नींव तैयार कर सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, पौष्टिक भोजन, अच्छा स्वास्थ्य और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिले। ये आधार बच्चों के समग्र विकास को संभव बनाते हैं। 

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा वह महत्वपूर्ण  साधन है जो किसी व्यक्ति के जीवन में उपलब्ध अवसरों को निर्धारित करती है तथा उसकी सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। शिक्षा परिवर्तन और सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम है। सशक्तीकरण और क्षमता- निर्माण की प्रक्रिया तब से ही आकार लेने लगती है जब बच्चे विद्यालय जाना शुरू करते हैं। विद्यालय ही बच्चों को वह कौशल और अनुभव प्रदान करता है जो उसके लिए दैनिक जीवन की चुनौतियों को प्रभावी रूप से पार करने और उत्तरदायी, विवेकशील नागरिक बनने के लिए जरूरी है। उन्होंने पिछले 25 वर्षों से स्कूलों में मध्याह्न भोजन पहुंचाकर बच्चों में कुपोषण की समस्या का समाधान करने और उन्हें शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य करने के लिए अक्षय पात्र फाउंडेशन की प्रशंसा की।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि हमारे बच्चे, जो राष्ट्र का भविष्य हैं, उन्हें पौष्टिक भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सहज रूप से उपलब्ध हो। भारत सरकार ने गर्भवती माताओं और बच्चों को पर्याप्त पोषण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत संचालित विद्यालय में दोपहर का भोजन कार्यक्रम अभिभावकों को अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन सिद्ध हुआ है। अनेक अध्ययन इस बात को प्रमाणित करते हैं कि इस कार्यक्रम के परिणामस्वरूप विद्यालयों में बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और पढ़ाई जारी रखने में वृद्धि हुई है। साथ ही, उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि अक्षय पात्र फाउंडेशन 'समग्र शिक्षा अभियान' के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करना है।

राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चे केवल निःशुल्क भोजन कार्यक्रम के लाभार्थी नहीं हैं। वे देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता हैं। आज उन्हें जो पौष्टिक भोजन मिल रहा है, वह हमारे राष्ट्र की मानव पूंजी में किया गया निवेश है। स्वस्थ, शिक्षित और ऊर्जावान बच्चे ही आगे चलकर भारत की कार्यशक्ति बनेंगे और वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

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